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Jalaun News: पारा चढ़ते ही परिषदीय स्कूलों में घट गई बच्चों की संख्या
Fri, 26 Apr 2024 04:34 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
Updated Fri, 26 Apr 2024 04:34 AM IST
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कदौरा। जैसे-जैसे तापमान बढ़ रहा है। वैसे-वैसे परिषदीय स्कूलों में बच्चों की संख्या लगातार घटती जा रही है। स्थिति यह है कि ब्लॉक क्षेत्र के अधिकांश परिषदीय स्कूलों में 50 फीसदी से भी कम बच्चे उपस्थित रह पा रहे हैं। इसे लेकर शिक्षक भी परेशान हैं। आने वाले दिनों में पारा और चढ़ेगा। ऐसे में यह माना जा रहा है कि बच्चों की संख्या और भी घट सकती है। हालांकि शिक्षक संगठन लगातार अभिभावकों से बच्चों को स्कूल भेजने के लिए डोर टू डोर संपर्क कर रहे हैं।
एक अप्रैल से नया शैक्षिक सत्र शुरू हो चुका है। बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में नामांकन की प्रक्रिया चल रही है। इसके लिए जागरूकता रैली भी निकाली जा रही है। लेकिन कुछ दिनों में तापमान इस कदर अपना असर दिखा रहा है कि उसका प्रभाव स्कूलों में बच्चों की कम उपस्थिति के रूप में देखने को मिल रहा है।
अधिकांश परिषदीय स्कूलों में इन दिनों पचास फीसदी से भी कम बच्चे उपस्थित हो रहे हैं। बच्चों की उपस्थिति बढ़े, इसके लिए शिक्षक घर-घर जाकर अभिभावकों से संपर्क कर रहे हैं। लेकिन गर्मी का बहाना बनाकर अभिभावक भी बच्चों को स्कूल भेजने से बच रहे हैं।
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राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के कोषाध्यक्ष राकेश कुमार ने बताया कि साढ़े सात से एक बजे तक पढ़ाई की जा रही है। इससे छोटे बच्चों के साथ शिक्षकों को भी परेशानी हो रही हैं। इसका समय बदल कर सुबह सात से 12 बजे दोपहर तक किया जाए,अधिकतर विद्यालयों में बच्चों को लू से बचाने के लिए ओआरएस पाउडर का घोल तक की व्यवस्था की गई है। ठंडे पानी की के लिए घड़े रखवा दिए गए हैं।
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एक अप्रैल से नया शैक्षिक सत्र शुरू हो चुका है। बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में नामांकन की प्रक्रिया चल रही है। इसके लिए जागरूकता रैली भी निकाली जा रही है। लेकिन कुछ दिनों में तापमान इस कदर अपना असर दिखा रहा है कि उसका प्रभाव स्कूलों में बच्चों की कम उपस्थिति के रूप में देखने को मिल रहा है।
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अधिकांश परिषदीय स्कूलों में इन दिनों पचास फीसदी से भी कम बच्चे उपस्थित हो रहे हैं। बच्चों की उपस्थिति बढ़े, इसके लिए शिक्षक घर-घर जाकर अभिभावकों से संपर्क कर रहे हैं। लेकिन गर्मी का बहाना बनाकर अभिभावक भी बच्चों को स्कूल भेजने से बच रहे हैं।
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राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के कोषाध्यक्ष राकेश कुमार ने बताया कि साढ़े सात से एक बजे तक पढ़ाई की जा रही है। इससे छोटे बच्चों के साथ शिक्षकों को भी परेशानी हो रही हैं। इसका समय बदल कर सुबह सात से 12 बजे दोपहर तक किया जाए,अधिकतर विद्यालयों में बच्चों को लू से बचाने के लिए ओआरएस पाउडर का घोल तक की व्यवस्था की गई है। ठंडे पानी की के लिए घड़े रखवा दिए गए हैं।