फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jalaun News ›   police,rail,jhansi mirjapur national higway,track,station

मिलेट्री वाले तारफेसिंग से पुख्ता होगी रेलवे ट्रैक की सुरक्षा

Fri, 13 Aug 2021 11:25 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 13 Aug 2021 11:25 PM IST
विज्ञापन
police,rail,jhansi mirjapur national higway,track,station
उरई। झांसी कानपुर रेलवे ट्रैक पर रेल संचालन के लिए मुसीबत बने अन्ना मवेशियों की रोकथाम के लिए ट्रैक के किनारे तारफेसिंग (मिलिट्री तार) लगाए जा रहे हैं। इससे न तो अन्ना मवेशी ट्रैक पर आ पाएंगे और न ही अनाधिकृत लोग ट्रैक पार करके निकल पाएंगे। इससे सुरक्षा की सुरक्षा व्यवस्था भी पुख्ता होगी।
विज्ञापन

पहले चरण में उरई रेलवे स्टेशन यार्ड के अजनारी रोड रेलवे क्रासिंग नंबर 181 से करमेर रोड रेलवे क्रासिंग नंबर 183 नंबर दो किलोमीटर मिलिट्री वाले तार लगाए जा रहे हैं। इसके साथ ही रेलवे का पूरा एरिया भी कवर हो जाएगा। तार सात फुट ऊंचाई तक लगाए जा रहे हैं। इसमें करीब चालीस लाख रुपये की लागत आएगी। यह काम शुक्रवार से रेलवे स्टेशन के मालगोदाम साइडिंग से शुरू हो गया। रेल विकास निगम लिमिटेड के सीनियर सेक्शन इंजीनियर नितेश कुमार ने बताया कि ट्रैक और यार्ड की सुरक्षा के मद्देनजर यह तार फेसिंग की जा रही है। तार बहुत ही मजबूत है। मिलिट्री सप्लाई में जो तार प्रयोग होते है, वह तार यहां लगाए जा रहे है ताकि अनाधिकृत प्रयोग रोका जा सके। यह काम एक महीने के भीतर पूरा कर लिया जाएगा। तार फेसिंग के दौरान ढाई-ढाई फुट की दूरी पर एंगल लगाए जा रहे हैं। इनके सहारे जाली लगाई जा रही है। जाली सात फुट ऊंची है। इसके बाद ऊपर घुमावदार फेसिंग होगी। जिससे न तो नीचे से कोई निकल पाएगा और न ही ऊपर से कोई आ पाएगा।
विज्ञापन

--------------
तार फेसिंग से रेलवे की जमीन होगी सुरक्षित
रेल विकास विकास निगम लिमिटेड के मुख्य परियोजना प्रबंधक सीपीएम केके तलरेजा का कहना है कि हालांकि तार फेसिंग करने का काम दोहरीकरण की योजना में शामिल नहीं था। पर रेलवे की जगह पर अनाधिकृत कब्जे रोकने और अनाधिकृत मानव और मवेशियों के प्रवेश रोकने के लिए तार फेसिंग की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

-----------
ट्रैक के किनारे नहीं फटक सकेंगे मानव व मवेशी
आरपीएफ इंस्पेक्टर एमके गुप्ता का कहना है कि तार फेसिंग होने के बाद ट्रैक के आसपास मवेशी और मानव नहीं भटक पाएंगे। जिससे ट्रेन से कटने की घटनाओं में कमी आएगी। साथ ही जो रेल संचालन प्रभावित होता है, वह भी नहीं होगा। हालांकि तार फेसिंग सिर्फ दो किलोमीटर ही तारफेसिंग की जा रही है इसे और बढ़ाने का प्रस्ताव भेजा जाएगा।
-------------
इन सेक्शनों में ज्यादा प्रभावित होता है रेल संचालन
उरई-भुआ, भुआ-एट, एट-पिरौना, उरई-सरसौखी, सरसौखी-आटा व आटा-उसरगांव
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed