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सपा ने खेला पिछड़ा वर्ग कार्ड
ब्यूरो/अमर उजाला, उरई
Updated Sat, 26 Mar 2016 12:05 AM IST
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चौ.विष्णुपाल सिंह गुर्जर।
- फोटो : अमर उजाला
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उरई (जालौन)। समाजवादी पार्टी ने मिशन 2017 का बिगुल शुक्रवार को फूंक दिया। भइया दूज के पर्व पर कालपी विधानसभा क्षेत्र से चौधरी विष्णुपाल सिंह गुर्जर नन्हू राजा और माधौगढ़ विधानसभा क्षेत्र से लाखन सिंह कुशवाहा को प्रत्याशी घोषित किया है। प्रत्याशी घोषित होने की खबर मिलते ही एक बार फिर उनके समर्थकों ने होली खेली। समर्थकों ने खुशी में आतिशबाजी भी की।
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विष्णु को विरासत में मिली है सियासत
समाजवादी पार्टी ने कालपी विधानसभा क्षेत्र से चौधरी विष्णुपाल सिंह गुर्जर को उम्मीदवार बनाया है। कई बार प्रदेश सरकार में मंत्री रहे और सपा के राष्ट्रीय महासचिव रह चुके चौधरी शंकर सिंह के ज्येष्ठ पुत्र चौधरी विष्णुपाल सिंह गुर्जर कुछ समय के लिए हाथी की भी सवारी कर चुके हैं। सपा ने इन्हें वर्ष 2012 में प्रत्याशी बनाया था, लेकिन वह तीसरे पायदान पर थे। टिकट मिलने के सवाल पर वह कहते हैं कि सपा मुखिया ने विश्वास जताया है। विष्णुपाल सिंह अपने गांव अटराकला से चार मर्तबा निर्विरोध ग्राम प्रधान रहे। दो मर्तबा जिला पंचायत सदस्य रह चुके हैं। इनकी पत्नी इच्छा राजा भी दूसरी मर्तबा जिला पंचायत सदस्य हैं।
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माधौगढ़ में कुशवाहा सपा की पहली पसंद रहा
माधौगढ़ क्षेत्र में कुशवाहा समाज सपा की पहली पसंद रहा है। वर्ष 2012 का चुनाव छोड़ दिया जाए तो इसके पहले लगातार दो मर्तबा शिवराम कुशवाहा को सपा ने अपना प्रत्याशी बनाया है। 2007 में सपा ने मूलशरण कुशवाहा को सपा ने चुनाव लड़ाया था। 2012 में के सुरेंद्र सिंह को चुनाव लड़ाया था। सपा ने पूर्व जिला उपाध्यक्ष लाखन सिंह कुशवाहा को प्रत्याशी घोषित कर कुशवाहा समाज को जोड़ने की कोशिश की है। लाखन सिंह कुशवाहा ने 1992 में गांव से राजनीतिक पारी शुरू की।
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वह एक मर्तबा जिला पंचायत सदस्य और बसपा प्रत्याशी के रूप में जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव लड़ चुके हैं। मौजूदा समय में इनका बेटा पार्टी का जिला उपाध्यक्ष है। टिकट के सवाल पर वह कहते हैं कि पार्टी के लिए किए गए समर्पण भाव के कार्य का ही उन्हें ईनाम मिला है।