जालौन। प्रशासन द्वारा तोड़े गए राधा कृष्ण मंदिर के निर्माण व दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर साधु-संत गुरुवार को मंदिर स्थल पर अनशन पर बैठ गए। जिला पंचायत अध्यक्ष घनश्याम अनुरागी ने अनशन पर बैठे लोगों को मंदिर का निर्माण कराने व दोषियों पर कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया।
नगर के मुख्य बाजार के पास जिला पंचायत की जगह में बने राधाकृष्ण मंदिर को 29 मार्च को जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी विजय प्रकाश एवं तत्कालीन एसडीएम अंकुर कौशिक की उपस्थिति में जेसीबी से तोड़ दिया गया था। धार्मिक संगठनों के विरोध के बाद एडीएम पूनम निगम ने एएसपी असीम चौधरी के साथ रोड साइड पर 10 फीट आगे मंदिर निर्माण की बात कही थी। एक माह बाद भी दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई न होने एवं मंदिर निर्माण शुरू न होने पर गोसंपदा संरक्षण शोध संस्थान के संस्थापक अनिल शिवहरे एवं हिंदू युवा वाहिनी के जिलाध्यक्ष राजा सिंह सेंगर ने गुरुवार को मंदिर परिसर में अनशन पर बैठने की घोषणा की थी। संत दूधाधारी महाराज की अध्यक्षता में उक्त स्थल पर विधिवत अनशन शुरू हुआ। अनशन दिन भर चला। इस दौरान एसडीएम राजेश कुमार व सीओ संतोष कुमार अनशन स्थल पहुंचे। अनशनकारियों ने उन्हें ज्ञापन सौंपा पर अनशन खत्म करने पर सहमति नहीं बनी। शाम साढ़े पांच बजे जिला पंचायत अध्यक्ष घनश्याम अनुरागी अनशन स्थल पर पहुंचे। जहां उन्होंने अनशनकारियों से बात कर आश्वासन दिया कि मंदिर तोड़े जाने की जांच कराई जाएगी। इस मौके पर साधु अंबिकानंद सरस्वती, रामनरेश तिवारी, आशीष तिवारी छिरिया सलेमपुर, सोनू राजावत, लालन ताम्रकार आदि मौजूद रहे।