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नोएडा में बवाल: वेतन वृद्धि की मांग पर 400 कर्मचारी सड़क पर, पत्थरबाजी के बाद पुलिस ने किया लाठीचार्ज

Fri, 10 Apr 2026 03:35 PM IST
Akash Dubey संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा Published by: Akash Dubey Updated Fri, 10 Apr 2026 03:35 PM IST
सार

नोएडा के होजरी कॉम्प्लेक्स में वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर कर्मचारियों ने सड़क जाम कर हंगामा मचा दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पत्थरबाजी कर दी। बाद में डीसीपी सेंट्रल मौके पर पहुंचीं।

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Protesters and police clash over pay hike in Noida
सड़क पर प्रदर्शनकारी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

शुक्रवार को न्यूनतम वेतन बढ़ाने की मांग ने अचानक उग्र रूप ले लिया, जब चार सौ से अधिक कर्मचारी सड़कों पर उतर आए। शांतिपूर्ण विरोध के तौर पर शुरू हुआ प्रदर्शन जल्द ही हंगामे में बदल गया। कर्मचारियों ने सूरजपुर-दादरी रोड पर बैठकर चक्का जाम कर दिया, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया। पुलिस के समझाने के बावजूद प्रदर्शनकारी पीछे हटने को तैयार नहीं हुए। हालात तब और बिगड़ गए जब भीड़ ने पत्थरबाजी शुरू कर दी, जिसके जवाब में पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। इसके बावजूद गुस्साई भीड़ काबू में नहीं आई और सड़क का एक हिस्सा शाम छह बजे तक जाम रहा, जिससे पूरे इलाके में अफरातफरी का माहौल बन गया।

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फेज-2 क्षेत्र स्थित ऋचा ग्लोबल, रेनबो, पैरामाउंट, एसएनडी और अनुभव समेत छह कंपनियों के कर्मचारी बीते दो दिनों से प्रदर्शन कर रहे थे। बृहस्पतिवार को चार प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में भी ले लिया। जिसके बाद शुक्रवार को चार सौ से ज्यादा कर्मचारी एकजुट हुए। प्रदर्शनकारियों में सिर्फ पुरुष ही नहीं बल्कि महिलाएं भी शामिल रहीं। सुबह सड़क जाम की तो पुलिस शांत कराके उन्हें एक पार्क में ले गई। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने हुंकार भरी और दादरी-सूरजपुर रोड पर ट्रैफिक रोक दिया। हंगामा और नारेबाजी के बीच प्रदर्शनकारी एक बात भी सुनने को तैयार नहीं थे। पुलिस अधिकारियों ने उन्हें हटाने का प्रयास किया तो प्रदर्शनकारियों ने सड़क से उठाकर पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। करीब एक घंटा तक जाम लगा रहा। फिर पुलिस बातचीत का आश्वासन देकर मंडी ले जाने लगी। भीड़ आगे बढ़ी जरूर लेकिन ग्रेटर नोएडा के कुलेसरा में जाकर सड़क पर जाम लगा दिया।
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सात घंटे जाम से जूझा दादरी-सूरजपुर मार्ग
प्रदर्शनकारियों ने सुबह 10 बजे से ही जाम लगाना शुरू कर दिया। शुरुआत में तो पुलिस अधिकारी प्रदर्शनकारियों को शांत कराकर बातचीत का आश्वासन देते हुए डी ब्लॉक स्थित पार्क में ले गए। इसके बाद दोपहर में फिर प्रदर्शनकारी सड़क पर जा बैठे। करीब सात घंटे तक मार्ग प्रभावित रहा। ग्यारह किलोमीटर तक ट्रैफिक पुलिस को तत्काल डायवर्जन लागू करना पड़ा। जाम में स्कूली बच्चे तक फंस गए।
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बोनस के रूप में मिले 34 रुपये
प्रदर्शनकारियों को दिवाली पर बोनस के रूप में 34 रुपये दिए गए। कर्मचारी मोनू ने कहा कि वह जौनपुर से काम करने आए थे। यहां पर किराये का कमरा लेकर रहते हैं। दिवाली पर कंपनी की ओर से बोनस के रूप में 34 रुपये दिए गए। इसका विरोध किया तो अधिकारियों ने आगे तनख्वाह बढ़ाने का आश्वासन दिया। इसी तरह अन्य मौके पर भी बोनस के रूप में राशि दी जाती है।

किस पद को कितनी पगार
कंपनी ने कर्मचारियों को चार श्रेणी में विभाजित किया है। ए ग्रेड के तहत आने वाले कर्मचारियों 14 हजार रुपये तनख्वाह मिलती है। वहीं बी ग्रेड वाले कर्मचारियों को 13900 रुपये दिए जाते हैं। सी ग्रेड के कर्मचारियों को 13300 और हेल्परों को 11200 रुपये पगार दी जाती है। कर्मचारियों की मांग है कि सरकार की ओर से जारी किए गए नियम के अनुसार तनख्वाह दी जाए। नहीं तो ऐसे ही हंगामा किया जाएगा।

पैरामाउंट कंपनी में कारीगर के पद पर कार्यरत हूं। 14000 रुपये तनख्वाह मिलती है। कंपनी को तनख्वाह बढ़ानी चाहिए। -राजीव

हरदोई से यहां पर काम करने आया था। कंपनी में लंबे समय से सिलाई का काम करता हूं। जब भी पगार बढ़ाने की बात की जाए तो इन्कार कर दिया जाता है। -दिलीप कुमार


हेल्पर के पद पर कार्यरत हूं। गांव के कुछ लोग काम करने आए थे उनके साथ ही मैं भी आया था। अब परेशान हो रहा हूं। -नीतीश

पांच साल से ऋचा ग्लोबल कंपनी में काम कर रहा हूं। फिलहाल ऑपरेटर के पद पर हूं। अधिकारियों का व्यवहार ठीक नहीं है। -विशाल

कंपनी में हर साल पगार को लेकर दिक्कतें आती हैं। अधिकारियों की पगार तो बढ़ती है लेकिन हमारी पगार कम ही है। -नीलम

इतनी कम पगार में घर चला पाना आसान नहीं। आधी पगार तो किराये में चली जाती है। उधार लेने की भी आवश्यकता पड़ती है। -शांति

घर में दोनों लोग नौकरी करते हैं फिर भी बच्चों की पढ़ाने में दिक्कतें आती हैं। बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। -गिरिजा

जब सरकार ने आदेश दे दिए हैं तो कंपनी पगार क्यों नहीं बढ़ा रही है। सरकार को इसपर कार्रवाई करनी चाहिए। -पूनम

मजदूर संघटन और कंपनी मालिक के बीच वार्ता सफल रही और प्रदर्शन खत्म हो गया। मांग के अनुसार महीने में चार अवकाश, ओवरटाइम पर अतिरिक्त भुगतान करने समेत अन्य बातें मान ली गई हैं। सरकारी नियमों के अनुसार मानदेय दिए जाने के लिए भी बाध्य किया गया है।-डॉ. राजीव नारायण मिश्र अपर पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था

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