फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jalaun News ›   Love changed into hate in a few years

कुछ साल में ही नफरत में बदला प्यार

Mon, 06 Jan 2020 12:06 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 06 Jan 2020 12:06 AM IST
विज्ञापन
Love changed into hate in a few years
विनीता व प्रमोद की शादी के एलबम की फोटो - फोटो : ORAI
उरई। विनीता को कभी अपनी जान से ज्यादा चाहने वाला प्रमोद उसकी जान का दुश्मन बन जाएगा ये न तो कभी विनीता के घरवालों ने सोचा था और न ही प्रमोद के माता पिता को ही इसका कभी आभास हो सका। वर्ष 2011 में सात जन्मों की कसम खाने वाले विनीता और प्रमोद के प्यार को शादी के कुछ साल बाद ही ग्रहण लगना शुरू हो गया था।
विज्ञापन

दोनों के परिवार की करीबियों की मानें तो शादी के पांच साल तक पति पत्नी के बीच के किसी तरह का पारिवारिक क्लेश नहीं था, लेकिन दो बेटियों के होने के बाद भी प्रमोद की बेरोजगारी और आपराधिक प्रवृतियां पति पत्नी के बीच दीवार बनने लगी थी। भले ही प्रमोद के पिता ने उसे रामनगर अजनारी रोड का मकान रहने को दिया था। फिर भी उसके काम न करने के कारण गृहस्थी की गाड़ी चलना मुश्किल हो रही थी। इसी बीच प्रमोद ने विनीता पर दहेज लाने का दबाव बनाते हुए उसे प्रताड़ित करना भी शुरू कर दिया था।
विज्ञापन

जब तक तीसरी बेटी परी ने जन्म लिया तब तक पति पत्नी के बीच पारिवारिक क्लेश इस कदर बढ़ गया था कि उनके बीच का प्यार कब नफरत में बदल गया। खुद उन्हें ही पता नहीं चल सका। इसके बाद 15 मई 2018 का वह दिन भी आया जब विनीता और प्रमोद का आशियाना ही विनीता की कब्र का बन गया। मामले का खुलासा होने के बाद सभी प्रमोद को कोस रहे हैं। कि वह इतना निर्दयी हो गया कि पत्नी का गला घोंटते वक्त उसे अपनी मासूम बच्चियों का भी ख्याल नहीं आया।
विज्ञापन
विज्ञापन

प्रमोद की हैवानियत को लेकर न सिर्फ विनीता के घरवाले बल्कि प्रमोद के नाते रिश्तेदार भी यही कह रहे हैं कि उसे कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। कोतवाल शिव गोपाल ने बताया कि रविवार को आरोपी प्रमोद का मेडिकल कराकर उसे जेल भेज दिया गया है। जल्द ही उसे रिमांड में लेकर घटना से जुड़े कुछ और साक्ष्य भी जुटाए जाएंगे। बोले, खुदाई में मिले विनीता के कंकाल से डीएनई जांच के लिए नमूने लिए गए है कि एक दो दिन में नमूनों को जांच के लिए भी भेज दिया जाएगा। जिससे कि शव विनीता का ही होने की पुष्टि हो जाएगी।
हत्यारे प्रमोद को नहीं है कोई अफसोस
विनीता को अपने ही हाथ से मौत के घाट उतारने वाले उसके पति प्रमोद को आज डेढ़ साल बाद भी पत्नी के न होने का कोई अफसोस नहीं है। शनिवार को जब पुलिस ने उससे पूछताछ की कि शव को जमीन में दफनाने के बाद उसमें ढेर सारा नमक डालने का दिमाग उसे कहां से मिला। इसपर उसने किसी शातिर अपराधी की तरह सामने खड़े दरोगा को जवाब दिया कि साहब जब मारकर गाड़ने का दिमाग आ सकता है तो शव को गलाने के लिए नमक का दिमाग लेने के लिए किसी दुकान पर जाने की जरूरत नहीं थी। उसने बताया कि शव दफनाने के तीन चार दिन बाद उसने सोचा की कभी न कभी टीनशेड में सड़ांध भी फैलेगी जिससे आसपास के लोगों को शक हो सकता है। इसपर वह बाजार से मजदूर लाया और अपनी आंखों के सामने ही शव गाड़ने वाली जगह पर पक्की फर्श बनवा दी। प्रमोद की जुबान से ही उसकी हैवानियत की कहानी सुनकर आसपास खड़े पुलिसवाले भी हैरान हो रहे थे।
बीस माह पहले सुनी थी बेटी की आवाज
सरसौखी गांव में अपने घर पर मौजूद विनीता की मां उर्मिला ने बताया कि करीब बीस माह पहले अप्रैल 2018 की शुरुआत में ही आखिरी बार विनीता से फोन पर बात हुई थी। उस वक्त भी बेटी विनीता अपने पति प्रमोद और ससुरालियों से काफी परेशान थी। इसके बाद दोनों पति पत्नी के विवाद का परिवार परामर्श केंद्र में समझौता हुआ। फिर कभी बेटी की आवाज इन कानों तक नहीं पहुंच सकी। बेटी के लापता होने और उसे तलाशने की परेशानी में आज विनीता के जुबान से सुने आखिरी शब्द भी याद नहीं रह गए। भगवान कभी प्रमोद को माफ नहीं करेगा। मेरी बेटी को उस हैवान की वजह से चिता भी नसीब नहीं हो पाई। उसका भी बहुत बुरा हश्र होगा।
बच्चियों को पालेंगी तीनों मौसियां
विनीता की मौत के बाद अब उसके मायके वाले किसी भी कीमत पर उसकी बच्चियों कनक उर्फ कनिका (6), गुंजन (4) और परी (2) को प्रमोद के परिवार के हवाले छोड़ने को तैयार नहीं। विनीता की तीनों बहनों वंदना, लाली, नौमी का कहना है कि जिस परिवार ने उनकी दीदी को जीते जी कंकाल बना दिया। उस परिवार में बच्चियों को हरगिज न रहने देंगे। बच्चियों की वह परिवरिश करेंगी।
थाने तक आया पिता, घर नहीं लौटा
पुलिस भले ही लिखापढ़ी में प्रमोद की गिरफ्तारी स्टेशन रोड से दिखा रही हो लेकिन हकीकत तो यह है कि उसका पिता खेमचंद्र ही पुलिस के बुलावे पर बेटे को लेकर शुक्रवार देर शाम उरई कोतवाली आया था। सूत्रों के अनुसार जैसे ही प्रमोद ने अपने ही हाथों अपनी पत्नी के कत्ल की कहानी बतानी शुरू की तो वैसे ही पिता कोतवाली से निकल गया। फिलहाल वह कहां है। इस बारे में पुलिस को भी कोई सटीक जानकारी नहीं है। अजनारी रोड स्थित प्रमोद के मकान में रहने वाले किराएदारों का कहना है कि यहां पर तो खेमचंद्र आए ही नहीं।

न किरायेदार न ही मायके वाले कुछ जान सके
विनीता के मायके वालों का कहना है कि वह लोग कई बार बेटी की तलाश के लिए प्रमोद के रामनगर स्थित मकान भी गए, लेकिन वहां कभी प्रमोद व विनीता कोई नहीं मिला। वहां रहने वाले किराएदारों से ही बात होती थी। कई बार तो उसी जगह के पास खड़े होकर ही बातचीत हुई जहां पर बेटी दफन थी, लेकिन उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि वह जहां बेटी को तलाशने आए हैं वहीं चंद कदमों की दूरी पर बेटी का शव दफन है। किराएदारों से की बातचीत में उन्होंने बताया कि कभी कोई किराया लेने नहीं आता था। मकान का किराया खेमचंद्र के बैंक खाते में जमा करते थे।

विनीता के मायके  सरसौखी में खड़ी मां बहनें

विनीता के मायके सरसौखी में खड़ी मां बहनें- फोटो : ORAI

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed