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शादी अनुदान में बजट का रोड़ा
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
Updated Tue, 26 Jul 2016 10:55 PM IST
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पिछड़ा वर्ग के गरीब परिवारों की बेटियों के हाथ पीले करने के लिए सरकार की शादी अनुदान योजना बजट के अभाव में अटक गई है। तीन साल के ब्रेक के बाद योजना का संचालन शुरू हुआ तो लाभ लेने के लिए लोगोें की लाइन लग गई। पर बजट का रोड़ा ऐसा अटका कि आवेदक परेशान हो गए। अब ये विभाग के चक्कर काट रहे हैं लेकिन हर बार उन्हें बजट न होने
की बात कह कर टरका दिया जाता है। शादी अनुदान योजना बजट के अभाव में रफ्तार नहीं पकड़ पा रही है। योजना का लाभ लेने के लिए ग्रामीण एवं नगरीय इलाकों से कुल 755 आवेदन विभाग को भेजे गए हैं। बजट न होने से जांच भी रफ्तार नहीं पकड़ पा रही है। यही वजह है कि 755 आवेदनों के सापेक्ष अब तक 40 की जांच पड़ताल हो सकी। सबसे अधिक
आवेदन डकोर ब्लाक से 141 प्राप्त हुए हैं। इसके अलावा जालौन ब्लाक से 35, कदौरा से 102, कोंच से 48, कुठौंद से 46, माधौगढ़ से 74, महेवा से 61, नदीगांव से 57 और रामपुरा ब्लाक से 58 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इसके अलावा नगर पालिका उरई से 50, कोंच से 18, कालपी से 11, जालौन से 30, माधौगढ़ से 24 आवेदन विभाग को प्राप्त हुए हैं। आवेदन भी दफ्तर की अलमारी में धूल फांक रहे हैं। अधिकारी भी इस ओर गंभीर नहीं है। यही वजह है कि खंड विकास अधिकारियों ने जांच पड़ताल पर जोर नहीं दिया।
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तीन साल बाद भी हाथ आ रही निराशा
तीन साल से योजना पर एक तरीके से ब्रेक लगा हुआ था। चुनावी साल होने से जब योजना शुरू हुई तो लोगों को बड़ी उम्मीद थी। लोग मान रहे थे कि सरकार जल्द ही बजट देकर गरीबों को अनुदान के रूप में तोहफा देगी। यह सोच फिलहाल गलत ही साबित हुई। खुद विभाग को अभी तक फूटी कौड़ी नहीं मिली। आवेदक भी परेशान हैं। कोई सत्ता दल के नेताओं से अपनी सिफारिश करवा रहा है तो कोई सीधे ही अधिकारियों की जीहुजूरी कर रहा है।
विभाग से नहीं मिल पा रही कोई जानकारी
मंगलवार को पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के दफ्तर में पहुंचे डकोर निवासी राकेश ने कहा कि उन्होंने सभी जरूरी कागजातों के साथ आवेदन जमा किया। इसके बाद अब यह भी मालूम नहीं हो रहा कि उनके आवेदन में कोई खामी तो नहीं है। कई तो कह रहे है कि उन्होंने जून में ही आवेदन कर दिया था लेकिन अभी तक उ लाभ नहीं मिला।
अब मिलेंगे 20 हजार रुपये
पिछड़ी जाति के गरीब को अपनी बेटी के हाथ पीले करना है तो उसे सरकार भी आर्थिक मदद के लिए आगे आई है। शादी अनुदान योजना के माध्यम से अब 20 हजार रुपये की आर्थिक मदद शुरू हुई है। इसके पहले जब योजना संचालित हो रही थी तो उस समय 10 हजार रुपये का अनुदान दिया जाता था।
बोले जिम्मेदार
पिछड़ा वर्ग शादी अनुदान योजना के लिए जो आवेदन प्राप्त हुए हैं उनकी जांच पड़ताल कराई जा रही है। जो आवेदक पात्रता की शर्तों को पूरा करेगा उसी का चयन किया जाएगा। बजट अभी नहीं मिला है। जैसे ही बजट मिलेगा पात्रों को योजना का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा।-अमित सोनकर, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी जालौन
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की बात कह कर टरका दिया जाता है। शादी अनुदान योजना बजट के अभाव में रफ्तार नहीं पकड़ पा रही है। योजना का लाभ लेने के लिए ग्रामीण एवं नगरीय इलाकों से कुल 755 आवेदन विभाग को भेजे गए हैं। बजट न होने से जांच भी रफ्तार नहीं पकड़ पा रही है। यही वजह है कि 755 आवेदनों के सापेक्ष अब तक 40 की जांच पड़ताल हो सकी। सबसे अधिक
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आवेदन डकोर ब्लाक से 141 प्राप्त हुए हैं। इसके अलावा जालौन ब्लाक से 35, कदौरा से 102, कोंच से 48, कुठौंद से 46, माधौगढ़ से 74, महेवा से 61, नदीगांव से 57 और रामपुरा ब्लाक से 58 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इसके अलावा नगर पालिका उरई से 50, कोंच से 18, कालपी से 11, जालौन से 30, माधौगढ़ से 24 आवेदन विभाग को प्राप्त हुए हैं। आवेदन भी दफ्तर की अलमारी में धूल फांक रहे हैं। अधिकारी भी इस ओर गंभीर नहीं है। यही वजह है कि खंड विकास अधिकारियों ने जांच पड़ताल पर जोर नहीं दिया।
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तीन साल बाद भी हाथ आ रही निराशा
तीन साल से योजना पर एक तरीके से ब्रेक लगा हुआ था। चुनावी साल होने से जब योजना शुरू हुई तो लोगों को बड़ी उम्मीद थी। लोग मान रहे थे कि सरकार जल्द ही बजट देकर गरीबों को अनुदान के रूप में तोहफा देगी। यह सोच फिलहाल गलत ही साबित हुई। खुद विभाग को अभी तक फूटी कौड़ी नहीं मिली। आवेदक भी परेशान हैं। कोई सत्ता दल के नेताओं से अपनी सिफारिश करवा रहा है तो कोई सीधे ही अधिकारियों की जीहुजूरी कर रहा है।
विभाग से नहीं मिल पा रही कोई जानकारी
मंगलवार को पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के दफ्तर में पहुंचे डकोर निवासी राकेश ने कहा कि उन्होंने सभी जरूरी कागजातों के साथ आवेदन जमा किया। इसके बाद अब यह भी मालूम नहीं हो रहा कि उनके आवेदन में कोई खामी तो नहीं है। कई तो कह रहे है कि उन्होंने जून में ही आवेदन कर दिया था लेकिन अभी तक उ लाभ नहीं मिला।
अब मिलेंगे 20 हजार रुपये
पिछड़ी जाति के गरीब को अपनी बेटी के हाथ पीले करना है तो उसे सरकार भी आर्थिक मदद के लिए आगे आई है। शादी अनुदान योजना के माध्यम से अब 20 हजार रुपये की आर्थिक मदद शुरू हुई है। इसके पहले जब योजना संचालित हो रही थी तो उस समय 10 हजार रुपये का अनुदान दिया जाता था।
बोले जिम्मेदार
पिछड़ा वर्ग शादी अनुदान योजना के लिए जो आवेदन प्राप्त हुए हैं उनकी जांच पड़ताल कराई जा रही है। जो आवेदक पात्रता की शर्तों को पूरा करेगा उसी का चयन किया जाएगा। बजट अभी नहीं मिला है। जैसे ही बजट मिलेगा पात्रों को योजना का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा।-अमित सोनकर, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी जालौन