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अब हर बच्चे का होगा डाटा बेस

Mon, 24 Oct 2016 10:54 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
अमर उजाला ब्यूरो, उरई Updated Mon, 24 Oct 2016 10:54 PM IST
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Now every child must Database
जानकारी देते बीएसए प्रदीप कुमार। - फोटो : अमर उजाला
एक बच्चा अब कई विद्यालयों में नाम नहीं लिखा पाएगा। सरकारी, जूनियर हाईस्कूलों में छात्र संख्या बढ़ाकर मिड-डे मील, छात्रवृत्ति आदि हड़पने वाले शिक्षकों को अब  छात्र-छात्राओं का पूरा ब्यौरा देना पडे़गा। इसके लिए विद्यालयों में प्रवेश लेने वाले हर बच्चे का डाटा चैप्टर फार्म भरवाया जाएगा। इसे कंप्यूटर में फीड कर उसकी सीडी बनाई जाएगी व बीएसए कार्यालय में
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स्कूलवार जमा होगी। इसमें छात्र-छात्राओं केे आधार कार्ड, बैंक अकाउंट नंबर समेत 35 जानकारियां दी जाएंगी। परिषदीय, समाज कल्याण द्वारा संचालित प्राइमरी जूनियर हाईस्कूल विद्यालयोें में कई जगह छात्र-छात्राओं के नाम लिखाकर इनकी संख्या रजिस्टर में बढ़ाने का खेल अब नहीं चलेगा। बताते चलें कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोग योजनाओं का लाभ लेने के लिए
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अपने बच्चों का प्राइमरी, जूनियर स्कूलों में नाम लिखा ही देते हैं, पर इनकी शिक्षा-दीक्षा प्राइवेट स्कूलों मेें कराते हैं। इससे उसका फायदा गांव में चल रहे स्कूलोें में शिक्षकोें को होता है। मिड-डे मील, छात्रवृत्ति, ड्रेस, किताब, बस्ता आदि मदों मेें आने वाले पैसे का ये शिक्षक बंदरबांट करते हैं। धांधली रोकने के उद्देश्य से सरकार ने अब हर बच्चे को डाटा चैप्टर
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फार्मेट भरने का आदेश दिया। सभी प्राइमरी, जूनियर, प्राइवेट व कान्वेंट स्कूलों के बच्चों को फार्मेट भरना आवश्यक कर दिया है। फार्मेट भरने केे बाद संबंधित बीआरसी में छात्र छात्राओं का कंप्यूटरीकृत डाटा बेस तैयार किया जाएगा। स्टूडेंट डाटा चेप्टर फार्मेट में छात्र-छात्रा का आधार नंबर, नाम, पिता या अभिभावक का नाम, जन्मतिथि, लिंग, सामाजिक वर्ग, धर्म, मातृ

भाषा, गांव, मोहल्ला (जहां बच्चे का आवास हो) का पता, विद्यालय में दर्ज नामांकन संख्या, क्या बच्चा गरीबी रेखा के नीचे का है, किस कक्षा में हैं, आदि भरा जाएगा। इसके अलावा पिछले सत्र में छात्र की उपस्थिति क्या रही, छात्र-छात्रा का बैंक खाता संख्या, बैंक शाखा का आईएफएससी कोड, छात्र व अभिभावक का मोबाइल नंबर, अभिभावक की ई-मेल आईडी, पढ़ाई का

माध्यम, विकलांगता का प्रकार आदि समेत 35 जानकारियां फार्मेट में भरकर हर छात्र-छात्रा को देना होगा। इन सूचनाओं से डेटा बेस बनाया जाएगा। फिर इसकी सीडी तैयार की जाएगी


जो बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में रहेगी। बीएसए प्रदीप कुमार पांडेय ने कहा कि विद्यार्थी आंकड़ा संकलन प्रपत्र भरवाने से कई गड़बड़ियों पर रोक लग सकेगी। इस बार इसमें छात्र-छात्राओं का आधार कार्ड नंबर भी लिया जा रहा है। प्रपत्र को नवंबर माह में भरवाकर पूरा करा लिया जाएगा।
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