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Jalaun News: प्रधान पर सात लाख से अधिक पंचायत निधि की रकम हड़पने का आरोप
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कालपी। तहसील क्षेत्र की देवकली ग्राम पंचायत में ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान पर सात लाख से अधिक रकम अपने और परिजन के खातों में ट्रांसफर करने का आरोप लगाया है। बताया कि कागजों में काम दिखाया है जबकि बिना काम कराए रकम ट्रांसफर कर ली।
लोगों का कहना है कि ग्राम प्रधान बाल सिंह ने पंचायत के विकास कार्यों का भुगतान की धनराशि अपने बेटे आकाश और भाई जीत सिंह के खातों में ट्रांसफर की गई है। बताया जा रहा है कि पंचायत निधि से किए गए इन भुगतानों में हैंडपंप रीबोर, टीन शेड निर्माण, अमृत सरोवर की मरम्मत, गांव की सफाई, स्कूल में मजदूरी (लेबर), सड़क निर्माण, टाइल्स बिछाने और यहां तक कि गोशाला के केयरटेकर का भुगतान भी शामिल है। आरोप है कि इन सभी मदों के नाम पर धनराशि सीधे प्रधान और उनके परिजनों के खातों में भेज दी गई। जो नियमों के विरुद्ध है।
ग्रामीणों गजेंद्र, हिमांशू, राजेंद्र, राहुल, ग्या प्रसाद आदि का आरोप है कि कई कार्य कागजों में पूरे दिखाए गए हैं लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग है। कुछ काम अधूरे पड़े हैं तो कई जगहों पर कार्य दिखाई ही नहीं देते। इससे साफ है कि विकास कार्यों के नाम पर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया है।
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गांव के लोगों का कहना है कि यदि पूरे मामले की निष्पक्ष और गहराई से जांच कराई जाए तो और भी बड़ी अनियमितताएं सामने आ सकती हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
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लोगों का कहना है कि ग्राम प्रधान बाल सिंह ने पंचायत के विकास कार्यों का भुगतान की धनराशि अपने बेटे आकाश और भाई जीत सिंह के खातों में ट्रांसफर की गई है। बताया जा रहा है कि पंचायत निधि से किए गए इन भुगतानों में हैंडपंप रीबोर, टीन शेड निर्माण, अमृत सरोवर की मरम्मत, गांव की सफाई, स्कूल में मजदूरी (लेबर), सड़क निर्माण, टाइल्स बिछाने और यहां तक कि गोशाला के केयरटेकर का भुगतान भी शामिल है। आरोप है कि इन सभी मदों के नाम पर धनराशि सीधे प्रधान और उनके परिजनों के खातों में भेज दी गई। जो नियमों के विरुद्ध है।
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ग्रामीणों गजेंद्र, हिमांशू, राजेंद्र, राहुल, ग्या प्रसाद आदि का आरोप है कि कई कार्य कागजों में पूरे दिखाए गए हैं लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग है। कुछ काम अधूरे पड़े हैं तो कई जगहों पर कार्य दिखाई ही नहीं देते। इससे साफ है कि विकास कार्यों के नाम पर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया है।
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गांव के लोगों का कहना है कि यदि पूरे मामले की निष्पक्ष और गहराई से जांच कराई जाए तो और भी बड़ी अनियमितताएं सामने आ सकती हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।