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मामा, भांजे समेत तीन को आजीवन कारावास
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उरई। घर के दरवाजे पर लेटे युवक की पुरानी रंजिश में गोली मारकर हत्या कर देने के मामले में अदालत ने मामा, भांजे समेत तीन को दोषी माना है। शुक्रवार को सुनवाई के बाद अपर सत्र न्यायाधीश (प्रथम) सुरेश चंद्र ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
दोषियों पर 15-15 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया गया है। यह कदौरा थानाक्षेत्र का करीब पांच साल पुराना मामला है।
शासकीय अधिवक्ता मोतीलाल पाल ने बताया कि कदौरा थाना क्षेत्र के चतेला निवासी बाबूलाल पाल ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया था कि 15 मई 2017 की रात करीब एक बजे वह अपने बेटे खेमचंद्र पाल उर्फ टुट्टी (30) के साथ घर के दरवाजे पर अलग-अलग चारपाई पर लेटे थे।
उसी समय कुछ लोगों की आहट सुनाई दी। बाइक पर चतेला निवासी अरविंद उर्फ बऊआ, उसका मामा वरदानी और एक साथी दीपू पुत्र रामनाथ (निवासी शहादतरोगी) आए। उन लोगों ने खेमचंद्र को गोली मार दी और भाग गए।
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जिला अस्पताल में खेमचंद्र को मृत घोषित कर दिया गया। शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि दोनों पक्षों के गवाहों व अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम सुरेश चंद्र ने तीनों को दोषी माना और आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
साथ ही 15-15 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया।
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दोषियों पर 15-15 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया गया है। यह कदौरा थानाक्षेत्र का करीब पांच साल पुराना मामला है।
शासकीय अधिवक्ता मोतीलाल पाल ने बताया कि कदौरा थाना क्षेत्र के चतेला निवासी बाबूलाल पाल ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया था कि 15 मई 2017 की रात करीब एक बजे वह अपने बेटे खेमचंद्र पाल उर्फ टुट्टी (30) के साथ घर के दरवाजे पर अलग-अलग चारपाई पर लेटे थे।
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उसी समय कुछ लोगों की आहट सुनाई दी। बाइक पर चतेला निवासी अरविंद उर्फ बऊआ, उसका मामा वरदानी और एक साथी दीपू पुत्र रामनाथ (निवासी शहादतरोगी) आए। उन लोगों ने खेमचंद्र को गोली मार दी और भाग गए।
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जिला अस्पताल में खेमचंद्र को मृत घोषित कर दिया गया। शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि दोनों पक्षों के गवाहों व अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम सुरेश चंद्र ने तीनों को दोषी माना और आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
साथ ही 15-15 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया।