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पांच साल से दोस्त थे सुमित-भावना
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मोरचरी में जानकारी देते सुमित के भाई व पिता।
- फोटो : ORAI
उरई (जालौन)। सुमित और भावना की दोस्ती तकरीबन पांच साल पुरानी थी। इस दौरान सुमित ने भावना के बाबा के स्कूल शिक्षक की नौकरी भी की, जिससे उसका घर आना-जाना भी शुरू हो गया था। चार साल पहले जब भावना की शादी पक्की हुई तो तब से दोनों परिवारों के बीच विवाद की स्थिति बन गई। इसके बाद भी अक्सर दोनों के परिवार वालों के बीच छोटे-छोटे विवाद उनके रिश्ते को लेकर होते रहते थे।
मर्च्युरी में मौजूद बड़े भाई अमित ने बताया कि सुमित बीफार्मा की तैयारी कर रहा था और माधौगढ़ के ही एक अस्पताल में बैठता भी था। गुरुवार की सुबह वह पेपर देने की बात कहकर बस से उरई के लिए निकला था। इसके बाद देर शाम उरई कोतवाली से फोन आया कि भाई गंभीर रूप से घायल है। यहां आकर पता चला कि उसकी मौत हो गई है। परिजनों के मुताबिक भावना की शादी के वक्त ही सुमित को समझाबुझा कर उससे अलग कर दिया गया था। इसके बाद भी आए दिन भावना के मायके और ससुराल पक्ष के लोग विवाद की स्थिति पैदा किए रहते थे।
परिजनों ने बताया कि सुमित के पास से उसका और भावना का मोबाइल जरूर मिला है लेकिन सुमित के मोबाइल की सारी जानकारी किसी ने डिलीट कर दी थी। न तो उसमें कोई कॉल रिकॉर्डिंग थी और न ही कई फोटो थी। आशंका जताई कि ऐसा उसे मारने वालों ने ही किया होगा। भावना के मोबाइल पर सब कुछ था। आशंका है कि सुमित के फोन पर जरूर दोनों के साथ हुई घटना से जुड़े सुराग रहे होंगे, जिस कारण ही उसे डिलीट किया गया है।
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इलाकाई लोगों का कहना है कि शादी के बाद से भावना और उसके पति देवेंद्र के बीच नहीं बनती थी। इस कारण दोनों में दूरियां लगातार बढ़ती ही जा रही थी। देवेंद्र करीब डेढ़ साल पहले अपनी फौज की नौकरी भी छोड़ आया था। चर्चा तो यहां तक है कि पति पत्नी के विवाद का मामला कोर्ट में चल रहा था, जिसकी शुक्रवार को सुनवाई भी थी। इससे पहले ही गुरुवार को दोनों के साथ घटना हो गई। वहीं पुलिस का कहना है कि विवाद के बारे में भावना या फिर उसके घरवालों से बातचीत के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
भावना और सुमित एक दूसरे के कॅरियर के प्रति भी काफी फिक्रमंद थे। इलाकाई लोगों का कहना है कि सुमित स्वयं बीफार्मा की तैयारी कर रहा था और उसी की सलाह पर भावना ने भी नर्सिंग की तैयारी शुरू की थी। इससे पहले कि दोनों मेडिकल के क्षेत्र में अपना कॅरियर बना पाते, उनके साध दर्दनाक घटना हो गई।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, भावना के पति देवेंद्र को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है, जिससे मामले के जल्द खुलासे की भी संभावना है। इसके अलावा आटा, अजनारा के पास जहां भावना को फेंका गया था, वहां के ग्रामीणों ने पुलिस को सिर्फ इतना ही बताया कि गाड़ी की खिड़की में पर्दे लगे थे और वह गांव के रास्ते आई थी, इसके बाद वह हाईवे की ओर निकल गई। पुलिस अब पर्देवाली गाड़ी की तलाश के अलावा यह भी पता लगाने में जुटी है कि सुमित और भावना में से पहले किसे फेंका गया। हालांकि माना यही जा रहा है कि पहले सुमित को और बाद में भावना को फेंका गया है। दरअसल, भावना की स्कूटी सुमित के शव के पास बरामद हुई थी।
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मर्च्युरी में मौजूद बड़े भाई अमित ने बताया कि सुमित बीफार्मा की तैयारी कर रहा था और माधौगढ़ के ही एक अस्पताल में बैठता भी था। गुरुवार की सुबह वह पेपर देने की बात कहकर बस से उरई के लिए निकला था। इसके बाद देर शाम उरई कोतवाली से फोन आया कि भाई गंभीर रूप से घायल है। यहां आकर पता चला कि उसकी मौत हो गई है। परिजनों के मुताबिक भावना की शादी के वक्त ही सुमित को समझाबुझा कर उससे अलग कर दिया गया था। इसके बाद भी आए दिन भावना के मायके और ससुराल पक्ष के लोग विवाद की स्थिति पैदा किए रहते थे।
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परिजनों ने बताया कि सुमित के पास से उसका और भावना का मोबाइल जरूर मिला है लेकिन सुमित के मोबाइल की सारी जानकारी किसी ने डिलीट कर दी थी। न तो उसमें कोई कॉल रिकॉर्डिंग थी और न ही कई फोटो थी। आशंका जताई कि ऐसा उसे मारने वालों ने ही किया होगा। भावना के मोबाइल पर सब कुछ था। आशंका है कि सुमित के फोन पर जरूर दोनों के साथ हुई घटना से जुड़े सुराग रहे होंगे, जिस कारण ही उसे डिलीट किया गया है।
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इलाकाई लोगों का कहना है कि शादी के बाद से भावना और उसके पति देवेंद्र के बीच नहीं बनती थी। इस कारण दोनों में दूरियां लगातार बढ़ती ही जा रही थी। देवेंद्र करीब डेढ़ साल पहले अपनी फौज की नौकरी भी छोड़ आया था। चर्चा तो यहां तक है कि पति पत्नी के विवाद का मामला कोर्ट में चल रहा था, जिसकी शुक्रवार को सुनवाई भी थी। इससे पहले ही गुरुवार को दोनों के साथ घटना हो गई। वहीं पुलिस का कहना है कि विवाद के बारे में भावना या फिर उसके घरवालों से बातचीत के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
भावना और सुमित एक दूसरे के कॅरियर के प्रति भी काफी फिक्रमंद थे। इलाकाई लोगों का कहना है कि सुमित स्वयं बीफार्मा की तैयारी कर रहा था और उसी की सलाह पर भावना ने भी नर्सिंग की तैयारी शुरू की थी। इससे पहले कि दोनों मेडिकल के क्षेत्र में अपना कॅरियर बना पाते, उनके साध दर्दनाक घटना हो गई।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, भावना के पति देवेंद्र को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है, जिससे मामले के जल्द खुलासे की भी संभावना है। इसके अलावा आटा, अजनारा के पास जहां भावना को फेंका गया था, वहां के ग्रामीणों ने पुलिस को सिर्फ इतना ही बताया कि गाड़ी की खिड़की में पर्दे लगे थे और वह गांव के रास्ते आई थी, इसके बाद वह हाईवे की ओर निकल गई। पुलिस अब पर्देवाली गाड़ी की तलाश के अलावा यह भी पता लगाने में जुटी है कि सुमित और भावना में से पहले किसे फेंका गया। हालांकि माना यही जा रहा है कि पहले सुमित को और बाद में भावना को फेंका गया है। दरअसल, भावना की स्कूटी सुमित के शव के पास बरामद हुई थी।