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निजीकरण के विरोध में हड़ताल पर रहे बैंक, डाकघर और एलआईसी कर्मचारी

Fri, 27 Nov 2020 12:23 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 27 Nov 2020 12:23 AM IST
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-प्रधान डाकघर में हड़ताल के दौरान नारेबाजी करते डाककर्मी। - फोटो : ORAI
उरई (जालौन)। निजीकरण के विरोध में गुरुवार को बैंकों, डॉकघरों और बीमा कार्यालयों में हड़ताल रही। इससे ग्राहकों को तो परेशानी हुई ही, 111 करोड़ का कारोबार भी प्रभावित हुआ।
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कनफेडरेशन आफ सेंट्रल गवर्मेंट इंपलाइज एवं वर्कर्स केंद्रीय कर्मचारी परिसंघ ने एक दिवसीय हड़ताल का आह्वान किया था। हड़ताल से बैंकों में 96 करोड़ और डाकघरों में 15 करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ। बीमा कंपनी के कार्यालयों पर भी असर रहा। हड़ताली कर्मचारियों ने प्रदर्शन भी किया।
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प्रधान डाकघर में हड़ताल के विरोध में हुई सभा की अध्यक्षता सेवानिवृत्त लेखाधिकारी इरफान अहमद ने की। शाखा सचिव संजीव अग्निहोत्री ने बताया कि हड़ताल में जिले की सभी 25 शाखाएं शामिल हैं। ग्रामीण डाकसेवकों को छोड़कर सभी डाककर्मी हड़ताल पर हैं।उन्होंने बताया कि हड़ताल निजीकरण के विरोध, पुरानी पेंशन बहाली और समान कार्य के लिए समान वेतन समेत 14 मांगों को लेकर की जा रही है। रामलखन, रामकिशुन, कैलाश, लक्ष्मीनारायण गुप्ता, अशोक, मधुकर उपाध्याय, देवेंद्र स्वर्णकार, मुरारीमोहन, लक्ष्मण, हेमेंद्र, अजय शुक्ला, रोहित पटेल, निधि शर्मा, रघुनाथ पटेल, सुनीत, तेजप्रताप, राजश , परवेज, दीपक, बलराम गुप्ता आदि रहे।
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पीएनबी स्टाफ एसोसिएशन के शाखा सचिव देवेंद्र सिंह ने बताया कि निजीकरण समेत सात मांगें हैं। जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक अनुपम गुप्ता ने बताया कि एसबीआई, यूको बैंक और ग्रामीण बैंकों को छोड़कर अन्य बैंकों में हड़ताल रही। कालपी संवाद के अनुसार बैंक ऑफ बड़ौदा, सिंडिकेट बैंक, इलाहाबाद बैंक में काम नहीं हुआ। इलाहाबाद बैंक मंडी के प्रबंधक अशोक कुमार ने बताया कि कैश काउंटर की चाबी न होने से काम नहीं हो पाया।
जालौन संवाद के अनुसार कानपुर डिवीजन इंश्योरेंस इम्पलाइज एसोसिएशन के बैनर तले एलआईसी कर्मचारी भी हड़ताल पर रहे। अध्यक्ष सुशील कुमार ने कहा कि पुरानी पेंशन योजना बहाल करने एवं खाली पड़े पदों को भरने के लिए कोई नीति नहीं बनाई जा रही है। प्रदर्शन में अफसर अहमद खां, प्रहलाद सिंह, आशीष, नरेंद्र सिंह, आशीष चौहान, करन गुप्ता, श्यामसुंदर, बीनू पांडेय, काव्या, स्वाति, करिश्मा, रिजवान, मुकेश, मुरारी, शेखर शामिल रहे।
श्रम कानूनों में बदलाव के विरोध में यूपी मेडिकल रिप्रेजेंटिव एसोसिएशन के बैनर तले दवा प्रतिनिधियों ने प्रदर्शन किया। संगठन के प्रांतीय संयुक्त सचिव प्रताप यादव ने बताया कि श्रम कानूनों में बदलाव से कर्मचारियों का शोषण बढ़ा है। सरकार बदलाव को वापस ले। दीपांशु पालीवाल, रतन मिश्रा, राजेश शुक्ला, शिवसिंह कटियार आदि रहे।
केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में किया प्रदर्शन
एक्टू ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को सौंपा
संवाद न्यूज एजेंसी
उरई (जालौन)। आल इंडिया सेंट्रल काउंसिल आफ ट्रेड यूनियन (एक्टू) के बैनर तले गुरुवार को केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति को संबोधित आठ सूत्री मांगों का ज्ञापन अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को सौंपा

कामरेड राजीव कुशवाहा, रामसिंह, मुकेश मौर्य ने कहा कि केंद्र की सरकार ने महंगाई बढ़ाकर गरीब और मजदूरों की कमर तोड़ दी है। सरकार ने पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने का काम किया है। किसान, मजदूर व बेरोजगार परेशान हैं। इस वर्ग के लिए सरकार ने जन कल्याणकारी योजनाओं से कोई लाभ पहुंचाने का काम नहीं किया। सरकारी उपक्रमों औने पौने दामों में पूंजीपतियों को बेंचा जा रहा है। सरकार की इन नीतियों का एक्टू विरोध करता है। प्रदर्शन में शिववीर सिंह, अक्षय कुमार, भूपसिंह, देवीदीन, माताप्रसाद, विक्रम सिंह, कांशीराम वर्मा, जितेंद्र चौधरी आदि शामिल रहे।
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