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Jalaun News: शेरगढ़ पुल बंद होने से दो हजार छात्रों की पढ़ाई पर संकट
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उरई/ कुठौंद। जालौन और औरैया को जोड़ने वाला यमुना नदी पर बना शेरगढ़ पुल 15 जुलाई से मरम्मत के चलते एक महीने के लिए बंद कर दिया जाएगा। पुल बंद होने से औरैया पढ़ने जाने वाले दो हजार छात्रों के स्कूल जाने पर भी संकट के बादल मडराने लगे हैं। इसके साथ ही प्रतिदिन औरैया मजदूरी करने वाले मजदूरों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा।
मरम्मत के चलते यमुना नदी पर बने शेरगढ़ पुल को 15 जुलाई से एक माह के लिए बंद किया जा रहा है। कुठौंद क्षेत्र से करीब दो हजार छात्र-छात्राएं पढ़ाई के लिए औरैया स्कूल और कोचिंग जाते हैं। पुल बंद होने से उनकी पढ़ाई भी प्रभावित हो जाएगी। दरअसल, 30 किलोमीटर की आने-जाने की दूरी में उन्हें अभी एक घंटे से भी कम का समय लगता था। वहीं पुल बंद होने से यह दूरी बढ़कर 190 किलोमीटर हो जाएगी। उन्हें आने-जाने में ही छह से सात घंटे लग जाएंगे।
पुल बंद होने की सूचना से अभिभावकों को बच्चों की पढ़ाई की चिंता सता रही है। इसके साथ ही कानपुर-लखनऊ जाने वाले मरीजों को भी लंबा सफर तय करना पड़ेगा।
शेरगढ़ पुल की मरम्मत के लिए बरेली की एमएस बिल्डर कंपनी को टेंडर मिला है। कंपनी के द्वारा पुल के सातवीं और आठवीं स्पेन की आठ बेयरिंग बदली जाएगी। दोनों तरफ की पुरानी विंग वॉल तोड़कर नई बनाई जाएगी। 200 मीटर में पिचिंग का काम होगा। मरम्मत में साढ़े चार करोड़ रुपये से ज्यादा का खर्च होगा। (संवाद)
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पुल बंद होने से बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से जाना होगा
बता दें कि अब तक कुठौंद से औरैया पहुंचने में बाइक सवारों को महज चालीस से पचास रुपये खर्च करने पड़ते थे। पुल बंद होने के बाद उन्हें बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के जरिए जाना होगा। इससे दूरी 30 से बढ़कर 190 किलोमीटर हो जाएगी। इस अतिरिक्त सफर में ईंधन और टोल मिलाकर अतिरिक्त खर्च होगा। कार सवार पहले सात सौ से आठ सौ में पहुंच जाते थे, अब उन्हें ढाई हजार से तीन हजार रुपये तक जेब ढीली करनी पड़ेगी। पुल बंद होने से सौ गांवों की करीब एक लाख की आबादी पर सीधा असर पड़ेगा। जिम्मेदारों ने कार्य दाई संस्था को मरम्मत करके पुल को दोबारा शुरू करने के लिए एक महीने का समय दिया है।
मजदूरों के सामने हो जाएगा आर्थिक संकट
शेरगढ़ पुल बंद होने से सबसे ज्यादा मार औरैया जाकर दिहाडी मजदूरी करने वालों हजारों मजदूरों पर पड़ेगी। कुठौंद, नैनापुर, शंकरपुर, लोहई, टिकरी, भदेख, शनगढ़, रोमई, दौलतपुर आदि गांव के मजदूर औरैया में निर्माण कार्य, रंगाई पुताई, कारखाने आदि में प्रतिदिन काम करने जाते हैं। पुल बंद हो जाने से अगर वह बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे होते हुए जाएंगे तो उनके 300 रुपये किराये में ही खर्च हो जाएंगे।
वर्जन
पुल को 15 तारीख की सुबह तक दोनों तरफ दीवार बनाकर बंद कर दिया जाएगा। मौखिक आदेश मिल गया है। लिखित आदेश मिलते ही बंद कर दिया जाएगा।
रिहान, साइड इंजीनियर एएम बिल्डर बरेली
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मरम्मत के चलते यमुना नदी पर बने शेरगढ़ पुल को 15 जुलाई से एक माह के लिए बंद किया जा रहा है। कुठौंद क्षेत्र से करीब दो हजार छात्र-छात्राएं पढ़ाई के लिए औरैया स्कूल और कोचिंग जाते हैं। पुल बंद होने से उनकी पढ़ाई भी प्रभावित हो जाएगी। दरअसल, 30 किलोमीटर की आने-जाने की दूरी में उन्हें अभी एक घंटे से भी कम का समय लगता था। वहीं पुल बंद होने से यह दूरी बढ़कर 190 किलोमीटर हो जाएगी। उन्हें आने-जाने में ही छह से सात घंटे लग जाएंगे।
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पुल बंद होने की सूचना से अभिभावकों को बच्चों की पढ़ाई की चिंता सता रही है। इसके साथ ही कानपुर-लखनऊ जाने वाले मरीजों को भी लंबा सफर तय करना पड़ेगा।
शेरगढ़ पुल की मरम्मत के लिए बरेली की एमएस बिल्डर कंपनी को टेंडर मिला है। कंपनी के द्वारा पुल के सातवीं और आठवीं स्पेन की आठ बेयरिंग बदली जाएगी। दोनों तरफ की पुरानी विंग वॉल तोड़कर नई बनाई जाएगी। 200 मीटर में पिचिंग का काम होगा। मरम्मत में साढ़े चार करोड़ रुपये से ज्यादा का खर्च होगा। (संवाद)
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पुल बंद होने से बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से जाना होगा
बता दें कि अब तक कुठौंद से औरैया पहुंचने में बाइक सवारों को महज चालीस से पचास रुपये खर्च करने पड़ते थे। पुल बंद होने के बाद उन्हें बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के जरिए जाना होगा। इससे दूरी 30 से बढ़कर 190 किलोमीटर हो जाएगी। इस अतिरिक्त सफर में ईंधन और टोल मिलाकर अतिरिक्त खर्च होगा। कार सवार पहले सात सौ से आठ सौ में पहुंच जाते थे, अब उन्हें ढाई हजार से तीन हजार रुपये तक जेब ढीली करनी पड़ेगी। पुल बंद होने से सौ गांवों की करीब एक लाख की आबादी पर सीधा असर पड़ेगा। जिम्मेदारों ने कार्य दाई संस्था को मरम्मत करके पुल को दोबारा शुरू करने के लिए एक महीने का समय दिया है।
मजदूरों के सामने हो जाएगा आर्थिक संकट
शेरगढ़ पुल बंद होने से सबसे ज्यादा मार औरैया जाकर दिहाडी मजदूरी करने वालों हजारों मजदूरों पर पड़ेगी। कुठौंद, नैनापुर, शंकरपुर, लोहई, टिकरी, भदेख, शनगढ़, रोमई, दौलतपुर आदि गांव के मजदूर औरैया में निर्माण कार्य, रंगाई पुताई, कारखाने आदि में प्रतिदिन काम करने जाते हैं। पुल बंद हो जाने से अगर वह बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे होते हुए जाएंगे तो उनके 300 रुपये किराये में ही खर्च हो जाएंगे।
वर्जन
पुल को 15 तारीख की सुबह तक दोनों तरफ दीवार बनाकर बंद कर दिया जाएगा। मौखिक आदेश मिल गया है। लिखित आदेश मिलते ही बंद कर दिया जाएगा।
रिहान, साइड इंजीनियर एएम बिल्डर बरेली