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बाढ़ से सैकड़ों एकड़ फसल नष्ट
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
Updated Wed, 24 Aug 2016 11:01 PM IST
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रायड नाले पर चलती नाव।
- फोटो : अमर उजाला
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यमुना नदी का जलस्तर फिलहाल घटा है। इससे जहां लोगों ने राहत की सांस की है लेकिन, स्थिति अभी भी अच्छी नहीं है। लगातार हो रही भारी वर्षा से सिंधु नदी, क्वारी नदी, पहुज नदी व चम्बल नदी में आयी बाढ़ का पानी छोडे़ जाने से मंगलवार को बढ़ा यमुना नदी का जल स्तर खतरे का निशान 108 मी.पार कर गया था। इससे महेबा ब्लाक के गांव मगरौल,
शेखपुर गुढ़ा, गुढाखास ,मैनूपुर, हीरापुर ,देवकली सहित तमाम गांव पानी से घिर गये। खेतों में खड़ी किसानों की मिर्च, तिली, उर्द, मूंग, बाजरा व ज्वार की फसलें नष्ट हो गयी हैं। इसी तरह कदौरा ब्लाक के गांव रायड़ दिवारा पूरी तरह पानी से घिर गया है। ज्वार, बाजरा तिली, उर्द और मूंग आदि की खडी फसलें पूरी तरह नष्ट हो गयी हैं। वहीं, जौधर नाला व रायण
नाले पर दोंनो जगहों पर बुधवार भी लोगों को निकालने के लिए नाव चलती दिखीं। रायंड गांव किसान लाला निषाद व देवकली के किसान उमाशंकर निषाद का कहना है कि किसानों की
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फसलों का नुकसान होने व गांव पानी से घिरे होने की सूचना के बाद आज तक कोई अधिकारी मौके पर नही आया। केन्द्रीय जल आयोग के कर्मचारी हरदयाल के अनुसार यमुना नदी का जल स्तर धीरे- धीरे घट रहा है। शाम चार बजे तक खतरे का निशान 108 मी.पर पानी बह रहा था।
प्रार्थना पत्र लेकर टरकाया
ब्लाक महेबा के ग्राम देवकली के किसान व पूर्व प्रधान उमाशंकर निषाद व कीरतपुर के पूर्व प्रधान कढोरे लाल निषाद व रामसिह हीरापुर आदि कई गांव के एक दर्जन किसान बाढ़ से तबाह हुई फसल का बीमा दिलाने के लिए एसडीएम से मिले और प्रार्थना पत्र दिया लेकिन एसडीएम ने प्रार्थना नही लिया और न ही समस्या सुनी। उन्होंने उरई जाने की बात कह कर टरका दिया। किसानों का कहना है कि एसडीएम अभी तक बाढ़ पीडितों से नही मिले। वे रपटे पर जाकर फोटो खिंचवा कर चले आये उन्होंने कहा कि इस सम्बन्ध में डीएम से मिलेंगे।
पानी से घिरा गांव
कदौरा ब्लाक के गांव रायड़ दिवारा निवासी किसान लाला निषाद, रामप्रकाश व प्रकाश निषाद का कहना है कि यमुना नदी में आयी बाढ़ से आया वहूरा गांव पानी से घिर गया है तथा मूंग,अरहर,ज्वार बाजरा ,तिली आदि की फसलें नष्ट हो गयी हैं लेकिन, कोई अधिकारी अभी तक मौके पर नहीं आया वहीं, कालपी जाने के लिए रायण नाले पर चल रही नाव का सहारा ले रहे है।
दर्जन भर गांवों का संपर्क टूटा
यमुना नदी में आयी बाढ़ के कारण महेबा ब्लाक के एक दर्जन गॉवों मंगरौल, देवकली शेखपुर, गुढाखास व कदौरा ब्लाक के रायण दिवारा ,गुलौलीं सुरौली,सुरौला आदि कई गांवो का सम्पर्क कालपी से टूट गया है तथा जौधर नाले व रायण नाले पर नाव चल रही है।
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शेखपुर गुढ़ा, गुढाखास ,मैनूपुर, हीरापुर ,देवकली सहित तमाम गांव पानी से घिर गये। खेतों में खड़ी किसानों की मिर्च, तिली, उर्द, मूंग, बाजरा व ज्वार की फसलें नष्ट हो गयी हैं। इसी तरह कदौरा ब्लाक के गांव रायड़ दिवारा पूरी तरह पानी से घिर गया है। ज्वार, बाजरा तिली, उर्द और मूंग आदि की खडी फसलें पूरी तरह नष्ट हो गयी हैं। वहीं, जौधर नाला व रायण
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नाले पर दोंनो जगहों पर बुधवार भी लोगों को निकालने के लिए नाव चलती दिखीं। रायंड गांव किसान लाला निषाद व देवकली के किसान उमाशंकर निषाद का कहना है कि किसानों की
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फसलों का नुकसान होने व गांव पानी से घिरे होने की सूचना के बाद आज तक कोई अधिकारी मौके पर नही आया। केन्द्रीय जल आयोग के कर्मचारी हरदयाल के अनुसार यमुना नदी का जल स्तर धीरे- धीरे घट रहा है। शाम चार बजे तक खतरे का निशान 108 मी.पर पानी बह रहा था।
प्रार्थना पत्र लेकर टरकाया
ब्लाक महेबा के ग्राम देवकली के किसान व पूर्व प्रधान उमाशंकर निषाद व कीरतपुर के पूर्व प्रधान कढोरे लाल निषाद व रामसिह हीरापुर आदि कई गांव के एक दर्जन किसान बाढ़ से तबाह हुई फसल का बीमा दिलाने के लिए एसडीएम से मिले और प्रार्थना पत्र दिया लेकिन एसडीएम ने प्रार्थना नही लिया और न ही समस्या सुनी। उन्होंने उरई जाने की बात कह कर टरका दिया। किसानों का कहना है कि एसडीएम अभी तक बाढ़ पीडितों से नही मिले। वे रपटे पर जाकर फोटो खिंचवा कर चले आये उन्होंने कहा कि इस सम्बन्ध में डीएम से मिलेंगे।
पानी से घिरा गांव
कदौरा ब्लाक के गांव रायड़ दिवारा निवासी किसान लाला निषाद, रामप्रकाश व प्रकाश निषाद का कहना है कि यमुना नदी में आयी बाढ़ से आया वहूरा गांव पानी से घिर गया है तथा मूंग,अरहर,ज्वार बाजरा ,तिली आदि की फसलें नष्ट हो गयी हैं लेकिन, कोई अधिकारी अभी तक मौके पर नहीं आया वहीं, कालपी जाने के लिए रायण नाले पर चल रही नाव का सहारा ले रहे है।
दर्जन भर गांवों का संपर्क टूटा
यमुना नदी में आयी बाढ़ के कारण महेबा ब्लाक के एक दर्जन गॉवों मंगरौल, देवकली शेखपुर, गुढाखास व कदौरा ब्लाक के रायण दिवारा ,गुलौलीं सुरौली,सुरौला आदि कई गांवो का सम्पर्क कालपी से टूट गया है तथा जौधर नाले व रायण नाले पर नाव चल रही है।