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सड़क निर्माण में खेल, होगी जांच

Sat, 05 Nov 2016 11:19 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
अमर उजाला ब्यूरो, उरई Updated Sat, 05 Nov 2016 11:19 PM IST
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Road construction game, examine
विकास भवन में आयोजित बैठक में जनप्रतिनिधि व अधिकारी। - फोटो : अमर उजाला
जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति की बैठक विकास भवन के सभागार में शनिवार को हुई। बैठक में लोक निर्माण विभाग व बिजली विभाग के अधिकारियों की लापरवाही खुल गई। पूर्व की बैठक में जो मुद्दे उठाए गए थे उनका अनुपालन नहीं किया गया। इस पर समिति के सदस्यों ने एतराज जताया तो सीडीओ ने संबंधित सभी अधिकारियों के वेतन पर रोक
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लगा दी। बैठक में 26 बिंदुओं पर चर्चा हुई। सांसद भानुप्रताप वर्मा की अध्यक्षता में आयोजित समिति की समीक्षा बैठक में सबसे अधिक लोक निर्माण विभाग खंड प्रथम के अधिशासी अभियंता को फटकार लगाई गई। समिति के सदस्यों के सवाल पर एक्सईएन बगलें झांकते नजर आए। सीडीओ एसपी सिंंह ने पूर्व की बैठक में उठाए गए मुद्दों पर अधिकारियों की ओर से
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अनुपालन न करने पर लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड से लेकर सभी खंडों के अधिकारियों समेत अन्य अधिकारियों के एक माह के वेतन आहरण पर रोक लगाने के निर्देश दिए। इस बैठक में माधौगढ़ से रामपुरा जगम्मनपुर के लिए बनाई गई सड़क का मुद्दा भी उठाया गया। इसे बने एक साल भी पूरा नहीं हुआ है लेकिन यह जगह-जगह उखड़ने लगी है। यही हाल बंगरा
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नावली मार्ग का है। इसके अलावा सहाव मोड़ से राजपुरा तक के मार्ग में भी जगह-जगह पैच वर्क कराया जा रहा है। कालपी विधायक प्रतिनिधि सुरेंद्र सिंह सरसेला ने कहा कि आटा चुर्खी से खांखरी के बीच सात किलोमीटर सड़क बची ही नहीं है। इसलिए यहां के लोगों को कालपी जाने के लिए 30 किमी का चक्कर लगाना पड़ता है। माधौगढ़ विधायक संताराम कुशवाहा ने

बिजली के नए पोल लगाने में मानक के साथ खिलवाड़ की बात कही है। जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि छुन्ना बिरगुआं ने कहा कि नहर विभाग से अंडा माइनर को ओवर फ्लो होने की सूचना एक बार नहीं लगातार चार दिन दी गई लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया। इसी वजह से तकरीबन 250 एकड़ फसल जलमग्न होकर नष्ट हो गई। सांसद ने भी निर्माण कार्यों में

कार्यदायी संस्थाओं की लापरवाही को चिंताजनक बताया। तय हुआ कि सड़कों के निर्माण की जांच कराई जाएगी।  बैठक में सीएमओ डा. अशोक कुमार, डीडीओ आरएस गौतम, डीआरडीए पीडी चित्रसेन सिंह, डीसी मनरेगा प्रमोद कुमार चंद्रोल के अलावा प्रभारी डीपीओ कमलेश कुमार मौर्य समेत अन्य अधिकारी व समिति के सदस्य मौजूद रहे।

विधायक, सांसद ने पेंच कसे
बसपा विधायक संतराम कुशवाहा व सांसद भानुप्रताप वर्मा ने प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत हो रहे सड़कों के निर्माण कार्यों में मानकों के से खिलवाड़ पर अधिकारियों के पेंच कसे। कहा कि पूर्व मंत्री लोक निर्माण विभाग के फोन का इन अधिकारियों को भय सताता रहा। यही वजह है कि सब कुछ जानते हुए अनदेखी की गई। सड़कें बनते ही टूटने लगीें, पर भुगतान कर दिया गया। इस बात पर प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता ने माइक लिया और बोले कि हां कभी कभी ऐसा भी होता है जब शासन के दबाव में ठेकेदार की भी सुननी पड़ती है।


सांसद को नहीं दी जाती जानकारी
राष्ट्रीय तकनीकी समिति जब सड़कों के निर्माण की गुणवत्ता जांचने के लिए आती है तो इसकी भनक सांसद को भी नहीं लग पाती। इसका बैठक में सांसद ने खुलासा भी कर दिया। शासनादेश है कि जब प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनी सड़कों की जांच के लिए एक्सपर्ट टीम आती है तो उसकी सूचना सांसद को दी जाए। जांच के दौरान सांसद की मौैजूदगी जरूरी है लेकिन ऐसा हो नहीं रहा। 
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