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किसान की गोली मारकर हत्या में आजीवन कारावास
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उरई (जालौन)। डकोर थाना क्षेत्र के खरका गांव में साढ़े चार साल पहले सरेशाम किसान की गोली मारकर हत्या करने वाले को अपर सत्र न्यायाधीश डकैती ने आजीवन कारावास और दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
अभियोजन पक्ष की पैरवी कर रहे अपर जिला शासकीय अधिवक्ता महेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि डकोर थाना क्षेत्र के खरका निवासी अमर सिंह पुत्र नृपत सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 23 मई 2015 की शाम करीब पौने सात बजे वह अपने छोटे भाई शिवराम (36) के साथ चबूतरे पर बैठा था, तभी गांव का ही दबंग होरीलाल पुत्र लच्छीराम राजपूत तमंचा लेकर आया और गालीगलौज करने लगा। शिवराम के मना करने पर होरी ने उस पर तमंचे से फायर कर दिया।
गोली शिवराम के सीने में लगी थी। इससे पहले आसपास के लोग आरोपी होरी को पकड़ने के लिए दौड़ते वह हवा में तमंचा लहराता हुआ भाग निकला था। शिवराम व होरी के बीच पुराना विवाद चल रहा था। परिजन लहूलुहान हालत में शिवराम को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे तो डाक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। अमर सिंह ने घटना के अगले दिन यानी 24 मई को रिपोर्ट दर्ज कराई और 26 मई को पुलिस ने होरीलाल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। तब से होरीलाल जेल में ही था। सोमवार को अपर सत्र न्यायाधीश स्पेशल जज डकैती सुरेश चंद्र की अदालत ने होरीलाल पर हत्या का दोष साबित होने पर आजीवन कारावास और दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
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अभियोजन पक्ष की पैरवी कर रहे अपर जिला शासकीय अधिवक्ता महेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि डकोर थाना क्षेत्र के खरका निवासी अमर सिंह पुत्र नृपत सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 23 मई 2015 की शाम करीब पौने सात बजे वह अपने छोटे भाई शिवराम (36) के साथ चबूतरे पर बैठा था, तभी गांव का ही दबंग होरीलाल पुत्र लच्छीराम राजपूत तमंचा लेकर आया और गालीगलौज करने लगा। शिवराम के मना करने पर होरी ने उस पर तमंचे से फायर कर दिया।
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गोली शिवराम के सीने में लगी थी। इससे पहले आसपास के लोग आरोपी होरी को पकड़ने के लिए दौड़ते वह हवा में तमंचा लहराता हुआ भाग निकला था। शिवराम व होरी के बीच पुराना विवाद चल रहा था। परिजन लहूलुहान हालत में शिवराम को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे तो डाक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। अमर सिंह ने घटना के अगले दिन यानी 24 मई को रिपोर्ट दर्ज कराई और 26 मई को पुलिस ने होरीलाल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। तब से होरीलाल जेल में ही था। सोमवार को अपर सत्र न्यायाधीश स्पेशल जज डकैती सुरेश चंद्र की अदालत ने होरीलाल पर हत्या का दोष साबित होने पर आजीवन कारावास और दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
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