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टूटे पुल से निकलने के लिए जुगाड़, नहीं पहुंचे जिम्मेदार
ब्यूरो/ अमर उजाला, उरई
Updated Mon, 25 Jan 2016 11:46 PM IST
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गुढ़ा बंधौली मार्ग पर शनिवार को देर रात ध्वस्त हुए पुल की मरम्मत के
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प्रयास शुरू हो गए हैं। इसके लिए ठेकेदार ईंटा गिट्टी, मिट्टी भरी बोरियां व
मिट्टी डालकर रास्ता शुरू करने की कोशिश में लगे हैं जबकि संबंधित विभाग
का अभी तक कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा है। वहीं गुस्साए क्षेत्रीय
लोगों ने कहा कि अब इस पुल से ओवरलोड वाहनों को नहीं
निकलने दिया जाएगा। बताते चलें कि उरई राठ मार्ग से गुढ़ा बंधौली मार्ग पर अंग्रेजों के जमाने का बना पुल शनिवार की देर रात्रि ढह गया था। इस दौरान एक ट्रक भी पलटकर नहर में जा गिरा। ट्रक ड्राइवर व मालिक गंभीर रूप से घायल हो गए। पुल टूट जाने से इस मार्ग पर आवागमन ठप हो गया और रविवार को पूरे दिन जाम लगा रहा था। दरअसल ब्रिटिश कालीन इस
नहर के पुल से प्रतिदिन सैकड़ों ओवरलोड वाहन बालू व मौरंग भरकर निकलते हैं। यह पुल कई वर्षों से क्षतिग्रस्त था। प्रशासनिक अधिकारियों ने कभी इस पुल की ओर ध्यान नहीं दिया। इससे बीते शनिवार को पुल ढह गया और आवागमन बाधित रहा। इस मार्ग पर गुढ़ा, बंधौली, सिमिरिया, ऐरी, रमपुरा, हैदलपुर समेत छह गांवों के लोगों का का मुख्यालय से संपर्क भी कट गया।
पुल पर बालू घाट ठेकेदारों द्वारा बांस बल्ली बालू व गिट्टी भरी बोरियां व ईंट पत्थर लगाकर कई वर्षों से ओवरलोड बालू भरे ट्रकों को निकलवाया जा रहा था। पुल ढहने के बाद यही बालू ठेकेदार फिर से गिट्टी मिट्टी डालकर आवागमन शुरू करने की कवायद की जा रही में जुटे हैं। वहीं, ट्रक चालक इस कच्चे बने पुल से वाहन निकालने में कतरा रहे हैं। क्षेत्रीय ग्रामीणों के
अनुसार अगर अब बालू भरे ओवरलोड वाहन इधर से निकाले गए तो वे लोग इसका विरोध करेंगे। ग्रामीणों का कहना है कि ट्रकों के निकलने से कभी भी रास्ता बंद हो सकता है। इसका खामियाजा ग्रामीणों को ही भुगतना पडे़गा। ग्रामीणों ने मांग की है कि पुल शीघ्र ही बनवाया जाए।
निकलने दिया जाएगा। बताते चलें कि उरई राठ मार्ग से गुढ़ा बंधौली मार्ग पर अंग्रेजों के जमाने का बना पुल शनिवार की देर रात्रि ढह गया था। इस दौरान एक ट्रक भी पलटकर नहर में जा गिरा। ट्रक ड्राइवर व मालिक गंभीर रूप से घायल हो गए। पुल टूट जाने से इस मार्ग पर आवागमन ठप हो गया और रविवार को पूरे दिन जाम लगा रहा था। दरअसल ब्रिटिश कालीन इस
नहर के पुल से प्रतिदिन सैकड़ों ओवरलोड वाहन बालू व मौरंग भरकर निकलते हैं। यह पुल कई वर्षों से क्षतिग्रस्त था। प्रशासनिक अधिकारियों ने कभी इस पुल की ओर ध्यान नहीं दिया। इससे बीते शनिवार को पुल ढह गया और आवागमन बाधित रहा। इस मार्ग पर गुढ़ा, बंधौली, सिमिरिया, ऐरी, रमपुरा, हैदलपुर समेत छह गांवों के लोगों का का मुख्यालय से संपर्क भी कट गया।
पुल पर बालू घाट ठेकेदारों द्वारा बांस बल्ली बालू व गिट्टी भरी बोरियां व ईंट पत्थर लगाकर कई वर्षों से ओवरलोड बालू भरे ट्रकों को निकलवाया जा रहा था। पुल ढहने के बाद यही बालू ठेकेदार फिर से गिट्टी मिट्टी डालकर आवागमन शुरू करने की कवायद की जा रही में जुटे हैं। वहीं, ट्रक चालक इस कच्चे बने पुल से वाहन निकालने में कतरा रहे हैं। क्षेत्रीय ग्रामीणों के
अनुसार अगर अब बालू भरे ओवरलोड वाहन इधर से निकाले गए तो वे लोग इसका विरोध करेंगे। ग्रामीणों का कहना है कि ट्रकों के निकलने से कभी भी रास्ता बंद हो सकता है। इसका खामियाजा ग्रामीणों को ही भुगतना पडे़गा। ग्रामीणों ने मांग की है कि पुल शीघ्र ही बनवाया जाए।