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Jalaun News: अब बिना लाइसेंस ई-रिक्शा चलाने पर होगी कार्रवाई
Sat, 24 Feb 2024 11:35 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
Updated Sat, 24 Feb 2024 11:35 PM IST
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उरई। अब बिना प्रशिक्षण लिए और बिना लाइसेंस के सड़क पर आप ई-रिक्शा नहीं चला सकते हैं। जो ई-रिक्शा चलाएगा उसको सारे नियमोें की जानकारी होना जरूरी है। इससे जहां हादसे रुकेंगे। वहीं, सवारियों को भी सहूलियत मिलेगी।
उत्तर प्रदेश प्राविधिक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान द्वारा इन चालकों को प्रशिक्षण झांसी के आईटीआई स्थित ट्रेनिंग सेंटर में दिया जाएगा। दस दिवसीय प्रशिक्षण के बाद प्रमाण पत्र मिलेगा। इससे लाइसेंस बनवाने में भी सहूलियत मिलेगी। 18 वर्ष से 60 वर्ष के व्यक्तियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के लिए 22 फरवरी से इन चालकों का पंजीकरण शहर में कराया जा रहा है। अभी तक 400 ई-रिक्शा चालकों का पंजीकरण कराया गया है। प्रशिक्षण, पंजीकरण निशुल्क रहेगा। प्रशिक्षण के दौरान रहने के व्यवस्था चालकों को स्वयं करनी होगी। शनिवार को रोडवेज स्टैंड पर पंजीयन कैंप लगाया गया। इसमें रवि कुमार, वैभव सक्सेना, नितिन मैसी, संतोष कुमार शामिल रहे।
प्रशिक्षण में यह दी जाएगी जानकारी
कंपनी द्वारा दिए गए वाहन का रंग नहीं बदला जाए। चौराहे पर सवारिया न तो बैठाएं और न उतारें। नाबालिग बच्चों से वाहन न चलवाएं, बिना रूट के रिक्शा न चलाएं। पांच से अधिक सवारियां न बैठाएं, बिना लाइसेंस वाहन नहीं चलाएं। इसके अलावा विपरीत दिशा में सवारियां न उतारें।
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सात हजार के करीब ई-रिक्शा
ट्रेनर ने बताया कि जिले में करीब सात हजार ई-रिक्शा हैं। इनमें ग्रामीण क्षेत्र में चलने वाले ई-रिक्शाों का कोई रजिस्ट्रेशन भी नहीं है। उन सब को भी इस प्रशिक्षण दिया जाएगा। झांसी में ई-रिक्शों की संख्या दो हजार के करीब है।
लाइसेंस में होंगी दो श्रेणी
संस्थान के ट्रेनर अनिल मैसी ने बताया कि जो सवारियां बैठाते हैं। उनके लाइसेंस में ई-रिक्शा लिखकर आता है। जो सामान ढोते हैं। उनका लाइसेंस ई कार्ट श्रेणी में बनता है। इन्हीं सब चीज की जानकारी देकर उन्हें प्रमाण पत्र दिया जाएगा। उसी से लाइसेंस बनेगा। अभी पंजीकरण करवाए जा रहे हैं। एक मार्च तक प्रशिक्षण दिए जाएंगे।
लाइसेंस में मिलेगी सुविधा
इस प्रशिक्षण से चालक वाहन को सही ढंग से चलाएंगे। संस्थान द्वारा झांसी में प्रशिक्षण के बाद प्रमाण पत्र दिया जाएगा। इससे लाइसेंस तुरंत बन जाएगा। जो लाइसेंस के बिना ई-रिक्शा चलाएगा। उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। ई-रिक्शा जब्त किया जाएगा। -सौरभ कुमार, एआरटीओ प्रशासन
ई-रिक्शा चालकों की बात
अखिलेश ने बताया कि दस दिन के लिए झांसी जाना पड़ेगा। रुकने की भी कोई व्यवस्था नहीं है। कैसे कहां रुकेंगे। इन सब की समस्या आएगी। प्रमोद यादव ने बताया कि रोज कमाने खाने वाले हैं। दस दिन में 10 हजार का नुकसान हो जाएगा। दस दिन बाहर रहकर कैसे प्रशिक्षण लेंगे। शहर में व्यवस्था हो जाए ठीक रहेगा।
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उत्तर प्रदेश प्राविधिक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान द्वारा इन चालकों को प्रशिक्षण झांसी के आईटीआई स्थित ट्रेनिंग सेंटर में दिया जाएगा। दस दिवसीय प्रशिक्षण के बाद प्रमाण पत्र मिलेगा। इससे लाइसेंस बनवाने में भी सहूलियत मिलेगी। 18 वर्ष से 60 वर्ष के व्यक्तियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के लिए 22 फरवरी से इन चालकों का पंजीकरण शहर में कराया जा रहा है। अभी तक 400 ई-रिक्शा चालकों का पंजीकरण कराया गया है। प्रशिक्षण, पंजीकरण निशुल्क रहेगा। प्रशिक्षण के दौरान रहने के व्यवस्था चालकों को स्वयं करनी होगी। शनिवार को रोडवेज स्टैंड पर पंजीयन कैंप लगाया गया। इसमें रवि कुमार, वैभव सक्सेना, नितिन मैसी, संतोष कुमार शामिल रहे।
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प्रशिक्षण में यह दी जाएगी जानकारी
कंपनी द्वारा दिए गए वाहन का रंग नहीं बदला जाए। चौराहे पर सवारिया न तो बैठाएं और न उतारें। नाबालिग बच्चों से वाहन न चलवाएं, बिना रूट के रिक्शा न चलाएं। पांच से अधिक सवारियां न बैठाएं, बिना लाइसेंस वाहन नहीं चलाएं। इसके अलावा विपरीत दिशा में सवारियां न उतारें।
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सात हजार के करीब ई-रिक्शा
ट्रेनर ने बताया कि जिले में करीब सात हजार ई-रिक्शा हैं। इनमें ग्रामीण क्षेत्र में चलने वाले ई-रिक्शाों का कोई रजिस्ट्रेशन भी नहीं है। उन सब को भी इस प्रशिक्षण दिया जाएगा। झांसी में ई-रिक्शों की संख्या दो हजार के करीब है।
लाइसेंस में होंगी दो श्रेणी
संस्थान के ट्रेनर अनिल मैसी ने बताया कि जो सवारियां बैठाते हैं। उनके लाइसेंस में ई-रिक्शा लिखकर आता है। जो सामान ढोते हैं। उनका लाइसेंस ई कार्ट श्रेणी में बनता है। इन्हीं सब चीज की जानकारी देकर उन्हें प्रमाण पत्र दिया जाएगा। उसी से लाइसेंस बनेगा। अभी पंजीकरण करवाए जा रहे हैं। एक मार्च तक प्रशिक्षण दिए जाएंगे।
लाइसेंस में मिलेगी सुविधा
इस प्रशिक्षण से चालक वाहन को सही ढंग से चलाएंगे। संस्थान द्वारा झांसी में प्रशिक्षण के बाद प्रमाण पत्र दिया जाएगा। इससे लाइसेंस तुरंत बन जाएगा। जो लाइसेंस के बिना ई-रिक्शा चलाएगा। उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। ई-रिक्शा जब्त किया जाएगा। -सौरभ कुमार, एआरटीओ प्रशासन
ई-रिक्शा चालकों की बात
अखिलेश ने बताया कि दस दिन के लिए झांसी जाना पड़ेगा। रुकने की भी कोई व्यवस्था नहीं है। कैसे कहां रुकेंगे। इन सब की समस्या आएगी। प्रमोद यादव ने बताया कि रोज कमाने खाने वाले हैं। दस दिन में 10 हजार का नुकसान हो जाएगा। दस दिन बाहर रहकर कैसे प्रशिक्षण लेंगे। शहर में व्यवस्था हो जाए ठीक रहेगा।