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Jalaun News: आईआईटी कानपुर के छात्रों ने हाथ कागज निर्माण की प्रक्रिया समझी
Sat, 26 Oct 2024 01:37 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
Updated Sat, 26 Oct 2024 01:37 AM IST
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कालपी (जालौन)। आईआईटी कानपुर के प्रोफेसरों और छात्रों ने फैक्ट्री एरिया स्थित हाथ कागज इकाइयों का एक्सपोजर विजिट की। उन्होंने कागज निर्माण प्रक्रिया का विस्तृत अध्ययन किया। छात्रों ने कपड़े से कागज बनाने की विधि के साथ इस्तेमाल होने वाली तकनीकी और मशीनों को भी देखा।
प्रदेश सरकार ने कालपी के कागज उद्योग को एक जिला, एक उत्पाद योजना में शामिल किया गया है, जिससे उद्योग को पुनर्जीवित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसी के चलते आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर डॉ. सत्या कीरे, डॉ. मोनिका, और डॉ. वत्सला मिश्रा के नेतृत्व में 40 बीटेक छात्र-छात्राओं ने नगर के ऐतिहासिक हाथ कागज उद्योग का दौरा किया। इसका उद्देश्य कागज निर्माण की प्रक्रिया, उपयोग की जाने वाली तकनीकी और इसे पुनर्जीवित करने के संभावित उपायों को समझना था।
प्रोफेसर डॉ. सत्या कीरे और वत्सला मिश्रा ने कहा कि आईआईटी कानपुर इस उद्योग को आधुनिक तकनीकी सहायता प्रदान करने का हरसंभव प्रयास करेगा। उन्होंने कहा कि प्रक्रिया में नई मशीनरी का उपयोग कर समय और बिजली की बचत करने के साथ-साथ उत्पादन भी बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने कागज उद्योग के लिए बेहतर डिजाइन तैयार करने का भी आश्वासन दिया।
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हाथ कागज निर्माता संघ के अध्यक्ष नरेंद्र कुमार तिवारी ने छात्रों को इस उद्योग के ऐतिहासिक महत्व और वर्तमान चुनौतियों के बारे में बताया। कहा कि उद्योग अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है और आधुनिक तकनीकी की सहायता से इसे पुनर्जीवित करने की सख्त आवश्यकता है। कागज कारोबारी कुलदीप शुक्ला ने बताया कि इस उद्योग को यदि वैज्ञानिक मदद मिले तो इसका भविष्य उज्ज्वल हो सकता है। इस दौरान विनीत गुप्ता, हाजी सलीम कई उद्यमी भी मौजूद रहे।ह
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प्रदेश सरकार ने कालपी के कागज उद्योग को एक जिला, एक उत्पाद योजना में शामिल किया गया है, जिससे उद्योग को पुनर्जीवित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसी के चलते आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर डॉ. सत्या कीरे, डॉ. मोनिका, और डॉ. वत्सला मिश्रा के नेतृत्व में 40 बीटेक छात्र-छात्राओं ने नगर के ऐतिहासिक हाथ कागज उद्योग का दौरा किया। इसका उद्देश्य कागज निर्माण की प्रक्रिया, उपयोग की जाने वाली तकनीकी और इसे पुनर्जीवित करने के संभावित उपायों को समझना था।
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प्रोफेसर डॉ. सत्या कीरे और वत्सला मिश्रा ने कहा कि आईआईटी कानपुर इस उद्योग को आधुनिक तकनीकी सहायता प्रदान करने का हरसंभव प्रयास करेगा। उन्होंने कहा कि प्रक्रिया में नई मशीनरी का उपयोग कर समय और बिजली की बचत करने के साथ-साथ उत्पादन भी बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने कागज उद्योग के लिए बेहतर डिजाइन तैयार करने का भी आश्वासन दिया।
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हाथ कागज निर्माता संघ के अध्यक्ष नरेंद्र कुमार तिवारी ने छात्रों को इस उद्योग के ऐतिहासिक महत्व और वर्तमान चुनौतियों के बारे में बताया। कहा कि उद्योग अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है और आधुनिक तकनीकी की सहायता से इसे पुनर्जीवित करने की सख्त आवश्यकता है। कागज कारोबारी कुलदीप शुक्ला ने बताया कि इस उद्योग को यदि वैज्ञानिक मदद मिले तो इसका भविष्य उज्ज्वल हो सकता है। इस दौरान विनीत गुप्ता, हाजी सलीम कई उद्यमी भी मौजूद रहे।ह