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जिले के 9 ब्लाकों में बनेंगे 151 खेल मैदान
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उरई। टोक्यो ओलंपिक में पहले दिन मिली जीत से देश में खेल के प्रति उत्साह बढ़ा है। सरकार व अधिकारी अब खेलों को लेकर गंभीर दिख रहे है। इसकी नजीर जिले में देखने को मिल रही है। जिलाधिकारी के निर्देश पर जिले 151 खेल मैदानों को बनाने की तैयारी तेज हो गई है। जिलाधिकारी ने सभी उपजिलाधिकारियों व बीडीओ को प्रस्ताव व जगह चिंहित करने के निर्देश दिए है। बताया कि इन खेल मैदानों को हाईटेक सुविधाओं से लेस किया जाएगा।
बताते चलें कि हाल ही में टोक्यो ओलंपिक में भारतीय महिला खिलाड़ी मीराबाई चानू ने रजत पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया है। इससे देशभर में एक खेल का माहौल बना है। अधिकारी से लेकर जनप्रतिनिधि तक सभी खेलों को बढ़ावा देने को लेकर चर्चा कर रहे है। इस चर्चा में जिला प्रशासन ने एक कदम बढ़ाते हुए जिले में खेल के लिए न सिर्फ माहौल देने की तैयारी की है। बल्कि खिलाड़ियों को तैयार करने के लिए ग्राम स्तर पर संसाधन उपलब्ध कराने जा रहा है। डीएम प्रियंका निरंजन ने बताया कि जिले में खोलों को बढ़ावा देने के लिए 151 खेल मैदानों का निर्माण कराया जा रहा है। इस निर्माण को मनरेगा व राज्य वित्त आयोग के पैसे से कराया जाएगा। इसके लिए सभी तैयारी पूर्ण कर ली गई है। मैदानों में जिम, खेल का सामना व अन्य उपकरण लगाए जाए। ताकि ग्राम स्तर पर खिलाड़ियों को सुविधाएं मुहैया कराई जा सके।
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क्या कहते है ग्रामीण
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फोटो-4- अयान खान।
गांव में बनेंगे खेल मैदान तो मिलेगी सुविधा
मुहाम्मदाबाद के अयान खान ने बताया सरकार जहां पर खेलकूद के लिए लाखों करोड़ों रुपए खर्च कर रही है तो वहीं पर हमारे गांव में कोई मैदान नहीं है। इस कारण हम लोग खेल, व्यायाम आदि नहीं कर पाते हैं। अगर हमारे गांव में खेल मैदान बन जाए तो खेल और व्यायाम के लिए अच्छा रहेगा।
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फोटो-3- अर्जन द्विवेदी।
अच्छा अवसर व माहौल मिलेगा
आटा के रहने वाले युवा खिलाड़ी अर्जुन द्विवेदी ने बताया है कि अगर गांव स्तर पर ही खेल मैदान बन जाए। तो गांव के युवा खिलाड़ियों को खेल के लिए एक अच्छा अवसर व माहौल मिलेगा। जिससे वह खेल प्रतियोगिताओं में अपना व जिले का नाम अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर रोशन कर सकेंगे।
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फोटो-1-प्रभाकर राजपूत।
प्रतिभाओं का होगा निखार
मुहाम्मदाबाद के युवा खिलाड़ी प्रभाकर राजपूत का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में खेल को लेकर कई प्रतिभाएं है। जो सुविधाओं व संसाधनों का अभाव में दबती चली जाती है और एक दौर बाद उन्हें खेल से मोह भंग हो जाता है। ग्राम खेल में जिला प्रशासन की अच्छी पहल, बेटियां भी करेंगे नाम रोशन।
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फोटो-2- मानसी राजपूत
गांव की बिटिया भी नाम रोशन कर सकेंगी
आटा की मानसी तिवारी का कहना है कि गांव स्तर पर खेल मैदान न होने से सबसे ज्यादा परेशानी महिला खिलाड़ियों को होती है। गांव में खेल मैदान बनाना जिला प्रशासन की एक अच्छी पहल है, इससे अब गांव की बिटिया भी नाम रोशन कर सकेंगी।
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बताते चलें कि हाल ही में टोक्यो ओलंपिक में भारतीय महिला खिलाड़ी मीराबाई चानू ने रजत पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया है। इससे देशभर में एक खेल का माहौल बना है। अधिकारी से लेकर जनप्रतिनिधि तक सभी खेलों को बढ़ावा देने को लेकर चर्चा कर रहे है। इस चर्चा में जिला प्रशासन ने एक कदम बढ़ाते हुए जिले में खेल के लिए न सिर्फ माहौल देने की तैयारी की है। बल्कि खिलाड़ियों को तैयार करने के लिए ग्राम स्तर पर संसाधन उपलब्ध कराने जा रहा है। डीएम प्रियंका निरंजन ने बताया कि जिले में खोलों को बढ़ावा देने के लिए 151 खेल मैदानों का निर्माण कराया जा रहा है। इस निर्माण को मनरेगा व राज्य वित्त आयोग के पैसे से कराया जाएगा। इसके लिए सभी तैयारी पूर्ण कर ली गई है। मैदानों में जिम, खेल का सामना व अन्य उपकरण लगाए जाए। ताकि ग्राम स्तर पर खिलाड़ियों को सुविधाएं मुहैया कराई जा सके।
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क्या कहते है ग्रामीण
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फोटो-4- अयान खान।
गांव में बनेंगे खेल मैदान तो मिलेगी सुविधा
मुहाम्मदाबाद के अयान खान ने बताया सरकार जहां पर खेलकूद के लिए लाखों करोड़ों रुपए खर्च कर रही है तो वहीं पर हमारे गांव में कोई मैदान नहीं है। इस कारण हम लोग खेल, व्यायाम आदि नहीं कर पाते हैं। अगर हमारे गांव में खेल मैदान बन जाए तो खेल और व्यायाम के लिए अच्छा रहेगा।
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फोटो-3- अर्जन द्विवेदी।
अच्छा अवसर व माहौल मिलेगा
आटा के रहने वाले युवा खिलाड़ी अर्जुन द्विवेदी ने बताया है कि अगर गांव स्तर पर ही खेल मैदान बन जाए। तो गांव के युवा खिलाड़ियों को खेल के लिए एक अच्छा अवसर व माहौल मिलेगा। जिससे वह खेल प्रतियोगिताओं में अपना व जिले का नाम अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर रोशन कर सकेंगे।
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फोटो-1-प्रभाकर राजपूत।
प्रतिभाओं का होगा निखार
मुहाम्मदाबाद के युवा खिलाड़ी प्रभाकर राजपूत का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में खेल को लेकर कई प्रतिभाएं है। जो सुविधाओं व संसाधनों का अभाव में दबती चली जाती है और एक दौर बाद उन्हें खेल से मोह भंग हो जाता है। ग्राम खेल में जिला प्रशासन की अच्छी पहल, बेटियां भी करेंगे नाम रोशन।
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फोटो-2- मानसी राजपूत
गांव की बिटिया भी नाम रोशन कर सकेंगी
आटा की मानसी तिवारी का कहना है कि गांव स्तर पर खेल मैदान न होने से सबसे ज्यादा परेशानी महिला खिलाड़ियों को होती है। गांव में खेल मैदान बनाना जिला प्रशासन की एक अच्छी पहल है, इससे अब गांव की बिटिया भी नाम रोशन कर सकेंगी।