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रेल हादसे के शिकार लोगों के शव आते ही मचा कोहराम

Mon, 21 Nov 2016 11:53 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
अमर उजाला ब्यूरो, उरई Updated Mon, 21 Nov 2016 11:53 PM IST
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The bodies of the victims come
गुमसुम बैठे मृतक के पर‌िजन। - फोटो : अमर उजाला

उरई जालौन। पुखरायां के पास दुर्घटनाग्रस्त हुई इंदौर-पटना एक्सप्रेस कई गहरे जख्म दे गई। किसी से उसका पिता तो किसी से मां और बेटा-बेटी तक छीन ले गई। जालौन के भी तीन लोगाें की इस दुर्घटना मेें मौत हो गई। इनके शव सोमवार को इनके परिजनों के पास भेजे गए। इनमें एक शव डकोर के जैसारी कलां गांव और दो अन्य शव उरई के राजेंद्र नगर भेजे गए। शवों के पहुंचने के बाद परिवार और क्षेत्र में कोहराम मच गया। लोग बड़ी संख्या में मृतकों के परिजनों को ढांढस बंधाने पहुंचने लगे। इस दौरान परिजनों का रो रोकर बुरा हाल था।

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उरई के रहने वाले सर्वेश कुमार पत्नी रागिनी देवी सहित झांसी में रहते थे। वे वहां कई वर्षों से अपना कारोबार कर रहे थे। रिश्तेदारों के साथ वह 19 तारीख को एक्सप्रेस में सवार हुए थे। इन सभी को कानपुर में एक शादी में शरीक होना था। उन्होंने उरई के अपने रिश्तेदारों को वादा किया था कि वे शादी से लौटने के बाद उरई के डकोर थाना क्षेत्र स्थित जैसारी कलां गांव में स्थित घर पर जरूर आएंगे, पर उनकी राह देखते देखते उनके परिजनों की आंखें पथरा गईं।
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पुखरायां रेल हादसे के बाद पत्नी रागिनी देवी झांसी से अपने ससुराल आ गईं। सोमवार को जब सर्वेश कुमार की लाश जैसारी कलां पहुंची तो पूरा परिवार गमगीन हो गया। पत्नी रागिनी देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। पिता ओमप्रकाश स्वर्णकार के पहले ही गुजर जाने से मां कैलाश रानी खुद को असहाय महसूस कर रही थी। अब बेटे की मौत ने उन्हें जैसे तोड़ सा दिया है। सर्वेश की मौत के बाद उनके बेटे कपिल, कौशल, पलक व सृष्टि का भी बुरा हाल है। ये अपनी मां रागिनी देवी को किसी तरह संभाल रहे हैं। रागिनी रोती रोती कई बार बेहोश हो चुकी है। परिवार के अन्य सदस्य मृतक सर्वेश के चाचा यारवल्लभ स्वर्णकार, शालीग्राम स्वर्णकार, मृतक के भाई कैलाश, बाबूलाल, आनंद कुमार, प्रवीण कुमार, प्रमोद कुमार, मोहित कुमार आदि को समझ ही नहीं आ रहा कि अब  क्या करें। मौत से पूरा परिवार गमगीन है।
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उरई में बसने की हसरत रही अधूरी
शिवबीर सिंह राजावत (52) व उनकी पत्नी अनिल कुमारी (50) अर्से से उरई में बसने की हसरत पाले थे। शिवबीर मूल रूप से माधौगढ़ के कन्हरपुरा थाना रेंढर के रहने वाले थे। वे इंदौर में इनकम टैक्स आफीसर थे। इनका एक मकान उरई के राजेंद्र नगर में भी था। जहां चाचा शिवदास रहते थे। शिवबीर मां-बाप की मौत के बाद अपने चाचा शिवदास सिंह  को ही अपना सब कुछ मानते थे। कुछ दिन पूर्व उन्होंने अपने चाचा से बात की थी और कानपुर से लौटने के बाद उरई में एक मकान खरीदने और यहीं बसने की इच्छा भी जताई थी, पर यह हो न सका। शनिवार को शिवबीर सिंह अपनी पत्नी अनिल कुमारी के साथ इंदौर से कानपुर के लिए निकले थे। वे अपने साढ़ू के बेटे की शादी में शरीक होने जा रहे थे, पर रविवार भोर में इंदौर-पटना एक्सप्रेस पुखरायां में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस दौरान शिवबीर सिंह और उनकी पत्नी अनिल कुमार की मौत हो गई। उनकी मौत की खबर सुनकर उनके परिवार और इकलौते बेटे बाबू गमगीन है।

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