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उम्र बढने के साथ भूलने की आदता में हो जाती है बढ़ोतरी

Sun, 20 Sep 2020 11:10 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 20 Sep 2020 11:10 PM IST
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The age of forgetfulness increases with age
मोहम्मदाबाद में इमामबाड़े के पीछे टूटी पड़ी पुलिया भरा जलभराव - फोटो : ORAI
संवाद न्यूज एजेंसी
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उरई। उम्र बढ़ने के साथ तमाम तरह की बीमारियां शरीर को घेरने लगती है। इन्हीं में से बीमारी बुढ़ापे में भूलने की आदतों (अल्जाइमर्स डिमेंशिया) भी है। ऐसे बुजुर्गों की तादाद बढ़ रही है। इसीलिए इस बीमारी की जद में आने से बचाने के लिए हर साल 21 सितंबर को विश्व अल्जाइमर्स डिमेंशिया दिवस मनाया जाता है। इसी के तहत 21 से 27 सितंबर तक चलने वाले राष्ट्रीय डिमेंशिया जागरूकता सप्ताह के तहत प्रदेश के हर जिले में विभिन्न कार्यक्रमों के जरिये इस बीमारी की सही पहचान और उससे बचाव के उपायों के बारे में जागरूकता लाने की बड़ी कोशिश की जाएगी।
नोडल अधिकारी डा. बीएम खैर ने बताया कि बुजुर्गों को डिमेंशिया से बचाने के लिए जरूरी है कि परिवार के सभी सदस्य उनके प्रति अपनापन रखें। अकेलापन न महसूस होने दें, समय निकालकर उनसे बातें करें। ऐसे कुछ उपाय करें कि उनका मन व्यस्त रहे, उनकी मनपसंद की चीजों का ख्याल रखें। जैसे ही इसके लक्षण नजर आएं तो जल्दी से जल्दी चिकित्सक से परामर्श करें ताकि समय रहते उनको समस्या से छुटकारा दिलाया जा सके। इस बीमारी के प्रमुख लक्षणों में जीवनशैली में एकदम से बदलाव आना जैसे. शरीर में आलसपन का आना, लोगों से बात करने से कतराना, बीमारियों को नजरंदाज करना, भरपूर नींद का न आना, किसी पर भी शक करना आदि।
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जिला अस्पताल में तैनात क्लीनिकल साइकोलाजिस्ट डा. अर्चना विश्वास ने बताया कि डिमेंशिया रोग होने पर रोजमर्रा की चीजों को भूल जाना, व्यवहार में परिवर्तन आना, रोज घटने वाली घटनाओं को भूल जाना, दैनिक कार्य न कर पाना आदि इस बीमारी के प्रमुख लक्षण हैं।
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जागरूक बनें, डिमेंशिया दूर करें-
इस भूलने की बीमारी पर नियंत्रण पाने के लिए जरूरी है कि शारीरिक रूप से स्वस्थ रहने के साथ ही मानसिक रूप से अपने को स्वस्थ रखें। नकारात्मक विचारों को मन पर प्रभावी न होने दें और सकारात्मक विचारों से मन तको प्रसन्न बनाएं। पसंद का संगीत सुनने, गाना गाने, खाना बनाने, बागवानी करने, खेलकूद आदि जिसमें सबसे अधिक रुचि हो, उसमें मन लगायें तो यह बीमारी नहीं घेर सकती। नियमित रूप से व्यायाम और योगा को अपनाकर इससे बचा जा सकता है।

हेल्पलाइन नंबर का लें सहारा
-अगर आप मानसिक तनाव या चिंता महसूस कर रहे हैं तो राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य और स्नायु विज्ञान संस्थान के टोलफ्री नंबर. 080.46110007 पर या जिला पुरुष चिकित्सालय की मानसिक स्वास्थ हेल्पलाइन नंबर-8738830715 पर कॉल करके मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी हर समस्या का समाधान पा सकते हैं ।

अर्चना विश्वास

अर्चना विश्वास- फोटो : ORAI

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