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सपा की जिला कार्यकारिणी भंग
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
Updated Wed, 10 Aug 2016 11:00 PM IST
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समाजवादी पार्टी
- फोटो : अमर उजाला
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सपा प्रदेश अध्यक्ष व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बुधवार को जालौन के पार्टी जिलाध्यक्ष समेत समस्त प्रकोष्ठों की जिला कार्यकारिणी को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया। दोपहर करीब दो बजे आए इस फैसले के बाद से ही जिला समाजवादी पार्टी के अंदर की राजनीति गर्मा गई। बुधवार दोपहर करीब दो बजे मुख्यमंत्री व सपा प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक
पत्र जारी कर जालौन जिलाध्यक्ष धीरेंद्र यादव को पद से हटा दिया। इसके साथ ही जिला कार्यकारिणी के सभी प्रकोष्ठों को भंग कर दिया गया। इसे लेकर दिन भर चर्चा का बाजार गर्म रहा। सूत्रों की माने तो बबीना जिला पंचायत उपचुनाव के बाद पार्टी के ही दो धड़ों में जिस तरह मारपीट हुई उससे पार्टी की गुटबाजी सामने आ गई। इसकी पूरी जानकारी पार्टी
पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को दी। पार्टी की इंटर्नल रिपोर्ट आने के बाद ही अखिलेश यादव ने जिलाध्यक्ष धीरेंद्र यादव को उनके पद से हटा दिया। यही नहीं, जिले के सभी प्रकोष्ठों और जिला कार्यकारिणी को भी तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया गया।
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बबीना चुनाव का दंश पड़ा भारी
पार्टी सूत्रों का कहना है कि बबीना जिला पंचायत उपचुनाव के दौरान जिस तरह पार्टी के ही दो धड़े आमने सामने आ गए, उससे पार्टी के जिला नेतृत्व की खासी फजीहत हुई। इस दौरान उनके विरोधी प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव को इस बार यह समझाने में कामयाब रहे कि जिलाध्यक्ष पार्टी के गुटबाजी को नहीं रोक पा रहे हैं। वहीं, जिले के सभी प्रकोष्ठों और कार्यकारिणी में नियुक्त पदाधिकारियोें पर उनके दबदबे की सूचना की भी प्रदेश अध्यक्ष ने जांच की। इसके बाद यह निर्णय लिया और समस्त पार्टी पदाधिकारियों व कार्यकारिणी को भंग कर दिया।
उरई विधानसभा के टिकट पर पड़ेगा असर
इस बार उरई विधान सभा क्षेत्र के निवर्तमान विधायक दयाशंकर वर्मा को दोबारा टिकट दिए जाने की बात चल रही थी। इसमें कथित तौर पर जिलाध्यक्ष और उनके कुछ सहयोगी नेता अड़ंगेबाजी कर रहे थे। इसे लेकर भी मुख्यमंत्री को लगातार रिपोर्ट दी जा रही थी। मुख्यमंत्री के इस निर्णय के बाद अब दयाशंकर वर्मा की सदर सीट से टिकट को सुरक्षित माना जा रहा है।
नए अध्यक्ष के लिए कई नाम आ रहे सामने
नए अध्यक्ष के रूप में पार्टी में वीरपाल दादी, पूर्व अध्यक्ष सुरेंद्र बजरिया, पूर्व अध्यक्ष सोहराब खां समेत करीब आधा दर्जन नाम सामने आ रहा है।
पार्टी के एक बड़े नेता का भी पत्ता होगा साफ
सूत्रों के अनुसार जल्द ही पार्टी के एक बड़े नेता का पत्ता साफ हो सकता है। उनके संबंध में भी पार्टी की इंटर्नल रिपोर्ट निगेटिव रही है। मुख्यमंत्री इनसे खासे नाराज हैं। बबीना चुनाव मेें उनकी हुई छीछालेदर से पार्टी की छवि पर भी असर आया है। सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री जल्द ही उन्हें पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा सकते हैं।
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पत्र जारी कर जालौन जिलाध्यक्ष धीरेंद्र यादव को पद से हटा दिया। इसके साथ ही जिला कार्यकारिणी के सभी प्रकोष्ठों को भंग कर दिया गया। इसे लेकर दिन भर चर्चा का बाजार गर्म रहा। सूत्रों की माने तो बबीना जिला पंचायत उपचुनाव के बाद पार्टी के ही दो धड़ों में जिस तरह मारपीट हुई उससे पार्टी की गुटबाजी सामने आ गई। इसकी पूरी जानकारी पार्टी
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पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को दी। पार्टी की इंटर्नल रिपोर्ट आने के बाद ही अखिलेश यादव ने जिलाध्यक्ष धीरेंद्र यादव को उनके पद से हटा दिया। यही नहीं, जिले के सभी प्रकोष्ठों और जिला कार्यकारिणी को भी तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया गया।
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बबीना चुनाव का दंश पड़ा भारी
पार्टी सूत्रों का कहना है कि बबीना जिला पंचायत उपचुनाव के दौरान जिस तरह पार्टी के ही दो धड़े आमने सामने आ गए, उससे पार्टी के जिला नेतृत्व की खासी फजीहत हुई। इस दौरान उनके विरोधी प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव को इस बार यह समझाने में कामयाब रहे कि जिलाध्यक्ष पार्टी के गुटबाजी को नहीं रोक पा रहे हैं। वहीं, जिले के सभी प्रकोष्ठों और कार्यकारिणी में नियुक्त पदाधिकारियोें पर उनके दबदबे की सूचना की भी प्रदेश अध्यक्ष ने जांच की। इसके बाद यह निर्णय लिया और समस्त पार्टी पदाधिकारियों व कार्यकारिणी को भंग कर दिया।
उरई विधानसभा के टिकट पर पड़ेगा असर
इस बार उरई विधान सभा क्षेत्र के निवर्तमान विधायक दयाशंकर वर्मा को दोबारा टिकट दिए जाने की बात चल रही थी। इसमें कथित तौर पर जिलाध्यक्ष और उनके कुछ सहयोगी नेता अड़ंगेबाजी कर रहे थे। इसे लेकर भी मुख्यमंत्री को लगातार रिपोर्ट दी जा रही थी। मुख्यमंत्री के इस निर्णय के बाद अब दयाशंकर वर्मा की सदर सीट से टिकट को सुरक्षित माना जा रहा है।
नए अध्यक्ष के लिए कई नाम आ रहे सामने
नए अध्यक्ष के रूप में पार्टी में वीरपाल दादी, पूर्व अध्यक्ष सुरेंद्र बजरिया, पूर्व अध्यक्ष सोहराब खां समेत करीब आधा दर्जन नाम सामने आ रहा है।
पार्टी के एक बड़े नेता का भी पत्ता होगा साफ
सूत्रों के अनुसार जल्द ही पार्टी के एक बड़े नेता का पत्ता साफ हो सकता है। उनके संबंध में भी पार्टी की इंटर्नल रिपोर्ट निगेटिव रही है। मुख्यमंत्री इनसे खासे नाराज हैं। बबीना चुनाव मेें उनकी हुई छीछालेदर से पार्टी की छवि पर भी असर आया है। सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री जल्द ही उन्हें पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा सकते हैं।