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बूथों पर बिजली न पानी, होगी परेशानी
ब्यूरो/अमर उजाला, जालौन
Updated Tue, 24 Jan 2017 11:04 PM IST
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गांव मुहाना स्थित विद्यालय में लगा खराब हैंडपंप दिखाता ग्रामीण।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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जिला प्रशासन भले ही मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए रात-दिन एक कर रहा हो, लेकिन पोलिंग बूथों पर अभी तक कोई तैयारी नजर नहीं आ रही है। यही वजह है कि जिले के आधे से अधिक पोलिंग बूथों पर पानी और बिजली की किल्लत है। कई जगह विकलांगों के लिए बनाए गए रैंप भी क्षतिग्रस्त हैं। इनकी अब तक कोई सुध नहीं ली गई है। वहीं, अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही पोलिंग बूथों का निरीक्षण कर इनकी कमियों को दूर किया जाएगा।
23 फरवरी को होने वाले मतदान के लिए 1460 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं। इनमें से अधिकांश बूथों पर पानी, बिजली की किल्लत है। हैंडपंप लगे हैं, लेकिन खराब पडे़ हुए हैं। बिजली की वायरिंग है तो उनमें लाइट नहीं है। डकोर ब्लाक के गांव चिल्ली स्थित प्राथमिक व जूनियर विद्यालय में विकलांगों का रैंप मरम्मत मांग रहा है। यदि समय पर रैंप को ठीक न कराया गया तो विकलांग मतदाता वोट डालने से वंचित भी रह सकते हैं।
वहीं, बड़ेरा गांव स्थित प्राइमरी विद्यालय के पोलिंग बूथ पर बिजली की कोई व्यवस्था नहीं है, ऐसे में मतदान कर्मियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसी तरह मुहाना, टिमरो गांव स्थित विद्यालयों जहां पोलिंग बूथ बनाए गए हैं, वहां लगे हैंडपंपों ने भी पानी का साथ छोड़ रहा है।
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लिहाजा मतदाताओं को पानी की दिक्कत से भी जूझना पड़ सकता है। इसी तरह कोंच, माधौगढ़, नदीगांव, कदौरा, रामपुरा समेत इत्यादि ब्लाकों में बने पोलिंग बूथों पर समस्याओं का अंबार लगा हुआ है। अधिकारिक सूत्रों की मानें तो नामांकन प्रक्रिया निपटने के बाद ही बूथों की दशा सुधारने का काम किया जाएगा।
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23 फरवरी को होने वाले मतदान के लिए 1460 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं। इनमें से अधिकांश बूथों पर पानी, बिजली की किल्लत है। हैंडपंप लगे हैं, लेकिन खराब पडे़ हुए हैं। बिजली की वायरिंग है तो उनमें लाइट नहीं है। डकोर ब्लाक के गांव चिल्ली स्थित प्राथमिक व जूनियर विद्यालय में विकलांगों का रैंप मरम्मत मांग रहा है। यदि समय पर रैंप को ठीक न कराया गया तो विकलांग मतदाता वोट डालने से वंचित भी रह सकते हैं।
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वहीं, बड़ेरा गांव स्थित प्राइमरी विद्यालय के पोलिंग बूथ पर बिजली की कोई व्यवस्था नहीं है, ऐसे में मतदान कर्मियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसी तरह मुहाना, टिमरो गांव स्थित विद्यालयों जहां पोलिंग बूथ बनाए गए हैं, वहां लगे हैंडपंपों ने भी पानी का साथ छोड़ रहा है।
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लिहाजा मतदाताओं को पानी की दिक्कत से भी जूझना पड़ सकता है। इसी तरह कोंच, माधौगढ़, नदीगांव, कदौरा, रामपुरा समेत इत्यादि ब्लाकों में बने पोलिंग बूथों पर समस्याओं का अंबार लगा हुआ है। अधिकारिक सूत्रों की मानें तो नामांकन प्रक्रिया निपटने के बाद ही बूथों की दशा सुधारने का काम किया जाएगा।