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बिजली कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन
ब्यूरो/ अमर उजाला, उरई
Updated Wed, 30 Dec 2015 11:16 PM IST
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बिजली कर्मचारियों को मिलने वाली सुविधाओं में लगातार कटौती के विरोध में
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बुधवार को बिजली कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने सुविधाओं
में कटौती न किए जाने की मांग की। कालपी रोड स्थित सब डिवीजन कार्यालय में
बिजली कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान विभाग के शफीक बाबू ने कहा
कि विद्युत सुधार अधिनियम में यह व्यवस्था की गई है
कि विद्युत परिषद के विभाजन के बाद भी कर्मचारियों पेंशनरों की सेवा शर्तों व प्रदत्त सुविधाओं में किसी प्रकार की कमी नहीं की जाएगी। इसके बावजूद भी हम लोगों के अधिकारों में लगातार कटौती की जा रही है। यही ठीक नहीं है। हम इसका विरोध करते हैं। अवर अभियंता बीके चौधरी ने कहा कि कर्मचारियों व अधिकारियों को मिलने वाली एलएमबी-10 की सुविधा में
कटौती की गई है। पहले कर्मचारियों व अधिकारियों के बिजली बिल भुगतान के रूप में वेतन से आंशिक कटौती कर ली जाती थी। पर अब नए नियम के तहत कर्मचारियों व अधिकारियों को अपने अपने घरों में मीटर लगवाने होंगे और उसी के आधार पर उन्हें भुगतान करना हेागा। उन्होंने कहा कि यह नियम न्यायसंगत नहीं है। विभाग में काम करने वाला कोई भी अधिकारी
गृह जनपद में तैनात नहीं होता है। ऐसी स्थिति में उसे गैर जनपदों में किराये के मकान में रहना पड़ता है। वहां पर वह पहले से ही मकान मालिक को बिजली का बिल देता है। अगर यह नियम लागू किया जा रहा है तो पहले अधिकारियों के लिए विभाग
द्वारा सरकारी कॉलोनी बनाकर दी जाएं। इस दौरान एसडीओ अजय कुमार, जेई आरके यादव, आरबी सिंह, पैश्वनी राम, अजीम बाबू, जीतू, अभय यादव, मुहम्मद असलम आदि मौजूद रहे।
कि विद्युत परिषद के विभाजन के बाद भी कर्मचारियों पेंशनरों की सेवा शर्तों व प्रदत्त सुविधाओं में किसी प्रकार की कमी नहीं की जाएगी। इसके बावजूद भी हम लोगों के अधिकारों में लगातार कटौती की जा रही है। यही ठीक नहीं है। हम इसका विरोध करते हैं। अवर अभियंता बीके चौधरी ने कहा कि कर्मचारियों व अधिकारियों को मिलने वाली एलएमबी-10 की सुविधा में
कटौती की गई है। पहले कर्मचारियों व अधिकारियों के बिजली बिल भुगतान के रूप में वेतन से आंशिक कटौती कर ली जाती थी। पर अब नए नियम के तहत कर्मचारियों व अधिकारियों को अपने अपने घरों में मीटर लगवाने होंगे और उसी के आधार पर उन्हें भुगतान करना हेागा। उन्होंने कहा कि यह नियम न्यायसंगत नहीं है। विभाग में काम करने वाला कोई भी अधिकारी
गृह जनपद में तैनात नहीं होता है। ऐसी स्थिति में उसे गैर जनपदों में किराये के मकान में रहना पड़ता है। वहां पर वह पहले से ही मकान मालिक को बिजली का बिल देता है। अगर यह नियम लागू किया जा रहा है तो पहले अधिकारियों के लिए विभाग
द्वारा सरकारी कॉलोनी बनाकर दी जाएं। इस दौरान एसडीओ अजय कुमार, जेई आरके यादव, आरबी सिंह, पैश्वनी राम, अजीम बाबू, जीतू, अभय यादव, मुहम्मद असलम आदि मौजूद रहे।