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‘ठीक से करें नेत्रहीन बच्चों की देखरेख’
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
Updated Sat, 14 May 2016 11:07 PM IST
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जिला प्रशिक्षण केंद्र को चेक करते एडीएम आनंद कुमार।
- फोटो : अमर उजाला
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बोहदपुरा जिला प्रशिक्षण केंद्र में संचालित अंध व मूक बधिर विद्यालय का एडीएम ने शनिवार को निरीक्षण किया। उन्होंने बच्चों को मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता देखी। इस दौरान वार्डन को निर्देश दिए कि बच्चों की देखरेख में कोई कमी नहीं रहनी चाहिए। बच्चों की ड्रेस साफ सुथरी रहे इसका भी ध्यान रखें। उन्होंने जिला प्रशिक्षण केंद्र को भी चेक किया। यहां चतुर्थ
श्रेणी कर्मी तो मौजूद था लेकिन अन्य स्टाफ गैरहाजिर मिलने पर स्पष्टीकरण मांगा है। अंध व मूक बधिर विद्यालय का निरीक्षण करने पहुंचे एडीएम आनंद कुमार ने सबसे पहले बच्चों को मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता और वहां पर साफ सफाई को देखा। शौचालय में साफ सफाई की और अधिक जरूरत बताई। बच्चों की ड्रेस को लेकर नाराजगी जताई। वार्डन से कहा
कि वह बच्चों की देखरेख में कोई कोर कसर न छोड़ें। बच्चों की यूनिफार्म साफ सुथरी होनी चाहिए। इसके बाद उन्होंने प्रशिक्षण केंद्र को चेक किया। यहां पर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी तो
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मौजूद मिला लेकिन अन्य किसी के न होने पर उपस्थिति रजिस्टर को चेक किया और गैरहाजिरी लगाई। इसी के से गैर हाजिर कर्मचारियों से स्पष्टीकरण भी तलब किया है। अचानक एडीएम के निरीक्षण करने की खबर पर एक कर्मचारी दौड़ा दौड़ा पहुंचा जिसे समय पर आने की चेतावनी दी।
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श्रेणी कर्मी तो मौजूद था लेकिन अन्य स्टाफ गैरहाजिर मिलने पर स्पष्टीकरण मांगा है। अंध व मूक बधिर विद्यालय का निरीक्षण करने पहुंचे एडीएम आनंद कुमार ने सबसे पहले बच्चों को मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता और वहां पर साफ सफाई को देखा। शौचालय में साफ सफाई की और अधिक जरूरत बताई। बच्चों की ड्रेस को लेकर नाराजगी जताई। वार्डन से कहा
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कि वह बच्चों की देखरेख में कोई कोर कसर न छोड़ें। बच्चों की यूनिफार्म साफ सुथरी होनी चाहिए। इसके बाद उन्होंने प्रशिक्षण केंद्र को चेक किया। यहां पर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी तो
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मौजूद मिला लेकिन अन्य किसी के न होने पर उपस्थिति रजिस्टर को चेक किया और गैरहाजिरी लगाई। इसी के से गैर हाजिर कर्मचारियों से स्पष्टीकरण भी तलब किया है। अचानक एडीएम के निरीक्षण करने की खबर पर एक कर्मचारी दौड़ा दौड़ा पहुंचा जिसे समय पर आने की चेतावनी दी।