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वेतन न मिलने से खफा जूनियर डॉक्टरों ने बंद की ओपीडी
अमर उजाला जालौन
Updated Thu, 29 Jun 2017 12:43 AM IST
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हड़ताल से सूना पड़ा मेडिकल कालेज
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उरई। करीब छह महीने से वेतन न मिलने से परेशान मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टर बुधवार को हड़ताल पर चले गए। इमरजेंसी के अलावा अन्य सेवाओं का काम बंद कर हड़ताली डॉक्टर प्राचार्य कक्ष के बाहर धरने पर बैठकर नारेबाजी शुरू कर दी। उन्होंने कहाकि वेतन मिलने तक हड़ताल जारी रहेगी।
मेडिकल कॉलेज में 57 जूनियर डाक्टर तैनाती हैं। इन जूनियर डॉक्टरों को करीब छह महीने से वेतन नहीं मिल रहा है। जूनियर डाक्टरों ने कई बार प्राचार्य से मिलकर वेतन दिलाने की मांग की। लेकिन समस्या का समाधान नहीं कराया गया। परेशान जूनियर डाक्टरों ने बुधवार को इमरजेंसी को छोड़कर अन्य कार्यों का बहिष्कार कर दिया। हड़ताली डाक्टर तत्काल वेतन दिलाने की मांग को लेकर प्राचार्य कक्ष के बाहर धरने पर बैठ गए। जूनियर डॉक्टरों का कहना था कि वेतन न मिलने से उधार लेकर जैसे तैसे काम चला रहे हैं। फार्म 16 भी नहीं दिया जा रहा है। जूनियर डॉक्टरों का कहना था कि तीन बार प्राचार्य को तीन बार ज्ञापन दे चुके हैं। हार बार प्रबंधन आश्वासन देता है लेकिन वेतन नहीं दिलाया जा रहा है। जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल से मरीजों को खास ी परेशानी हुई। पेट दर्द से परेशान मुससरिया के मोहम्मद नवासी सुबह मेडिकल कालेज में इलाज के लिए आए थे। हड़ताल के कारण बिना दिखाए ही उन्हें लौटना पड़ा। रामनगर निवासी बबलू कुछ दिन पहले आग से झुलस गए थे। बुधवार को वह पट्टी कराने आए थे। हड़ताल के कारण बबलू की ड्रेसिंग नहीं हो पाई। शहजादपुरा निवासी रानी देवी काफी दिनों से बीमार चल रही हैं। पिछले दिनों वह दवा लेने आई थी तब डॉक्टरों ने बुधवार को बुलाया था। इससे सुबह ही वह पहुंच गईं। हड़ताल के कारण उन्हें लौटना पड़ा। जालौन के सदूपुरा गांव की सरोज अच्छे इलाज के मेडिकल कॉलेज आई थीं। हड़ताल के कारण उनका इलाज नहीं हो सका।
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मेडिकल कॉलेज में 57 जूनियर डाक्टर तैनाती हैं। इन जूनियर डॉक्टरों को करीब छह महीने से वेतन नहीं मिल रहा है। जूनियर डाक्टरों ने कई बार प्राचार्य से मिलकर वेतन दिलाने की मांग की। लेकिन समस्या का समाधान नहीं कराया गया। परेशान जूनियर डाक्टरों ने बुधवार को इमरजेंसी को छोड़कर अन्य कार्यों का बहिष्कार कर दिया। हड़ताली डाक्टर तत्काल वेतन दिलाने की मांग को लेकर प्राचार्य कक्ष के बाहर धरने पर बैठ गए। जूनियर डॉक्टरों का कहना था कि वेतन न मिलने से उधार लेकर जैसे तैसे काम चला रहे हैं। फार्म 16 भी नहीं दिया जा रहा है। जूनियर डॉक्टरों का कहना था कि तीन बार प्राचार्य को तीन बार ज्ञापन दे चुके हैं। हार बार प्रबंधन आश्वासन देता है लेकिन वेतन नहीं दिलाया जा रहा है। जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल से मरीजों को खास ी परेशानी हुई। पेट दर्द से परेशान मुससरिया के मोहम्मद नवासी सुबह मेडिकल कालेज में इलाज के लिए आए थे। हड़ताल के कारण बिना दिखाए ही उन्हें लौटना पड़ा। रामनगर निवासी बबलू कुछ दिन पहले आग से झुलस गए थे। बुधवार को वह पट्टी कराने आए थे। हड़ताल के कारण बबलू की ड्रेसिंग नहीं हो पाई। शहजादपुरा निवासी रानी देवी काफी दिनों से बीमार चल रही हैं। पिछले दिनों वह दवा लेने आई थी तब डॉक्टरों ने बुधवार को बुलाया था। इससे सुबह ही वह पहुंच गईं। हड़ताल के कारण उन्हें लौटना पड़ा। जालौन के सदूपुरा गांव की सरोज अच्छे इलाज के मेडिकल कॉलेज आई थीं। हड़ताल के कारण उनका इलाज नहीं हो सका।
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