फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jalaun News ›   problem,orai,disposal

अधर में लटकी कूड़ा निस्तारण की योजना, बाशिंदे परेशान

Wed, 24 Nov 2021 12:12 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 24 Nov 2021 12:12 AM IST
विज्ञापन
problem,orai,disposal
कदौरा। नगर में कूड़ा निस्तारण के लिए बनने वाला एमआरएफ ( मैटेरियल रिकवरी फैसेलिटी) सेंटर सिर्फ भूमि पूजन तक ही सीमित रह गया। साल भर से सेंटर बनाने का कोई काम नहीं हो पाया है। इससे कालोनी में कूड़े ढेर लग गए हैं। कूड़े की संड़ाध से संक्रामक रोग फैलने का खतरा बढ़ गया है।
विज्ञापन

काफी समय से कस्बे में एमआरएफ सेंटर की मांग को देखते हुए शासन से तकरीबन एक साल पूर्व इसकी अनुमति भी मिली थी। इस सेंटर में कस्बे का कूड़ा एकत्र कर लाया जाना था, फिर सूखे व गीले कूड़े को अलग अलग कर उसका निस्तारण होना था। अक्टूबर 2020 में शासन से न सिर्फ इस प्रोजेक्ट को हरी झंडी मिल गई बल्कि निर्माण के लिए 40 लाख रुपये का बजट भी स्वीकृत कर दिया। बजट मिलते ही निर्माण प्रक्रिया शुरू हो गई। नवंबर 2020 में टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई। भूमि पूजन किया गया लेकिन उसके बाद में निर्माण कार्य रोक दिया गया।
विज्ञापन

नगर पंचायत ईओ सुनील कुमार सिंह का कहना है कि लेखपाल ने जो जमीन चिन्हित की थी, वह जमीन विवादित निकली। जिस कारण काम रोकना पड़ा। दूसरी जगह देखी जा रही है। अब हालत यह है कि कस्बे का कूड़ा मेला ग्राउंड, बागी फार्म, बेरी रोड पर डंप किया जा रहा है। इससे कस्बे के लोगों व राहगीरों का रहना मुश्किल हो गया है। कस्बा निवासी दयाशंकर का कहना है कि नगर में सेंटर न बनने से कूड़े का निस्तारण नहीं हो पा रहा है। कूड़े के ढेरों पर दिनभर अन्ना जानवर घूमते हैं और उसे वापस सड़कों पर फैला रहे हैं। व्यापारी सुल्तान का कहना है कि डेंगू सरीखी बीमारियों का भय सताता रहता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed