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डेंगू से निपटने की कवायद तेज
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
Updated Mon, 29 Aug 2016 11:05 PM IST
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Dengue
- फोटो : Amar ujala
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जिले में डेंगू की दस्तक होने के बाद स्वास्थ्य महकमा सक्रिय हो गया है। अब तक संक्रमण से पीड़ित दो सौ लोगों की सैंपलिंग की जा चुकी है। इसके अलावा जिले के प्रत्येक सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर एक-एक टीम बनाई गई है जो केवल डेंगू की आशंका वाले मरीजों का परीक्षण कर रही है। जिला स्तर पर भी एक टीम बना दी गई है। यह
टीम पूरे जिले में भ्रमण कर रही है। सीएमओ कार्यालय में कंट्रोल रूम भी खोला गया है। जिले में डेंगू बुखार ने दस्तक दे दी है। अब तक कालपी क्षेत्र में तीन डेंगू मरीजों की पुष्टि की जा चुकी है। इसे लेकर स्वास्थ्य महकमा भी गंभीर है। सीएमओ अशोक कुमार के निर्देश पर जिले के सभी सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर डेंगू से निपटने के लिए एक-एक
टीम नियुक्त की गई है। ये संक्रमित मरीजों के खून की सैंपलिंग करके डेंगू की जांच कर रही है। अब तक चतेला, सरौला, महेबा, माधौगढ़, एट, मैनूपुर, देवकली, देवगांव आदि गांवों में संक्रमण से पीड़ित दो सौ लोगों के खून की जांच की गई है। इनमें प्लेटलेट्स की कमी पाई गई है। इसके अलावा एक जिला स्तरीय टीम भी बनाई गई है जो किसी इलाके में
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संक्रमण फैलने की सूचना पर मौके पर जाकर सैंपलिंग का काम करेगी। सीएमओ कार्यालय में कंट्रोल रूम भी खोला गया है। यहां पर किसी इलाके के लोगों में डेंगू के लक्षणों की
जानकारी दी जा सकती है। सीएमओ अशोक कुमार भी रोजाना गांवों का दौरा कर रहे हैं और स्वास्थ्य सेवाओं का हाल जान रहे हैं। उनके दौरे में अब तक कई लापरवाह कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा चुकी है। कुल मिलाकर डेंगू पैर न पसार सके, इसके लिए विभाग द्वारा हर संभव कोशिश की जा रही है। अब नजर उन रिपेार्ट पर है जिनमें डेंगू के लक्षण पाए गए हैं।
दवाएं पर्याप्त, डॉक्टर भी ट्रेंड
सीएमओ अशोक कुमार ने बताया कि डेंगू बुखार के लिए विभाग के पास पर्याप्त दवाएं हैं और डेंगू की जांच के लिए डॉक्टर भी ट्रेंड हैं। कहीं पर किसी प्रकार की कोई समस्या नहंीं है।
दिन में काटते हैं डेंगू के मच्छर
इन दिनों डेंगू के मामलों में काफी वृद्धि हुई है। यह एक खास किस्म के वायरस से होता है। इसका संक्रमण एक व्यक्ति से दूसरे तक प्रत्यक्ष तौर पर तो नहीं फैलता, लेकिन डेंगू वायरस से संक्रमित मच्छर के काटने से यह तेजी से फैलता है। डेंगू के मच्छर दिन में काटते हैं।
डेंगू के लक्षण
डेंगू के शुरुआती लक्षणों में रोगी को तेज ठंड लगती है, सिरदर्द, कमरदर्द और आंखों में तेज दर्द हो सकता है। इसके साथ ही उसे लगातार तेज बुखार रहता है। इसके अलावा जोड़ों में दर्द, बेचैनी, उल्टियां, लो ब्लड प्रेशर जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।
डेंगू के उपचार
वैसे तो डेंगू वायरस के कारण होता है। इसलिए इसका उपचार किसी एक तरह से संभव नहीं है। ऐसे में जरुरी है कि इन लक्षणों को पहचानकर बिना देरी किए चिकित्सक से मिलें और इसका उपचार कराएं। इस दौरान अधिक से अधिक पानी व अन्य पेय पदार्थ लेना चाहिए। ऐसे में आराम बहुत जरूरी है। डेंगू के इलाज में अगर अधिक देरी हो जाए तो यह डेंगू
हेमोरेजिक फीवर का रूप ले लेता है और अधिक भयावह हो सकता है। हेमोरेजिक फीवर की आशंका दस साल से कम उम्र के बच्चों में सबसे ज्यादा होती है। इसमें उन्हें तेज पेट दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
बचाव के उपाय
फिलहाल डेंगू से बचाव के लिए अभी तक कोई टीका नहीं है। इसलिए इसके बचाव के लिए सजगता और भी जरूरी है। डेंगू का वायरस मच्छरों के काटने से फैलता है। इसलिए सबसे अधिक जरूरी है कि मच्छरों को घर में बिल्कुल न होने दें। साफ-सफाई बहुत जरूरी है। गंदगी में डेंगू के मच्छरों की आशंका बढ़ जाती है। बाल्टियों, ड्रम में पानी ढककर रखना चाहिए ओर अपने आसपास जलभराव नहीं होना चाहिए।
वर्जन
सैंपलिंग में कुछ लोगों में प्लेटलेट्स कम मिले हैं। इसकी एक वजह संक्रमण और बुखार भी हो सकती है। मौसम ठीक होने पर इन मरीजों के स्वास्थ्य में सुधार नजर आएगा। विभाग द्वारा डेंगू की रोकथाम के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। -अशोक कुमार, सीएमओ, जालौन
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टीम पूरे जिले में भ्रमण कर रही है। सीएमओ कार्यालय में कंट्रोल रूम भी खोला गया है। जिले में डेंगू बुखार ने दस्तक दे दी है। अब तक कालपी क्षेत्र में तीन डेंगू मरीजों की पुष्टि की जा चुकी है। इसे लेकर स्वास्थ्य महकमा भी गंभीर है। सीएमओ अशोक कुमार के निर्देश पर जिले के सभी सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर डेंगू से निपटने के लिए एक-एक
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टीम नियुक्त की गई है। ये संक्रमित मरीजों के खून की सैंपलिंग करके डेंगू की जांच कर रही है। अब तक चतेला, सरौला, महेबा, माधौगढ़, एट, मैनूपुर, देवकली, देवगांव आदि गांवों में संक्रमण से पीड़ित दो सौ लोगों के खून की जांच की गई है। इनमें प्लेटलेट्स की कमी पाई गई है। इसके अलावा एक जिला स्तरीय टीम भी बनाई गई है जो किसी इलाके में
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संक्रमण फैलने की सूचना पर मौके पर जाकर सैंपलिंग का काम करेगी। सीएमओ कार्यालय में कंट्रोल रूम भी खोला गया है। यहां पर किसी इलाके के लोगों में डेंगू के लक्षणों की
जानकारी दी जा सकती है। सीएमओ अशोक कुमार भी रोजाना गांवों का दौरा कर रहे हैं और स्वास्थ्य सेवाओं का हाल जान रहे हैं। उनके दौरे में अब तक कई लापरवाह कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा चुकी है। कुल मिलाकर डेंगू पैर न पसार सके, इसके लिए विभाग द्वारा हर संभव कोशिश की जा रही है। अब नजर उन रिपेार्ट पर है जिनमें डेंगू के लक्षण पाए गए हैं।
दवाएं पर्याप्त, डॉक्टर भी ट्रेंड
सीएमओ अशोक कुमार ने बताया कि डेंगू बुखार के लिए विभाग के पास पर्याप्त दवाएं हैं और डेंगू की जांच के लिए डॉक्टर भी ट्रेंड हैं। कहीं पर किसी प्रकार की कोई समस्या नहंीं है।
दिन में काटते हैं डेंगू के मच्छर
इन दिनों डेंगू के मामलों में काफी वृद्धि हुई है। यह एक खास किस्म के वायरस से होता है। इसका संक्रमण एक व्यक्ति से दूसरे तक प्रत्यक्ष तौर पर तो नहीं फैलता, लेकिन डेंगू वायरस से संक्रमित मच्छर के काटने से यह तेजी से फैलता है। डेंगू के मच्छर दिन में काटते हैं।
डेंगू के लक्षण
डेंगू के शुरुआती लक्षणों में रोगी को तेज ठंड लगती है, सिरदर्द, कमरदर्द और आंखों में तेज दर्द हो सकता है। इसके साथ ही उसे लगातार तेज बुखार रहता है। इसके अलावा जोड़ों में दर्द, बेचैनी, उल्टियां, लो ब्लड प्रेशर जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।
डेंगू के उपचार
वैसे तो डेंगू वायरस के कारण होता है। इसलिए इसका उपचार किसी एक तरह से संभव नहीं है। ऐसे में जरुरी है कि इन लक्षणों को पहचानकर बिना देरी किए चिकित्सक से मिलें और इसका उपचार कराएं। इस दौरान अधिक से अधिक पानी व अन्य पेय पदार्थ लेना चाहिए। ऐसे में आराम बहुत जरूरी है। डेंगू के इलाज में अगर अधिक देरी हो जाए तो यह डेंगू
हेमोरेजिक फीवर का रूप ले लेता है और अधिक भयावह हो सकता है। हेमोरेजिक फीवर की आशंका दस साल से कम उम्र के बच्चों में सबसे ज्यादा होती है। इसमें उन्हें तेज पेट दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
बचाव के उपाय
फिलहाल डेंगू से बचाव के लिए अभी तक कोई टीका नहीं है। इसलिए इसके बचाव के लिए सजगता और भी जरूरी है। डेंगू का वायरस मच्छरों के काटने से फैलता है। इसलिए सबसे अधिक जरूरी है कि मच्छरों को घर में बिल्कुल न होने दें। साफ-सफाई बहुत जरूरी है। गंदगी में डेंगू के मच्छरों की आशंका बढ़ जाती है। बाल्टियों, ड्रम में पानी ढककर रखना चाहिए ओर अपने आसपास जलभराव नहीं होना चाहिए।
वर्जन
सैंपलिंग में कुछ लोगों में प्लेटलेट्स कम मिले हैं। इसकी एक वजह संक्रमण और बुखार भी हो सकती है। मौसम ठीक होने पर इन मरीजों के स्वास्थ्य में सुधार नजर आएगा। विभाग द्वारा डेंगू की रोकथाम के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। -अशोक कुमार, सीएमओ, जालौन