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Jalaun News: बारिश से मूंग-उड़द पर संकट, किसान चिंतित
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फोटो- 27 बारिश से बिछ गई मूंग की फसल। संवाद
उरई/एट/कोटरा। बृहस्पतिवार को आंधी और बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। क्षेत्र में पक कर तैयार खड़ी मूंग और उड़द की फसल को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। कई स्थानों पर फसल खेतों में कटी पड़ी है, जबकि कई जगह कटाई का काम अभी बाकी है। बारिश से किसानों की चिंता बढ़ गई है।
किसानों का कहना है कि बारिश के कारण फसल में नमी बढ़ गई है, जिससे दाना फूलने और अंकुरित होने का खतरा पैदा हो गया है। यदि ऐसा होता है तो उपज की गुणवत्ता प्रभावित होगी और बाजार में उचित मूल्य मिलना मुश्किल हो जाएगा। किसानों का कहना है कि गेहूं की कटाई के दौरान भी बारिश से काफी नुकसान हुआ था और अब मूंग-उड़द की फसल भी मौसम की मार झेल रही है।
एट क्षेत्र के किसान हरपाल यादव, खुशीराम रजक और भगवान सिंह ने बताया कि कई खेतों में पक चुकी फसल की कटाई नहीं हो सकी है, जबकि जहां कटाई हो चुकी है वहां खेतों में पड़ी फसल भीग गई है। इससे उपज और गुणवत्ता दोनों पर असर पड़ने की आशंका है। किसानों ने कहा कि यदि जल्द मौसम साफ नहीं हुआ तो नुकसान और बढ़ सकता है।
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कोटरा क्षेत्र में भी आंधी और बारिश के चलते मूंग की फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका है। किसान महेश सिंह, अरुण खरे और सुनील कुमार ने बताया कि इन दिनों मूंग की फसल पूरी तरह पककर तैयार खड़ी है। तेज हवा और बारिश से फलियां टूटकर जमीन पर बिखर रही हैं। इससे उपज घटने का खतरा बढ़ गया है। किसानों का कहना है कि मौसम की इस मार से उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
किसानों ने प्रशासन से फसलों के नुकसान का सर्वे कराकर प्रभावित किसानों को मुआवजा दिलाने की मांग की है। उनका कहना है कि लगातार बदलते मौसम ने खेती की लागत बढ़ा दी है और अब तैयार फसल पर संकट खड़ा हो गया है।
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फोटो- 28 बारिश ने गीली हुईं बोरियां। संवाद
सरकारी खरीद केंद्र में रखी सैकड़ों बोरियां भीगी
कोटरा। उप गल्ला मंडी स्थित सरकारी गेहूं खरीद केंद्रों पर खरीदे गए गेहूं का समय से उठान न होने के कारण सैकड़ों बोरियां बारिश में भीग गईं। बृहस्पतिवार को हुई बारिश के बाद मंडी परिसर में रखी गेहूं की बोरियों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार उप मंडी कोटरा में जैसारी कला बी-पैक्स और कैथरी समिति द्वारा किसानों से गेहूं की खरीद की गई थी। खरीद के बाद बड़ी संख्या में गेहूं की बोरियां मंडी परिसर में रखी गईं, लेकिन लंबे समय से उनका उठान नहीं हो सका। मंडी के चबूतरों पर जगह कम पड़ने के कारण काफी मात्रा में गेहूं खुले स्थानों पर भी रखा गया था।
बारिश शुरू होते ही खुले में रखी सैकड़ों बोरियां भीग गईं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते गेहूं का उठान कर सुरक्षित स्थान पर भंडारण कराया जाता तो नुकसान से बचा जा सकता था। भीगी बोरियों के कारण गेहूं की गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका भी जताई जा रही है।
किसानों और स्थानीय लोगों ने जिम्मेदार अधिकारियों से जल्द उठान की व्यवस्था कराने तथा भीगे गेहूं का आकलन कर आवश्यक कार्रवाई किए जाने की मांग की है। उनका कहना है कि लापरवाही के चलते सरकारी खरीद का अनाज नुकसान की चपेट में आ रहा है।
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किसानों का कहना है कि बारिश के कारण फसल में नमी बढ़ गई है, जिससे दाना फूलने और अंकुरित होने का खतरा पैदा हो गया है। यदि ऐसा होता है तो उपज की गुणवत्ता प्रभावित होगी और बाजार में उचित मूल्य मिलना मुश्किल हो जाएगा। किसानों का कहना है कि गेहूं की कटाई के दौरान भी बारिश से काफी नुकसान हुआ था और अब मूंग-उड़द की फसल भी मौसम की मार झेल रही है।
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एट क्षेत्र के किसान हरपाल यादव, खुशीराम रजक और भगवान सिंह ने बताया कि कई खेतों में पक चुकी फसल की कटाई नहीं हो सकी है, जबकि जहां कटाई हो चुकी है वहां खेतों में पड़ी फसल भीग गई है। इससे उपज और गुणवत्ता दोनों पर असर पड़ने की आशंका है। किसानों ने कहा कि यदि जल्द मौसम साफ नहीं हुआ तो नुकसान और बढ़ सकता है।
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कोटरा क्षेत्र में भी आंधी और बारिश के चलते मूंग की फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका है। किसान महेश सिंह, अरुण खरे और सुनील कुमार ने बताया कि इन दिनों मूंग की फसल पूरी तरह पककर तैयार खड़ी है। तेज हवा और बारिश से फलियां टूटकर जमीन पर बिखर रही हैं। इससे उपज घटने का खतरा बढ़ गया है। किसानों का कहना है कि मौसम की इस मार से उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
किसानों ने प्रशासन से फसलों के नुकसान का सर्वे कराकर प्रभावित किसानों को मुआवजा दिलाने की मांग की है। उनका कहना है कि लगातार बदलते मौसम ने खेती की लागत बढ़ा दी है और अब तैयार फसल पर संकट खड़ा हो गया है।
फोटो- 28 बारिश ने गीली हुईं बोरियां। संवाद
सरकारी खरीद केंद्र में रखी सैकड़ों बोरियां भीगी
कोटरा। उप गल्ला मंडी स्थित सरकारी गेहूं खरीद केंद्रों पर खरीदे गए गेहूं का समय से उठान न होने के कारण सैकड़ों बोरियां बारिश में भीग गईं। बृहस्पतिवार को हुई बारिश के बाद मंडी परिसर में रखी गेहूं की बोरियों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार उप मंडी कोटरा में जैसारी कला बी-पैक्स और कैथरी समिति द्वारा किसानों से गेहूं की खरीद की गई थी। खरीद के बाद बड़ी संख्या में गेहूं की बोरियां मंडी परिसर में रखी गईं, लेकिन लंबे समय से उनका उठान नहीं हो सका। मंडी के चबूतरों पर जगह कम पड़ने के कारण काफी मात्रा में गेहूं खुले स्थानों पर भी रखा गया था।
बारिश शुरू होते ही खुले में रखी सैकड़ों बोरियां भीग गईं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते गेहूं का उठान कर सुरक्षित स्थान पर भंडारण कराया जाता तो नुकसान से बचा जा सकता था। भीगी बोरियों के कारण गेहूं की गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका भी जताई जा रही है।
किसानों और स्थानीय लोगों ने जिम्मेदार अधिकारियों से जल्द उठान की व्यवस्था कराने तथा भीगे गेहूं का आकलन कर आवश्यक कार्रवाई किए जाने की मांग की है। उनका कहना है कि लापरवाही के चलते सरकारी खरीद का अनाज नुकसान की चपेट में आ रहा है।

फोटो- 27 बारिश से बिछ गई मूंग की फसल। संवाद