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फसल सूखने के सदमे से किसान की मौत
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
Updated Sat, 13 Feb 2016 11:13 PM IST
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पानी न मिलने से मटर की फसल को सूखता देखकर किसान की हालत बिगड़ गई और सदमे
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से उसकी मौत हो गई। मौके पर ग्रामीणाें की भीड़ लग गई। सूचना पाकर मौके पर
भाकियू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पहुंचे और किसान के परिजनाें को ढाढ़स
बंधाया। उन्हाेंने मामले की जानकारी डीएम रामगणेश को दी तो उन्हाेंने गांव
लेखपाल को भेजकर जांच कराई है।
डकोर थाना क्षेत्र के गांव काबिलपुरा निवासी रामगोपाल (58) पुत्र बेनी प्रसाद के पास एक हेक्टेयर जमीन है। कई सालाें से लगातार सूखा व अन्य प्राकृतिक आपदाआें के कारण उसने बैंक व साहूकाराें से करीब पांच लाख रुपये का कर्ज भी ले रखा था। इस बार भी बारिश नहीं होने से उसकी फसल सूख रही थी। वह चार दिन से सिंचाई के लिए पानी के लिए दौड़ लगा रहा था
लेकिन पानी नहीं मिल पा रहा था। परिजनों के मुताबिक शनिवार को रामगोपाल सुबह फावड़ा लेकर खेत पर गया था लेकिन पानी का इंतजाम न हो पाने से खेत की मेड़ पर बैठ गया और सदमे से उसकी मौत हो गई। आसपास के किसानाें ने देखा तो
परिजनाें को सूचना दी। सूचना मिलने पर भाकियू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बलराम लंबरदार पहुंचे और डीएम रामगणेश को मामले से अवगत कराया। उन्होंने किसान के परिजनाें को मुआवजा दिए जाने की मांग की है। डीएम ने गांव में लेखपाल व कानूनगो को भेजकर जांच करवाने की बात कही है।
डकोर थाना क्षेत्र के गांव काबिलपुरा निवासी रामगोपाल (58) पुत्र बेनी प्रसाद के पास एक हेक्टेयर जमीन है। कई सालाें से लगातार सूखा व अन्य प्राकृतिक आपदाआें के कारण उसने बैंक व साहूकाराें से करीब पांच लाख रुपये का कर्ज भी ले रखा था। इस बार भी बारिश नहीं होने से उसकी फसल सूख रही थी। वह चार दिन से सिंचाई के लिए पानी के लिए दौड़ लगा रहा था
लेकिन पानी नहीं मिल पा रहा था। परिजनों के मुताबिक शनिवार को रामगोपाल सुबह फावड़ा लेकर खेत पर गया था लेकिन पानी का इंतजाम न हो पाने से खेत की मेड़ पर बैठ गया और सदमे से उसकी मौत हो गई। आसपास के किसानाें ने देखा तो
परिजनाें को सूचना दी। सूचना मिलने पर भाकियू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बलराम लंबरदार पहुंचे और डीएम रामगणेश को मामले से अवगत कराया। उन्होंने किसान के परिजनाें को मुआवजा दिए जाने की मांग की है। डीएम ने गांव में लेखपाल व कानूनगो को भेजकर जांच करवाने की बात कही है।