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साबरमती एक्सप्रेस से टकराए अन्ना मवेशी, छह घंटे यातायात रहा प्रभावित
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उरई (जालौन)। झांसी-कानपुर रेलवे ट्रैक के भुआ-उरई सेक्शन में गुरुवार रात बड़ागांव रेलवे क्रासिंग के पास अन्ना मवेशियों का झुंड साबरमती एक्सप्रेस से टकरा गया। मवेशियों के शव इंजन में फंसने से ट्रेन करीब दस मिनट तक खड़ी रही। पटरी के किनारे से शव न हटाने से करीब छह घंटे तक यातायात प्रभावित रहा।
अहमदाबाद से चलकर दरभंगा जाने वाली साबरमती एक्सप्रेस बृहस्पतिवार देर शाम बड़ागांव रेलवे क्रासिंग से गुजर रही थी। इसी बीच अन्ना मवेशियों का झुंड ट्रेन के इंजन से टकरा गया। ट्रेन की चपेट में आकर चार मवेशियों की मौत हो गई। मवेशियों के शव ट्रेन के इंजन में फंस गए। चालक ने उतरकर इंजन को देखा। इसके चलते ट्रेन करीब दस मिनट तक खड़ी रही। इंजर में फंसे मवेशियों के शवों को निकालकर ट्रेन रवाना हुई।
चालक ने हादसे की सूचना वॉकीटॉकी से उरई स्टेशन पर तैनात डिप्टी एसएस कुमार अंशुल को दी। ट्रैक किनारे से मवेशियों के शव नहीं हटाए गए, इससे रात बारह बजे तक यातायात प्रभावित रहा। कुशीनगर, इंटरसिटी, पुष्पक एक्सप्रेस और चार मालगाड़ियों को सतर्कता आदेश देकर निकाला गया। इंजीनियरिंग विभाग की टीम ने देर रात एक बजे ट्रैक के किनारे से मवेशियों के शवों को हटाया। इसके बाद यातायात सुचारु हुआ। हादसे के कारण करीब छह घंटे यातायात प्रभावित रहा।
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अहमदाबाद से चलकर दरभंगा जाने वाली साबरमती एक्सप्रेस बृहस्पतिवार देर शाम बड़ागांव रेलवे क्रासिंग से गुजर रही थी। इसी बीच अन्ना मवेशियों का झुंड ट्रेन के इंजन से टकरा गया। ट्रेन की चपेट में आकर चार मवेशियों की मौत हो गई। मवेशियों के शव ट्रेन के इंजन में फंस गए। चालक ने उतरकर इंजन को देखा। इसके चलते ट्रेन करीब दस मिनट तक खड़ी रही। इंजर में फंसे मवेशियों के शवों को निकालकर ट्रेन रवाना हुई।
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चालक ने हादसे की सूचना वॉकीटॉकी से उरई स्टेशन पर तैनात डिप्टी एसएस कुमार अंशुल को दी। ट्रैक किनारे से मवेशियों के शव नहीं हटाए गए, इससे रात बारह बजे तक यातायात प्रभावित रहा। कुशीनगर, इंटरसिटी, पुष्पक एक्सप्रेस और चार मालगाड़ियों को सतर्कता आदेश देकर निकाला गया। इंजीनियरिंग विभाग की टीम ने देर रात एक बजे ट्रैक के किनारे से मवेशियों के शवों को हटाया। इसके बाद यातायात सुचारु हुआ। हादसे के कारण करीब छह घंटे यातायात प्रभावित रहा।
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