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Jalaun News: लोकसभा के साथ विधानसभा की सियासी बिसात

Tue, 30 Apr 2024 01:07 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन Updated Tue, 30 Apr 2024 01:07 AM IST
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Political chessboard of Assembly with Lok Sabha
उरई। लोकसभा चुनाव के जिले में नामांकन शुरू होते ही राजनीतिक दांव-पेच शुरू हो गए हैं। सियासत की इस शतरंज में सटीक मोहरें बैठाने का काम तेज हो गया है। नेताओं की दूर दृष्टि लोकसभा के चुनावों में विधानसभा के समीकरण बनाती हुई दिख रही है।
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रविवार को जोल्हूपुर में भाजपा के बूथ सम्मेलन में कालपी विधानसभा के सपा विधायक विनोद चतुर्वेदी के पुत्र व राजनीतिक उत्तराधिकारी आशीष चतुर्वेदी तमाम समर्थकों के साथ भाजपा में शामिल हो गए हैं। इससे समाजवादी पार्टी को जहां झटका लगा हैं वहीं कालपी विधानसभा के भाजपा के दावेदारों की भी धड़कने बढ़ गई हैं। लोगों का कहना है कि 2024 लोकसभा के सहारे अभी से यूपी में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों के समीकरण साधे जाने लगे हैं।
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गठन के तीस साल बाद समाजवादी पार्टी का कालपी विधानसभा में पहली बार खाता खुला था। इससे सपाइयों में खासी खुशी थी पर यह खुशी जल्द ही काफूर हो गई जब पिछले दिनों हुए राज्य सभा चुनावों में कालपी के सपा विधायक विनोद चतुर्वेदी ने भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में मतदान कर दिया। इससे उनकी भाजपा से करीबियां जगजाहिर हो गईं, हालांकि तकनीकी रूप से वह अभी भी सपा के विधायक हैं। उनके पुत्र आशीष चतुर्वेदी राजनीति में सक्रिय है व वह ही उनके राजनीतिक उत्तराधिकारी हैं और चर्चा है कि अब अगली विधानसभा चुनाव में आशीष ही दावेदारी करेंगे।
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रविवार को आशीष पहले से तय कार्यक्रम के अनुसार जोल्हूपुर में भाजपा के बूथ सम्मेलन में तमाम प्रधानों व समर्थकों के साथ पहुंचे यहां भाजपा के उत्तर प्रदेश चुनाव के सह प्रभारी संजीव चौरसिया व जिलाध्यक्ष उर्विजा दीक्षित ने उन्हें भगवा पट्टी पहनाकर भाजपा में शामिल कर लिया। आशीष तो भाजपा में शामिल हो गए पर बूथ सम्मेलन में मौजूद तमाम कालपी विधानसभा के पूर्व विधायकों व संभावित दावेदारों के चेहरे उतर गए। सपा को जहां फिर से झटका लगा वहीं 2027 के कालपी विधानसभा के संभावित दावेदारों की धड़कने भी प्रतिस्पर्धा को लेकर बढ़ गई। लोगों का कहना है कि 2024 से ही 2027 के समीकरण साधे जाने लगे हैं
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