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ठंड से गरीब ने दम तोड़ा

Sun, 27 Dec 2015 11:00 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, उरई
ब्यूरो/ अमर उजाला, उरई Updated Sun, 27 Dec 2015 11:00 PM IST
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Poor cold succumbs
सर्दी से मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार की रात फिर
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एक व्यक्ति की ठंड लगने से मौत हो गई। दिन में उसकी तबियत खराब हुई। शाम को वह दवा लेकर घर पर आया। दवा लेने पर भी उसे आराम नहीं मिला और देर रात उसने दम तोड़ दिया। रविवार को सूचना पाकर सदर विधायक व तहसीलदार मौके पर पहुंचे। उन्होंने फौरी तौर पर

परिवार को कुछ आर्थिक मदद दी। इसके साथ ही सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का आश्वासन दिया।
मोहल्ला डिग्गीताल निवासी आत्मप्रकाश (40) पुत्र मन्नीलाल जजी गेट के सामने फुटपाथ पर हेयर कटिंग की दुकान चलाता था। शुक्रवार की सुबह ठंड लगने से उसकी हालत बिगड़ गई। आर्थिक स्थिति ठीक न होने वह उपचार कराने नहीं जा

सका। दिन भर के बाद शाम को किसी तरह थोड़े से पैसों का इंतजाम करके वह दवा लाया लेकिन इससे भी उसे आराम नहीं मिला। शनिवार की रात करीब दस बजे उसकी हालत ज्यादा बिगड़ गई। यह देखकर परिवारीजन उसे इमरजेंसी ले जाने लगे। तभी उसकी घर पर ही मौत हो गई। उसकी मौत से घर में कोहराम मच गया। रविवार को जानकारी मिलने पर सपा

के सदर विधायक दयाशंकर वर्मा, नगर अध्यक्ष भानू वर्मा व तहसीलदार मौके पर पहुंच गए। पीड़त परिवार की कमजोर माली हालत को देखते हुए विधायक ने पांच हजार व तहसीलदार ने एक हजार रुपये की आर्थिक मदद दी। इसके साथ ही सरकारी योजनाओं के तहत आर्थिक मदद दिलाने का आश्वासन भी दिया।

कैसे पीले होंगे चार बेटियों के हाथ
आत्मप्रकाश की मौत से पीड़ित परिवार पर कुदरत का कहर टूट़ा है। उसकी चार बेटियां हैं। इनमें एक अंजनी 18 साल की है। इसके अलावा तीन बेटियां मधु उर्फ अर्चना (16), डोली(14), नीलम (12) हैं। पिता की मौत के बाद अब इन बेटियों की शादी कैसे होगी इसे लेकर परिजन परेशान हैं। साथ ही परिवार के सामने पेट भरने का संकट भी पैदा हो गया है।

कोंच में युवक की मौत
कड़कड़ाती ठंड के चलते एक तीस वर्षीय युवक की जान चली गई। मोहल्ला गांधीनगर में रहने वाला एक गरीब युवक अनिल अहिरवार (30) पुत्र लल्लूराम मेहनत मजदूरी करके अपना और परिवार का पेट पालता था। दो दिन पूर्व पड़ी भीषण ठंड में उसके पेट में दर्द शुरू हुआ तो उसके परिजनों ने अस्पताल में भर्ती कराया जहां से उसे उरई रेफर कर दिया गया।


वहां उसकी मौत हो गई। सरकारी सहायता की जानकारी न होने पर परिजनों ने बिना पोस्टमॉर्टम कराए ही अंतिम संस्कार कर दिया। अनिल की मौत के बाद उसकी पत्नी सदमे में है, उसके दो छोटे बच्चों रोहन (4) व नीहारिका (1) की परवरिश का भार भी उसी के सिर आ पड़ा है। प्रशासन से मोहल्ले के लोगों ने मांग की है कि ठंड से हुई इस मौत की जांच करा कर उसे सरकारी इमदाद मुहैया कराई जाए।
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