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डेंगू से बच्चे की मौत
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उरई। लगातार डेंगू का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। जिले में एक बच्चे की डेंगू से मौत हो गई है। इसके साथ ही जिले में डेंगू से मरने वालों की संख्या बढ़कर तीन हो गई है। जबकि चार नए केस आए है। इसके इसे डेंगू संक्रमितों की संख्या बढ़कर 305 हो गई है।
जालौन के ग्राम छोलापुर निवासी 11 वर्षीय मासूम को 12 तारीख को बुखार आया। इसके बाद अस्पताल से दवा कराकर वह 15 नवंबर को इंदौर एक शादी सामारोह में चले गए। जहां बच्चे की हालत अधिक गंभीर देखकर स्वजनों ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया। जांच कराने के बाद पता चला कि बालक को डेंगू हैं। एक दिन बाद यानी 16 नवंबर को बच्चे की मौत हो गई।
सीएमओ डॉ. एनडी शर्मा ने बताया कि डेंगू, मलेरिया इत्यादि की जांच जिला चिकित्सालय, सीएचसी व मेडिकल कॉलेज में मुफ्त में की जा रही है। यदि कोई भी प्राइवेट पैथोलॉजी वाला डेंगू या मलेरिया की जांच के लिए ज्यादा शुल्क वसूल करता है तो उसकी शिकायत शीघ्र करें। उसके विरुद्ध अविलंब कार्रवाई की जाएगी। बुखार होने की स्थिति में तुरंत अपने किसी निकटवर्ती सरकारी अस्पताल जाकर दिखाकर जांच कराएं। इसके बाद उपचार लें। बिना जांच के उपचार न लें।
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झांसी, कानपुर, लखनऊ, दिल्ली में भी होगा आयुष्मान लाभार्थियों का इलाज
सीएमओ डॉ. एनडी शर्मा ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना में झांसी, कानपुर, लखनऊ, ग्वालियर, दिल्ली में भी निशुल्क उपचार संभव है। उन्होंने बताया कि जनपद के लाभार्थी प्रदेश व देश के किसी भी योजनांतर्गत पंजीकृत चिकित्सालयों में इलाज करा सकते हैं। इसके लिए आयुष्मान कार्ड होना अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि जिले में इस समय 14 अस्पताल इस योजना में पंजीकृत है। जबकि झांसी में दस निजी अस्पताल इस योजना से जुड़े हैं। कानपुर के दस निजी और लखनऊ के 15 निजी अस्पताल इस योजना में पंजीकृत हैं। जहां इलाज निशुल्क है।
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जालौन के ग्राम छोलापुर निवासी 11 वर्षीय मासूम को 12 तारीख को बुखार आया। इसके बाद अस्पताल से दवा कराकर वह 15 नवंबर को इंदौर एक शादी सामारोह में चले गए। जहां बच्चे की हालत अधिक गंभीर देखकर स्वजनों ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया। जांच कराने के बाद पता चला कि बालक को डेंगू हैं। एक दिन बाद यानी 16 नवंबर को बच्चे की मौत हो गई।
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सीएमओ डॉ. एनडी शर्मा ने बताया कि डेंगू, मलेरिया इत्यादि की जांच जिला चिकित्सालय, सीएचसी व मेडिकल कॉलेज में मुफ्त में की जा रही है। यदि कोई भी प्राइवेट पैथोलॉजी वाला डेंगू या मलेरिया की जांच के लिए ज्यादा शुल्क वसूल करता है तो उसकी शिकायत शीघ्र करें। उसके विरुद्ध अविलंब कार्रवाई की जाएगी। बुखार होने की स्थिति में तुरंत अपने किसी निकटवर्ती सरकारी अस्पताल जाकर दिखाकर जांच कराएं। इसके बाद उपचार लें। बिना जांच के उपचार न लें।
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झांसी, कानपुर, लखनऊ, दिल्ली में भी होगा आयुष्मान लाभार्थियों का इलाज
सीएमओ डॉ. एनडी शर्मा ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना में झांसी, कानपुर, लखनऊ, ग्वालियर, दिल्ली में भी निशुल्क उपचार संभव है। उन्होंने बताया कि जनपद के लाभार्थी प्रदेश व देश के किसी भी योजनांतर्गत पंजीकृत चिकित्सालयों में इलाज करा सकते हैं। इसके लिए आयुष्मान कार्ड होना अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि जिले में इस समय 14 अस्पताल इस योजना में पंजीकृत है। जबकि झांसी में दस निजी अस्पताल इस योजना से जुड़े हैं। कानपुर के दस निजी और लखनऊ के 15 निजी अस्पताल इस योजना में पंजीकृत हैं। जहां इलाज निशुल्क है।