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Jalaun News: मासूम की संदिग्ध हालात में मौत, क्लीनिक सील
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फोटो-18-रियाज की मौत के बाद रोते बिलखते मां और दादी। संवाद
उरई। पेट दर्द की शिकायत लेकर क्लीनिक पहुंचे चार वर्षीय मासूम की संदिग्ध हालात में मौत के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। जांच में क्लीनिक का पंजीकरण नवीनीकृत न मिलने पर स्वास्थ्य विभाग ने उसे सील करने की कार्रवाई शुरू कर दी।
कोंच कोतवाली क्षेत्र के भेड़ निवासी शाहरुख खान के बेटे रियाज (4) को गुरुवार सुबह पेट दर्द की शिकायत पर शहीद भगत सिंह चौराहा स्थित अनिका क्लीनिक में भर्ती कराया गया था। बच्चे की मां शबाना का आरोप है कि सुबह करीब छह बजे जब वह बेटे को लेकर अस्पताल पहुंची तो वहां कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था। स्टाफ ने पहले पांच हजार रुपये जमा कराए और फिर बच्चे को भर्ती कर लिया। इसके बाद स्टाफ ने फोन पर डॉक्टर से बात करने के बाद बेटे को एक इंजेक्शन लगाया। आराम नहीं मिला तो कुछ देर बाद दूसरा इंजेक्शन लगा दिया गया।
आरोप है कि दूसरा इंजेक्शन लगते ही रियाज की हालत तेजी से बिगड़ गई और करीब साढ़े आठ बजे उसकी मौत हो गई। मासूम की मौत के बाद परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। सूचना पर सीएमओ डॉ. हरिनंदन प्रसाद और सिटी मजिस्ट्रेट सुनील कुमार मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू कराई।
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इमरजेंसी फीस ली, लेकिन डॉक्टर ने देखा तक नहीं
बिलखती मां शबाना ने आरोप लगाया कि रात में ही बेटे की तबीयत बिगड़ गई थी। पहले कोंच में एक डॉक्टर के यहां गए, लेकिन उनके बाहर होने की जानकारी मिलने पर उरई पहुंचे। क्लीनिक में मौजूद स्टाफ ने डॉक्टर से फोन पर बात कर इमरजेंसी फीस के नाम पर एक हजार रुपये और जांच के नाम पर पांच हजार रुपये जमा कराने के लिए कहा। पैसे जमा कराने के बावजूद डॉक्टर अस्पताल नहीं पहुंचे और न ही बच्चे को देखने आए। केवल फोन पर निर्देश देकर इलाज कराया गया। क्लीनिक की सामान्य फीस 300 रुपये है, लेकिन उनसे इमरजेंसी के नाम पर अधिक रकम वसूली गई। रियाज अपने माता-पिता का सबसे छोटा बेटा था। परिवार में बहन शमा (9), भाई अहद (6) भी हैं।
टीम पहुंची तो स्टाफ छोड़ चुका था क्लीनिक
जांच के लिए जब एसीएमओ डॉ. अरविंद भूषण, सिटी मजिस्ट्रेट और पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो क्लीनिक का स्टाफ बच्चे का शव बेड पर छोड़कर वहां से जा चुका था। अधिकारियों ने क्लीनिक में लिखे मोबाइल नंबरों पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन किसी ने फोन रिसीव नहीं किया।
नवीनीकरण नहीं मिला, क्लीनिक पर चली सील की कार्रवाई
स्वास्थ्य विभाग की जांच में सामने आया कि क्लीनिक का पंजीकरण तो है, लेकिन उसका नवीनीकरण नहीं कराया गया था। अधिकारियों ने क्लीनिक की व्यवस्थाओं और भवन की स्थिति पर भी सवाल उठाए। जांच के दौरान पाया गया कि उसी भवन में ब्यूटी पार्लर और कोचिंग सेंटर का संचालन हो रहा था।
वर्जन
प्रारंभिक जांच में कई अनियमितताएं मिली हैं। क्लीनिक का नवीनीकरण न होने के कारण उसे सील करने की कार्रवाई की जा रही है। साथ ही मासूम की मौत के कारणों की विस्तृत जांच कराई जाएगी।
डॉ. अरविंद भूषण, एसीएमओ व नोडल अधिकारी
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कोंच कोतवाली क्षेत्र के भेड़ निवासी शाहरुख खान के बेटे रियाज (4) को गुरुवार सुबह पेट दर्द की शिकायत पर शहीद भगत सिंह चौराहा स्थित अनिका क्लीनिक में भर्ती कराया गया था। बच्चे की मां शबाना का आरोप है कि सुबह करीब छह बजे जब वह बेटे को लेकर अस्पताल पहुंची तो वहां कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था। स्टाफ ने पहले पांच हजार रुपये जमा कराए और फिर बच्चे को भर्ती कर लिया। इसके बाद स्टाफ ने फोन पर डॉक्टर से बात करने के बाद बेटे को एक इंजेक्शन लगाया। आराम नहीं मिला तो कुछ देर बाद दूसरा इंजेक्शन लगा दिया गया।
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आरोप है कि दूसरा इंजेक्शन लगते ही रियाज की हालत तेजी से बिगड़ गई और करीब साढ़े आठ बजे उसकी मौत हो गई। मासूम की मौत के बाद परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। सूचना पर सीएमओ डॉ. हरिनंदन प्रसाद और सिटी मजिस्ट्रेट सुनील कुमार मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू कराई।
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इमरजेंसी फीस ली, लेकिन डॉक्टर ने देखा तक नहीं
बिलखती मां शबाना ने आरोप लगाया कि रात में ही बेटे की तबीयत बिगड़ गई थी। पहले कोंच में एक डॉक्टर के यहां गए, लेकिन उनके बाहर होने की जानकारी मिलने पर उरई पहुंचे। क्लीनिक में मौजूद स्टाफ ने डॉक्टर से फोन पर बात कर इमरजेंसी फीस के नाम पर एक हजार रुपये और जांच के नाम पर पांच हजार रुपये जमा कराने के लिए कहा। पैसे जमा कराने के बावजूद डॉक्टर अस्पताल नहीं पहुंचे और न ही बच्चे को देखने आए। केवल फोन पर निर्देश देकर इलाज कराया गया। क्लीनिक की सामान्य फीस 300 रुपये है, लेकिन उनसे इमरजेंसी के नाम पर अधिक रकम वसूली गई। रियाज अपने माता-पिता का सबसे छोटा बेटा था। परिवार में बहन शमा (9), भाई अहद (6) भी हैं।
टीम पहुंची तो स्टाफ छोड़ चुका था क्लीनिक
जांच के लिए जब एसीएमओ डॉ. अरविंद भूषण, सिटी मजिस्ट्रेट और पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो क्लीनिक का स्टाफ बच्चे का शव बेड पर छोड़कर वहां से जा चुका था। अधिकारियों ने क्लीनिक में लिखे मोबाइल नंबरों पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन किसी ने फोन रिसीव नहीं किया।
नवीनीकरण नहीं मिला, क्लीनिक पर चली सील की कार्रवाई
स्वास्थ्य विभाग की जांच में सामने आया कि क्लीनिक का पंजीकरण तो है, लेकिन उसका नवीनीकरण नहीं कराया गया था। अधिकारियों ने क्लीनिक की व्यवस्थाओं और भवन की स्थिति पर भी सवाल उठाए। जांच के दौरान पाया गया कि उसी भवन में ब्यूटी पार्लर और कोचिंग सेंटर का संचालन हो रहा था।
वर्जन
प्रारंभिक जांच में कई अनियमितताएं मिली हैं। क्लीनिक का नवीनीकरण न होने के कारण उसे सील करने की कार्रवाई की जा रही है। साथ ही मासूम की मौत के कारणों की विस्तृत जांच कराई जाएगी।
डॉ. अरविंद भूषण, एसीएमओ व नोडल अधिकारी

फोटो-18-रियाज की मौत के बाद रोते बिलखते मां और दादी। संवाद