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छह साल बाद आया कपड़ा व्यापारी की हत्या का फैसला
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जालौन। छह साल पहले नगर के मुख्य बाजार बैठगंज में कपड़ा व्यापारी राजेश अग्रवाल उर्फ मनन की दुकान में लूट के इरादे से घुसे बदमाश ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में छह साल बाद आरोपी को आजीवन की सजा सुनाई गई। कोर्ट ने दोषी पर 20 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है।
मोहल्ला मुरली मनोहर निवासी लालजी प्रसाद उर्फ लालू अग्रवाल ने कोतवाली में तहरीर देते हुए बताया था कि 9 अप्रैल 2016 को रात लगभग आठ बजे देर शाम तीन अज्ञात बदमाश उनके छोटे भाई राजेश अग्रवाल की झंडा चौराहे के पास स्थित दुकान में लूट के इरादे से घुस गए थे। बदमाशों ने जब गोलक लूटने का प्रयास किया तो राजेश ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। इस पर बदमाश उन्हें गोली मारकर भाग गए। बाद में बाजार के लोगों की सूचना पर वह, भाई का पुत्र मोहित व छोटा भाई मनीष मौके पर पहुंचे और राजेश को इलाज के लिए ले गए। अस्पताल में डॉक्टरों ने राजेश को मृत घोषित कर दिया।
मृतक के बड़े भाई की तहरीर पर तत्कालीन सीओ कुलदीप सिंह व कोतवाल लालबहादुर यादव ने रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की थी। मामले में पुलिस ने हिमांशु यादव को मुख्य आरोपी बनाकर जेल भेजा था। छह साल बाद आए अदालत के फैसले में आरोपी हिमांशु यादव को व्यापारी की हत्या के मामले में आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। फैसले पर राजेश के भाई लालजी प्रसाद, पुत्र मोहित और अन्य परिजनों ने संतोष जताया और कहा कि छह साल बाद न्याय मिला है।
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शासकीय अधिवक्ता महेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि मामले की सुनवाई स्पेशल जज (डकैती कोर्ट) अचल लवानिया की कोर्ट में चल रही थी। कोर्ट ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद सजा सुनाई। अधिवक्ता महेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि मुकदमे के दौरान ही नामजद हुए एक अभियुक्त नौशाद की मौत हो गई। दोषी पाए जाने पर अभियुक्त हिमांशु को उम्रकैद व 20 हजार जुर्माने की सजा सुनाई। साक्ष्यों के अभाव में अभियुक्त सचिन को दोषमुक्त कर दिया गया है।
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मोहल्ला मुरली मनोहर निवासी लालजी प्रसाद उर्फ लालू अग्रवाल ने कोतवाली में तहरीर देते हुए बताया था कि 9 अप्रैल 2016 को रात लगभग आठ बजे देर शाम तीन अज्ञात बदमाश उनके छोटे भाई राजेश अग्रवाल की झंडा चौराहे के पास स्थित दुकान में लूट के इरादे से घुस गए थे। बदमाशों ने जब गोलक लूटने का प्रयास किया तो राजेश ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। इस पर बदमाश उन्हें गोली मारकर भाग गए। बाद में बाजार के लोगों की सूचना पर वह, भाई का पुत्र मोहित व छोटा भाई मनीष मौके पर पहुंचे और राजेश को इलाज के लिए ले गए। अस्पताल में डॉक्टरों ने राजेश को मृत घोषित कर दिया।
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मृतक के बड़े भाई की तहरीर पर तत्कालीन सीओ कुलदीप सिंह व कोतवाल लालबहादुर यादव ने रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की थी। मामले में पुलिस ने हिमांशु यादव को मुख्य आरोपी बनाकर जेल भेजा था। छह साल बाद आए अदालत के फैसले में आरोपी हिमांशु यादव को व्यापारी की हत्या के मामले में आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। फैसले पर राजेश के भाई लालजी प्रसाद, पुत्र मोहित और अन्य परिजनों ने संतोष जताया और कहा कि छह साल बाद न्याय मिला है।
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शासकीय अधिवक्ता महेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि मामले की सुनवाई स्पेशल जज (डकैती कोर्ट) अचल लवानिया की कोर्ट में चल रही थी। कोर्ट ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद सजा सुनाई। अधिवक्ता महेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि मुकदमे के दौरान ही नामजद हुए एक अभियुक्त नौशाद की मौत हो गई। दोषी पाए जाने पर अभियुक्त हिमांशु को उम्रकैद व 20 हजार जुर्माने की सजा सुनाई। साक्ष्यों के अभाव में अभियुक्त सचिन को दोषमुक्त कर दिया गया है।