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एमएड प्रशिक्षुओं ने देखी नेत्रहीन विद्यार्थियों की शिक्षा पद्धति
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उरई। डीवी कालेज के एमएड विभाग के विद्यार्थियों ने लहारियापुरवा स्थित श्रीराम नेत्रहीन आवासीय विद्यालय उरई में नेत्रहीन विद्यार्थियों की शिक्षा पद्धति एवं उनके विशेष आवश्यकताओं का अध्ययन किया।
प्रधानाचार्य तेजपाल राजपूत ने बताया कि इस विद्यालय को न तो सरकारी वित्तीय सुविधा मिलती है और न ही देखरेख एवं खर्च की सुविधा दी जाती है। यहां की पूरी व्यवस्था नगर के कुछ समाजसेवियों द्वारा प्रदान की जाती है। विद्यार्थियों का यहां आना एवं संवाद करना हमारे लिए उत्सव जैसा है।
एमएड विद्यार्थियों ने उनकी शिक्षा पद्धति गणित, अंग्रेजी एवं संगीत आदि से संबंधित पुस्तकों एवं सामग्रियों को देखा। विद्यार्थियों ने सीखा कि विद्यार्थी किस प्रकार अपना जीवन अभाव के बीच गुजार रहे हैं। दिव्यांग छात्रों ने अपनी प्रतिभा एवं कौशल का प्रदर्शन कर अचंभित कर दिया। मौके पर विभाग प्रभारी सुरेंद्र यादव, प्राध्यापक योगेश कुमार पाल, सुरेशचंद्र मनीष कुमार वर्मा, उमेश सिंह, अखिलेश कुमार गुप्ता, डॉ. जीतेंद्र प्रताप, डॉ रामजी समाधिया, विजय राम छात्रों के साथ मौजूद रहे।
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प्रधानाचार्य तेजपाल राजपूत ने बताया कि इस विद्यालय को न तो सरकारी वित्तीय सुविधा मिलती है और न ही देखरेख एवं खर्च की सुविधा दी जाती है। यहां की पूरी व्यवस्था नगर के कुछ समाजसेवियों द्वारा प्रदान की जाती है। विद्यार्थियों का यहां आना एवं संवाद करना हमारे लिए उत्सव जैसा है।
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एमएड विद्यार्थियों ने उनकी शिक्षा पद्धति गणित, अंग्रेजी एवं संगीत आदि से संबंधित पुस्तकों एवं सामग्रियों को देखा। विद्यार्थियों ने सीखा कि विद्यार्थी किस प्रकार अपना जीवन अभाव के बीच गुजार रहे हैं। दिव्यांग छात्रों ने अपनी प्रतिभा एवं कौशल का प्रदर्शन कर अचंभित कर दिया। मौके पर विभाग प्रभारी सुरेंद्र यादव, प्राध्यापक योगेश कुमार पाल, सुरेशचंद्र मनीष कुमार वर्मा, उमेश सिंह, अखिलेश कुमार गुप्ता, डॉ. जीतेंद्र प्रताप, डॉ रामजी समाधिया, विजय राम छात्रों के साथ मौजूद रहे।
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