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देर से सही पर फैसले पर संतोष
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मृतक दयाशंकर की पत्नी अपने बेटों के साथ
- फोटो : ORAI
कोंच। सालों पहले जिन लोगों ने कोतवाली कांड में अपनों को खोया था उन्हें अपनों की कमी हमेशा खलती भी रहेगी लेकिन शुक्रवार को न्यायालय का फैसला आने के बाद उनके चेहरों पर संतोष के भाव नजर आ रहे थे। सभी ने एक साथ न्यायपालिका पर भरोसा भी जताया है।
स्व. महेंद्रसिंह निरंजन की पत्नी और स्व. सुरेंद्रसिंह निरंजन की भाभी पूर्व जिला पंचायत सदस्य मीरा का कहना है कि उस बुरी घड़ी को याद करके आज भी वह सिहर उठती हैं लेकिन इंसाफ मिलने में भले ही देर हुई हो लेकिन फैसला सही हुआ है। दोषियों को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए। आगे भी प्रयास किया जाएगा कि दोषी किसी भी कीमत पर बचने न पाए।
उधर, जिस वक्त कोतवाली में पुलिस कर्मी खून की होली खेल रहे थे, कोंच निवासी दयाशंकर वहां नहीं थे, लेकिन उन्हें जैसे ही पता लगा कि उनके साथियों सुरेंद्र व महेंद्र को भी गोलियों का निशाना बनाया गया तो वे दौड़ते हुए सीधे कोतवाली में घुसे और पुलिस की गोली का शिकार हो गए। दयाशंकर झा की पत्नी ऊषादेवी का कहना है कि उन्हें अपने पति की कमी जीवन भर अखरेगी लेकिन कोर्ट के फैसले से कुछ राहत जरूर मिली है। पति के हत्यारों को सजा मिलनी ही चाहिए थी, ऊपर वाले के यहां देर है अंधेर नहीं है, यह साबित हो गया है।
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स्व. महेंद्रसिंह निरंजन की पत्नी और स्व. सुरेंद्रसिंह निरंजन की भाभी पूर्व जिला पंचायत सदस्य मीरा का कहना है कि उस बुरी घड़ी को याद करके आज भी वह सिहर उठती हैं लेकिन इंसाफ मिलने में भले ही देर हुई हो लेकिन फैसला सही हुआ है। दोषियों को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए। आगे भी प्रयास किया जाएगा कि दोषी किसी भी कीमत पर बचने न पाए।
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उधर, जिस वक्त कोतवाली में पुलिस कर्मी खून की होली खेल रहे थे, कोंच निवासी दयाशंकर वहां नहीं थे, लेकिन उन्हें जैसे ही पता लगा कि उनके साथियों सुरेंद्र व महेंद्र को भी गोलियों का निशाना बनाया गया तो वे दौड़ते हुए सीधे कोतवाली में घुसे और पुलिस की गोली का शिकार हो गए। दयाशंकर झा की पत्नी ऊषादेवी का कहना है कि उन्हें अपने पति की कमी जीवन भर अखरेगी लेकिन कोर्ट के फैसले से कुछ राहत जरूर मिली है। पति के हत्यारों को सजा मिलनी ही चाहिए थी, ऊपर वाले के यहां देर है अंधेर नहीं है, यह साबित हो गया है।

मृतक महेंद्र सिंह की पत्नी मीरा बेटे व दामाद के साथ- फोटो : ORAI
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