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कैंसर स्क्रीनिंग कैंप में की गई मरीजों की जांच
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गहोई धर्मशाला में कैंसर शिविर को संबोधित करते डॉ अतुल गुप्ता
- फोटो : ORAI
उरई। कैंसर की बीमारी पूरी तरह से लाइलाज नहीं है, यदि समय रहते इसकी पहचान कर उचित इलाज शुरू कर दिया जाए तो इस खतरनाक बीमारी से भी मरीज निजात पा सकता है। यह बात रीजेंसी हेल्थ कानपुर के विशेषज्ञ डॉ अतुल गुप्ता एमडी, ने मंगलवार को गोपालगंज स्थित गहोई धर्मशाला में निशुल्क कैंसर स्क्रीनिंग कैंप में कही।
कैंप का आयोजन अमर उजाला और रीजेंसी हेल्थ की ओर से किया गया। कैंप में आने वाले मरीजों के चेहरों पर बीमारी व उसके लक्षणों के चलते निराशा के भाव जरूर थे लेकिन जब वे कैंप से निकले तो उन्हीं चेहरों पर सुकून साफ नजर आ रहा था। कैंप में 24 मरीजों का परीक्षण किया गया।
कैंप में रजिस्ट्रेशन के लिए निर्धारित समय से पहले ही मरीज अपने तीमारदारों के साथ पहुंचने लगे थे। ज्यादातर मरीज ग्रामीण इलाकों से आए। उनका कहना था कि उन्हें ऐसे ही किसी निशुल्क कैंप की आवश्यकता महसूस हो रही थी, जहां वे अपना स्वास्थ्य परीक्षण करा सके। कुछ मरीज अपने पुराने इलाज के पर्चे और एक्सरे भी साथ लाए थे। इनकी डॉ अतुल ने पूरी गंभीरता के साथ जांच पड़ताल की और मरीजों को उचित सलाह भी दी। कैंप में आने वाले अधिकांश मरीज मुंह के छाले, पाचन क्रिया ठीक न होने, भूख न लगने आदि दिक्कतों से परेशान थे।
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डॉक्टर ने कैंप के माध्यम से लोगों से अपील करते हुए कहा कि तंबाकू, सिगरेट व गुटखा का सेवन कतई न करें। फल व सब्जियां भी धोकर खाए ही सेवन में लाए। प्रदूषण से बचने का प्रयास करें। इन उपायों पर अमल करने से ही कैंसर से बचाव किया जा सकता है। कैंप में भारत विकास परिषद ने भी महत्वपूर्ण भूमिका अदा की। इस मौके पर परिषद के अजय इटौरिया, अनरुद्व गुप्ता, जीवनराम गुप्ता, काजेष निगीतिया, डॉ संजीव गुप्ता आदि रहे।
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कैंप का आयोजन अमर उजाला और रीजेंसी हेल्थ की ओर से किया गया। कैंप में आने वाले मरीजों के चेहरों पर बीमारी व उसके लक्षणों के चलते निराशा के भाव जरूर थे लेकिन जब वे कैंप से निकले तो उन्हीं चेहरों पर सुकून साफ नजर आ रहा था। कैंप में 24 मरीजों का परीक्षण किया गया।
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कैंप में रजिस्ट्रेशन के लिए निर्धारित समय से पहले ही मरीज अपने तीमारदारों के साथ पहुंचने लगे थे। ज्यादातर मरीज ग्रामीण इलाकों से आए। उनका कहना था कि उन्हें ऐसे ही किसी निशुल्क कैंप की आवश्यकता महसूस हो रही थी, जहां वे अपना स्वास्थ्य परीक्षण करा सके। कुछ मरीज अपने पुराने इलाज के पर्चे और एक्सरे भी साथ लाए थे। इनकी डॉ अतुल ने पूरी गंभीरता के साथ जांच पड़ताल की और मरीजों को उचित सलाह भी दी। कैंप में आने वाले अधिकांश मरीज मुंह के छाले, पाचन क्रिया ठीक न होने, भूख न लगने आदि दिक्कतों से परेशान थे।
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डॉक्टर ने कैंप के माध्यम से लोगों से अपील करते हुए कहा कि तंबाकू, सिगरेट व गुटखा का सेवन कतई न करें। फल व सब्जियां भी धोकर खाए ही सेवन में लाए। प्रदूषण से बचने का प्रयास करें। इन उपायों पर अमल करने से ही कैंसर से बचाव किया जा सकता है। कैंप में भारत विकास परिषद ने भी महत्वपूर्ण भूमिका अदा की। इस मौके पर परिषद के अजय इटौरिया, अनरुद्व गुप्ता, जीवनराम गुप्ता, काजेष निगीतिया, डॉ संजीव गुप्ता आदि रहे।