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Jalaun News: फर्जी आधार कार्ड लगाकर करोड़ों की जमीन बेचने की पुलिस करेगी दोबारा जांच
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उरई। कालपी के बहुचर्चित बैनामा कांड मामले में में पुलिस ने 26 लोगों पर कार्रवाई की थी, लेकिन जालौन के धर्मेंद्र सक्सेना के जेल जाते ही मामला फिर सुर्खियों में आ गया है। पुलिस अब इस प्रकरण की दोबारा जांच करेगी। क्योंकि इसी मामले में आरोपी का नाम सामने आया था लेकिन वह जेल जाने से बच गया था। इसके बाद से उसकी लगातार शिकायत विपक्षी कर रहे थे।
जालौन कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला बापू साहब निवासी धर्मेंद्र सक्सेना की अंडमान निकोबार में आधार कार्ड बनाने की फ्रेंचाइजी थी। इसी वजह से उसने मनमानी कर करीब 34 हजार फर्जी आधार कार्ड तैयार करवा दिए। अब उसे अंडमान निकोबार पुलिस ने जेल भेज दिया है। कालपी के छौंक गांव में हुए चर्चित फर्जी बैनामा कांड में गांव की विद्यावती के नाम अभिलेखों में दर्ज थी। उस जमीन का बैनामा कराने के लिए आरोपियों ने धमना गांव की महिला छिद्दन को विद्यावती बना दिया था। उसका आधार कार्ड भी फर्जी जारी कर दिया गया। इसके बाद 28 अगस्त 2023 को कई लोगों ने साजिश रचकर धोखाधड़ी कर कूटरचित ढंग से दस्तावेज तैयार कर महिला की जमीन का बैनामा करवा दिया गया था। जमीन की कीमत करीब दो करोड़ से अधिक थी। मामला संज्ञान में आने पर तत्कालीन सीओ डाॅ. देवेंद्र पचौरी ने इसकी जांच की थी। इसमें पुलिस ने 17 लाख 80 हजार रुपये नकद और करीब डेढ़ लाख के सोने की एक चेन भी बरामद की थी। पुलिस ने 26 लोगों को इस मामले में आरोपी बनाते हुए उन्हें जेल भेज दिया था। इस मामले में महिला का फर्जी आधार कार्ड बनाने के मामले में धर्मेंद्र सक्सेना का नाम आया था। इसके बाद वह जेल जाने से बच गया था। पुलिस के उसे गिरफ्तार कर लेने से अब कोतवाली पुलिस पूरे मामले की जांच दोबारा से करेगी। जिसमें कुछ और भी नाम शामिल होना पाए जा सकते हैं।
वर्जन
पूरे मामले में दोबारा जांच की जाएगी। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. दुर्गेश कुमार, एसपी जालौन
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जालौन कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला बापू साहब निवासी धर्मेंद्र सक्सेना की अंडमान निकोबार में आधार कार्ड बनाने की फ्रेंचाइजी थी। इसी वजह से उसने मनमानी कर करीब 34 हजार फर्जी आधार कार्ड तैयार करवा दिए। अब उसे अंडमान निकोबार पुलिस ने जेल भेज दिया है। कालपी के छौंक गांव में हुए चर्चित फर्जी बैनामा कांड में गांव की विद्यावती के नाम अभिलेखों में दर्ज थी। उस जमीन का बैनामा कराने के लिए आरोपियों ने धमना गांव की महिला छिद्दन को विद्यावती बना दिया था। उसका आधार कार्ड भी फर्जी जारी कर दिया गया। इसके बाद 28 अगस्त 2023 को कई लोगों ने साजिश रचकर धोखाधड़ी कर कूटरचित ढंग से दस्तावेज तैयार कर महिला की जमीन का बैनामा करवा दिया गया था। जमीन की कीमत करीब दो करोड़ से अधिक थी। मामला संज्ञान में आने पर तत्कालीन सीओ डाॅ. देवेंद्र पचौरी ने इसकी जांच की थी। इसमें पुलिस ने 17 लाख 80 हजार रुपये नकद और करीब डेढ़ लाख के सोने की एक चेन भी बरामद की थी। पुलिस ने 26 लोगों को इस मामले में आरोपी बनाते हुए उन्हें जेल भेज दिया था। इस मामले में महिला का फर्जी आधार कार्ड बनाने के मामले में धर्मेंद्र सक्सेना का नाम आया था। इसके बाद वह जेल जाने से बच गया था। पुलिस के उसे गिरफ्तार कर लेने से अब कोतवाली पुलिस पूरे मामले की जांच दोबारा से करेगी। जिसमें कुछ और भी नाम शामिल होना पाए जा सकते हैं।
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पूरे मामले में दोबारा जांच की जाएगी। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. दुर्गेश कुमार, एसपी जालौन