{"_id":"61ae5992b6e9f6467e4a78dc","slug":"school-orai-news-knp6681099197","type":"story","status":"publish","title_hn":"जगी आस, छात्राओं को फिर मिलेगी छत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जगी आस, छात्राओं को फिर मिलेगी छत
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोंच। छात्राओं को कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय के हॉस्टल से निकाले जाने के मामले में सोमवार को एसडीएम रामकुमार विद्यालय पहुंचे और वार्डन समेत अन्य कर्मचारियों से जानकारी ली। एसडीएम का कहना है कि छात्राओं के रहने व खाने की व्यवस्था हर हाल में कराई जाएगी ताकि उनकी पढ़ाई बाधित न हो। इस दौरान उन्होंने डीआईओएस भगवत पटेल और बीएसए प्रेमचंद्र से मामले में वार्ता की।
निवर्तमान जिलाधिकारी डॉ. मन्नान अख्तर ने 21 जरूरतमंद छात्राओं को गोद लेकर उनका दाखिला कस्तूरबा आवासीय बालिका विद्यालय में कराया था। हाल ही में इन छात्राओं को प्रबंधन ने हॉस्टल से बाहर कर दिया था। इसकी शिकायत छात्राओं ने शनिवार को समाधान दिवस में प्रार्थना पत्र देकर अपनी व्यथा बताई थी। छात्राओं के मुताबिक बीच शैक्षिक सत्र में उन्हें हॉस्टल से निकाले जाने से उनका भविष्य चौपट हो जाएगा।
एसडीएम ने बताया कि स्कूल वार्डन से उनकी बात हुई है। उन्होंने बताया कि छात्राओं के रहने की कोई समस्या नहीं है, लेकिन उनके भोजन की व्यवस्था करने को लेकर परेशानी है। लिहाजा डीआईओएस व बीएसए के माध्यम से छात्राओं को फिर से हॉस्टल पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
निवर्तमान जिलाधिकारी डॉ. मन्नान अख्तर ने 21 जरूरतमंद छात्राओं को गोद लेकर उनका दाखिला कस्तूरबा आवासीय बालिका विद्यालय में कराया था। हाल ही में इन छात्राओं को प्रबंधन ने हॉस्टल से बाहर कर दिया था। इसकी शिकायत छात्राओं ने शनिवार को समाधान दिवस में प्रार्थना पत्र देकर अपनी व्यथा बताई थी। छात्राओं के मुताबिक बीच शैक्षिक सत्र में उन्हें हॉस्टल से निकाले जाने से उनका भविष्य चौपट हो जाएगा।
विज्ञापन
एसडीएम ने बताया कि स्कूल वार्डन से उनकी बात हुई है। उन्होंने बताया कि छात्राओं के रहने की कोई समस्या नहीं है, लेकिन उनके भोजन की व्यवस्था करने को लेकर परेशानी है। लिहाजा डीआईओएस व बीएसए के माध्यम से छात्राओं को फिर से हॉस्टल पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
विज्ञापन