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Jalaun News: 55 हजार के नकली नोटों के साथ सात गिरफ्तार
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उरई। पुलिस ने चेकिंग के दौरान गिरफ्तार किए गए युवक की निशानदेही पर पुलिस ने अलग-अलग स्थानों से कुल सात लोगों को 55 हजार के नकली नोटों के साथ गिरफ्तार किया। उनके पास से मोबाइल, करेंसी प्रिंटर, कागज आदि बरामद हुआ है। पुलिस ने उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्जकर जेल भेज दिया।
एसपी डॉ. दुर्गेश कुमार ने बताया कि कुठौंद थाना पुलिस, एसओजी, सर्विलांस टीम के साथ क्षेत्र में चेकिंग अभियान चला रही थी। तभी इटहा कालपी के पास से संदिग्ध नजर आ रहे राहुल निषाद को पकड़ा। पूछताछ में उसने अपने छह अन्य साथियों के नाम बताए। इस पर पुलिस टीमों ने इटावा भरेह थाना क्षेत्र के कर्थरा गांव निवासी मोहित निषाद, मथुरा के नोहझील थाना क्षेत्र के मुसमुना गांव निवासी हरवीर, थाना क्षेत्र हाईवे मथुरा निवासी पुरुषोत्तम सिंह, थाना मोर्गरा क्षेत्र के धनीपुरा निवासी योगेश कुमार, थाना रायां के नीमगांव मथुरा निवासी कृष्णा चौधरी, नोहझील थाना क्षेत्र के पारसौली गांव निवासी सचिन कुमार को गिरफ्तार किया।
आरोपियों के पास से 55 हजार 350 रुपये के जाली नोट, सात मोबाइल, कागज डायरी आदि बरामद किए हैं। पूछताछ में सचिन ने बताया कि वह लोग असली नोटों को स्कैन करके कागज पर प्रिंट तैयार करके अपने साथी कृष्णा चौधरी को कम रेट पर सप्लाई के लिए देते थे। उनका एक गिरोह है, जो बाजार में जाली नोट को असली नोट के रूप में प्रयोग करते हैं। इससे होने वाली असली नोटों की कमाई से अपने शौक पूरे करते हैं। उरई के अलावा, औरैया, मथुरा, इटावा सहित आसपास के जिलों में व्यस्त बाजारों में नोटों को खपाते हैं।
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पुलिस ने बिछाया जाल तो फंस गए आरोपी
पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि कस्बे के एक इलाके में नकली नोट छापने का काम किया जा रहा है। एक विशेष टीम गठित कर छापा मारा गया। पुलिस को कुछ जाली करेंसी मिली। यहां से पुलिस ने दो लोगों को पकड़ा। इसके बाद टीम ने पांच अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया तो बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ।
जल्दी अमीर बनने की थी चाहत
पकड़े गए सभी आरोपी 18 से 25 साल की उम्र के हैं। आरोपियों ने बताया कि जल्दी अमीर बनने के चक्कर में वह नकली नोटों के कारोबार में उतर आए। गांव के लोगों ने बताया कि युवक नोटों के खपाने के बाद लग्जरी लाइफ जी रहे थे। इन युवकों के पास महंगी बाइकें हैं। साथ ही लोगों पर भी खूब रुपया उड़ाते थे।
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एसपी डॉ. दुर्गेश कुमार ने बताया कि कुठौंद थाना पुलिस, एसओजी, सर्विलांस टीम के साथ क्षेत्र में चेकिंग अभियान चला रही थी। तभी इटहा कालपी के पास से संदिग्ध नजर आ रहे राहुल निषाद को पकड़ा। पूछताछ में उसने अपने छह अन्य साथियों के नाम बताए। इस पर पुलिस टीमों ने इटावा भरेह थाना क्षेत्र के कर्थरा गांव निवासी मोहित निषाद, मथुरा के नोहझील थाना क्षेत्र के मुसमुना गांव निवासी हरवीर, थाना क्षेत्र हाईवे मथुरा निवासी पुरुषोत्तम सिंह, थाना मोर्गरा क्षेत्र के धनीपुरा निवासी योगेश कुमार, थाना रायां के नीमगांव मथुरा निवासी कृष्णा चौधरी, नोहझील थाना क्षेत्र के पारसौली गांव निवासी सचिन कुमार को गिरफ्तार किया।
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आरोपियों के पास से 55 हजार 350 रुपये के जाली नोट, सात मोबाइल, कागज डायरी आदि बरामद किए हैं। पूछताछ में सचिन ने बताया कि वह लोग असली नोटों को स्कैन करके कागज पर प्रिंट तैयार करके अपने साथी कृष्णा चौधरी को कम रेट पर सप्लाई के लिए देते थे। उनका एक गिरोह है, जो बाजार में जाली नोट को असली नोट के रूप में प्रयोग करते हैं। इससे होने वाली असली नोटों की कमाई से अपने शौक पूरे करते हैं। उरई के अलावा, औरैया, मथुरा, इटावा सहित आसपास के जिलों में व्यस्त बाजारों में नोटों को खपाते हैं।
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पुलिस ने बिछाया जाल तो फंस गए आरोपी
पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि कस्बे के एक इलाके में नकली नोट छापने का काम किया जा रहा है। एक विशेष टीम गठित कर छापा मारा गया। पुलिस को कुछ जाली करेंसी मिली। यहां से पुलिस ने दो लोगों को पकड़ा। इसके बाद टीम ने पांच अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया तो बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ।
जल्दी अमीर बनने की थी चाहत
पकड़े गए सभी आरोपी 18 से 25 साल की उम्र के हैं। आरोपियों ने बताया कि जल्दी अमीर बनने के चक्कर में वह नकली नोटों के कारोबार में उतर आए। गांव के लोगों ने बताया कि युवक नोटों के खपाने के बाद लग्जरी लाइफ जी रहे थे। इन युवकों के पास महंगी बाइकें हैं। साथ ही लोगों पर भी खूब रुपया उड़ाते थे।