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बेटे ने पुलिस जीप से दागी गोलियां, एसपी निलंबित
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जिला एवं सत्र न्यायालय ,उरई (जालौन) से इंस्पेक्टर के पुत्र अनिल राठौर को हवालात ले जाता पुलिसकर्म?
- फोटो : ORAI
कोंच (जालौन)। रौबदार छवि वाले तत्कालीन इंस्पेक्टर डीडीएस राठौर का बेटा अनिल राठौर भी उनसे कुछ कम नहीं था। पिता की दम पर उसने भी पुलिस महकमे व कोंच क्षेत्र में अपनी काफी हनक बना रखी थी, यही वजह थी कि फायरिंग के बाद जब इंस्पेक्टर राठौर ने स्वयं तत्कालीन एसपी आरके त्रिपाठी को पुलिस पर हमले की सूचना दी तो इसके कुछ देर बाद ही राठौर का बेटा एसओजी की टीम के साथ पुलिस की खुली जीप में कोंच में घुसा।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक अनिल एक हाथ में रिवाल्वर लेकर खुली जीप में खड़ा था और भीड़ की ओर तो कभी हवा में ताबड़तोड़ फायरिंग कर रहा था। इसके बाद वह गोलियां चलाते हुए ही कोतवाली भी पहुंचा और पिता से भी मिला। इलाकाई लोगों का कहना है कि अनिल का क्षेत्र में काफी दबदबा था। घटना के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था लेकिन बेल पर वह बाहर आया था।
इसके बाद कोर्ट की कुछ तारीखों में जब वह पहुंचा नहीं तो उसका वारंट जारी हो गया। इस बीच उसका एक और विवाद हो गया, जिसमें अनिल को नामजद किया गया था। इसके पुलिस ने ताबड़तोड़ दबिश देकर पकड़ लिया था। फिलहाल में वह करीब ढाई साल से जेल में ही था और वहीं से शुक्रवार को सजा सुनने के लिए भी आया था। पूरे मामले को संभालने में तत्कालीन एसपी की लापरवाही भी उजागर हुई थी। जिस पर उन्हें निलंबित भी कर दिया गया था।
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बलवे में बरी, हत्या में सजा कैसे
सजा सुनने के लिए कोर्ट पहुंचे इंस्पेक्टर राठौर के बेटे अनिल का कहना है कि मामले में बलवे की रिपोर्ट भी दर्ज हुई थी, जिसमें उन लोगों को बरी कर दिया गया। जब सभी आरोपी बलवे से बरी हो गए तो हत्या में कैसे शामिल हो गए। इस पक्ष को वह हाईकोर्ट में भी उठाएगा।
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प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक अनिल एक हाथ में रिवाल्वर लेकर खुली जीप में खड़ा था और भीड़ की ओर तो कभी हवा में ताबड़तोड़ फायरिंग कर रहा था। इसके बाद वह गोलियां चलाते हुए ही कोतवाली भी पहुंचा और पिता से भी मिला। इलाकाई लोगों का कहना है कि अनिल का क्षेत्र में काफी दबदबा था। घटना के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था लेकिन बेल पर वह बाहर आया था।
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इसके बाद कोर्ट की कुछ तारीखों में जब वह पहुंचा नहीं तो उसका वारंट जारी हो गया। इस बीच उसका एक और विवाद हो गया, जिसमें अनिल को नामजद किया गया था। इसके पुलिस ने ताबड़तोड़ दबिश देकर पकड़ लिया था। फिलहाल में वह करीब ढाई साल से जेल में ही था और वहीं से शुक्रवार को सजा सुनने के लिए भी आया था। पूरे मामले को संभालने में तत्कालीन एसपी की लापरवाही भी उजागर हुई थी। जिस पर उन्हें निलंबित भी कर दिया गया था।
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बलवे में बरी, हत्या में सजा कैसे
सजा सुनने के लिए कोर्ट पहुंचे इंस्पेक्टर राठौर के बेटे अनिल का कहना है कि मामले में बलवे की रिपोर्ट भी दर्ज हुई थी, जिसमें उन लोगों को बरी कर दिया गया। जब सभी आरोपी बलवे से बरी हो गए तो हत्या में कैसे शामिल हो गए। इस पक्ष को वह हाईकोर्ट में भी उठाएगा।