फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jalaun News ›   jalaun news

दावे बड़े-बड़े, सफाई कर्मचारी तक की तैनाती नहीं

Tue, 28 Dec 2021 12:00 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 28 Dec 2021 12:00 AM IST
विज्ञापन
jalaun news
पिंडारी गांव स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र। - फोटो : ORAI
एट (जालौन)। कोरोना की तीसरी लहर और ओमिक्रॉन से निपटने के लिए जागरूक अभियान चलाया जा रहा है। वहीं, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पिंडारी में सफाई कर्मचारी न होने से साफ-सफाई की समस्या बनी हुई है। यहां गांव के सफाई कर्मचारी को बुलाकर सफाई कराई जाती है। प्रभारी चिकित्साधिकारी का कहना है कि कई बार सफाई कर्मचारी की नियुक्ति की मांग की जा चुकी है लेकिन अब तक तैनाती नहीं हुई है।
विज्ञापन

बता दें कि एट नगर पंचायत से करीब 10 किलोमीटर दूरी पर कानपुर-झांसी हाईवे के किनारे बसे गांव पिंडारी गांव की पीएचसी में चार बेड की व्यवस्था है। जिसमें दो बेड सामान्य मरीजों के लिए है तो दो बेड इमरजेंसी वाले मरीजों के लिए आरक्षित है। पीएचसी प्रभारी डॉ. कमलेश राजपूत ने बताया कि पीएचसी में चार बेड के साथ 3 ऑक्सीजन सिलिंडर उपलब्ध है। इसके अलावा 10 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर भी उपलब्ध है। यहां पर दो डॉक्टर, एक आयुर्वेदिक डॉक्टर समेत सात लोगों का स्टाफ है। इसमें एक डॉक्टर रात में इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात रहता है। उन्होंने बताया कि दवाओं का स्टॉक भी पूरा कर लिया गया है। प्राथमिक तौर पर वायरस से लड़ने के लिए तैयारी पूरी है। वहीं, अस्पताल में ही प्रतिदिन कोरोना वायरस जांच चल रही है और समय-समय पर गांव में भी कैंप लगाकर जांच करवाई जा रही है। अगर जांच में कोई मरीज कोरोना पॉजिटिव निकलता है तो तत्काल उसे 108 एंबुलेंस से राजकीय मेडिकल कॉलेज में बने कोविड अस्पताल में भर्ती करा दिया जाता है।
विज्ञापन

गांव में कैंप लगाकर किया जाता है वैक्सीनेशन
पीएचसी प्रभारी ने बताया है कि पीएचसी पिंडारी के अलावा गांव में बने उप मातृ शिशु केंद्रों पर भी रोस्टर के हिसाब से एएनएम एवं आशा वर्करों की ड्यूटी लगाकर लोगों का कोविड वैक्सीनेशन किया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

बाहर से आने वाले मरीजों की भी होगी जांच
पीएचसी प्रभारी डॉ. कमलेश राजपूत ने बताया कि जिस तरह से ओमिक्रॉन के मरीज बढ़ रहे हैं और ज्यादातर क्षेत्र के लोग मुंबई, पुणे, दिल्ली, गुजरात में फैक्ट्रियों में काम करते हैं। कुछ लोग बीमारी की डर की वजह से वह अपने घर वापस आ रहे हैं। ऐसे लोगों को चिह्नित करके उनकी भी जांच कराई जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed