{"_id":"5841b0424f1c1b2616de6a3b","slug":"late-hours-of-the-third-day-trains","type":"story","status":"publish","title_hn":"तीसरे दिन भी ट्रेनें घंटों लेट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तीसरे दिन भी ट्रेनें घंटों लेट
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
Updated Fri, 02 Dec 2016 11:02 PM IST
विज्ञापन
पूछताछ खिड़की पर जानकारी लेते यात्री।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोहरे की घनी चादर से गुरुवार का दिन तो प्रभावित रहा, वहीं, रात में भी कोहरा बढ़ जाने से ट्रेनों, बसों के यातायात में काफी परेशानी रही। इसका सबसे ज्यादा असर ट्रेनों की रफ्तार पड़ा। इससे गुरुवार रात से शुक्रवार को दिन भर लगभग सभी ट्रेनें घंटों लेट रहीं। गाड़ियां लेट होने से यात्रियों को सर्दी में रात स्टेशन पर ही बितानी पड़ी और ट्रेनों का घंटों इंतजार करना
पड़ा। दिसंबर के पहले ही दिन गुरुवार को दिन में तो कोहरा छाया ही रहा। वहीं, रात 8 बजे के बाद यह इतना ज्यादा बढ़ गया कि शहर में कुछ दिखाई ही नहीं पड़ रहा था। कोहरे की वजह से ट्रेनों, बसों समेत अन्य वाहनों की रफ्तार भी धीमी रही। शुक्रवार को झांसी से उरई आने वाली पुष्पक एक्सप्रेस दो घंटे, 2512 राप्ती सागर 2 घंटे, मुंबई- गोरखपुर 2 घंटे, 2542
लोकमान्य तिलक गोरखपुर-मुंबई ढाई घंटे, पैसेंजर 4 घंटे, इंटरसिटी 3 घंटे, 2533 ढाई घंटे, साबरमती 7 घंटे, 51804 पैसेंजर दो घंटे, कुशीननगर 15 घंटे, गोरखपुर एक्सप्रेस 10 घंटे, ग्वालियर बरौनी 12 घंटे लेट रही। इसी तरह परिवहन निगम की बसें भी समय से रवाना नहीं हो पाई। जो चलाई भी गई, उनकी रफ्तार भी काफी धीमी रही। इसकेे चलते यात्रियों को
विज्ञापन
परेशानी हुई। सहालग का समय होने से दूरदराज से शादी समारोह में शामिल होने आ रहे एवं जा रहे लोग समय से अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच सके। स्टेशन पर ही ट्रेनों के इंतजार में लोेगों को घंटों रुककर अपनी गाड़ियों का इंतजार करना पड़ा।
विज्ञापन
पड़ा। दिसंबर के पहले ही दिन गुरुवार को दिन में तो कोहरा छाया ही रहा। वहीं, रात 8 बजे के बाद यह इतना ज्यादा बढ़ गया कि शहर में कुछ दिखाई ही नहीं पड़ रहा था। कोहरे की वजह से ट्रेनों, बसों समेत अन्य वाहनों की रफ्तार भी धीमी रही। शुक्रवार को झांसी से उरई आने वाली पुष्पक एक्सप्रेस दो घंटे, 2512 राप्ती सागर 2 घंटे, मुंबई- गोरखपुर 2 घंटे, 2542
विज्ञापन
लोकमान्य तिलक गोरखपुर-मुंबई ढाई घंटे, पैसेंजर 4 घंटे, इंटरसिटी 3 घंटे, 2533 ढाई घंटे, साबरमती 7 घंटे, 51804 पैसेंजर दो घंटे, कुशीननगर 15 घंटे, गोरखपुर एक्सप्रेस 10 घंटे, ग्वालियर बरौनी 12 घंटे लेट रही। इसी तरह परिवहन निगम की बसें भी समय से रवाना नहीं हो पाई। जो चलाई भी गई, उनकी रफ्तार भी काफी धीमी रही। इसकेे चलते यात्रियों को
विज्ञापन
परेशानी हुई। सहालग का समय होने से दूरदराज से शादी समारोह में शामिल होने आ रहे एवं जा रहे लोग समय से अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच सके। स्टेशन पर ही ट्रेनों के इंतजार में लोेगों को घंटों रुककर अपनी गाड़ियों का इंतजार करना पड़ा।