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गर्भावस्था को लेकर तनाव न लें महिलाएं
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उरई। हर माह की नौ तारीख को होने वाला प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएसएमए) दिवस स्वास्थ्य केंद्रों पर मनाया गया। इसमें जिला महिला अस्पताल में 168 गर्भवती की जांच की गई। जिसमें 18 महिलाओं को समस्या निकलीं। जिन्हें सलाह दी गई।
जिला महिला अस्पताल में पहुंची सीएमओ डॉ ऊषा सिंह ने बताया कि कोरोना काल में भी गर्भवती अपना विशेष ध्यान रखें। तनाव बिल्कुल न लें। तनाव में रहने से गर्भस्थ शिशु पर बुरा प्रभाव पड़ेगा। समय-समय पर जिला महिला अस्पताल जाकर जांच करा लें। एसीएमओ आरसीएच डॉ वीरेंद्र सिंह ने बताया कि हर स्वास्थ्य केंद्र पर जहां पीएम सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस मनाया गया। इस दौरान परिवार नियोजन स्टॉल लगाकर परिवार नियोजन की जानकारी दी गई। गर्भवती को समझाया गया कि प्रसव के बाद किस तरह गर्भनिरोध के लिए सुविधाएं मिलती हैं।
स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ एके सिंह ने बताया कि उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था वह अवस्था है जिसमें मां या उसके भ्रूण के स्वास्थ्य या जीवन को खतरा होता है। ऐसे में सावधानी बरतने की जरूरत है। इस दौरान सीएमएस डा एके त्रिपाठी, डा. सुनीता बनौधा, परिवार कल्याण विशेषज्ञ ज्ञानप्रकाश पांडेय, अभिषेक मिश्रा, रूबी सिंह, ह्दयनारायण राजपूत आदि मौजूद रहे।
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जिला महिला अस्पताल में पहुंची सीएमओ डॉ ऊषा सिंह ने बताया कि कोरोना काल में भी गर्भवती अपना विशेष ध्यान रखें। तनाव बिल्कुल न लें। तनाव में रहने से गर्भस्थ शिशु पर बुरा प्रभाव पड़ेगा। समय-समय पर जिला महिला अस्पताल जाकर जांच करा लें। एसीएमओ आरसीएच डॉ वीरेंद्र सिंह ने बताया कि हर स्वास्थ्य केंद्र पर जहां पीएम सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस मनाया गया। इस दौरान परिवार नियोजन स्टॉल लगाकर परिवार नियोजन की जानकारी दी गई। गर्भवती को समझाया गया कि प्रसव के बाद किस तरह गर्भनिरोध के लिए सुविधाएं मिलती हैं।
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स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ एके सिंह ने बताया कि उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था वह अवस्था है जिसमें मां या उसके भ्रूण के स्वास्थ्य या जीवन को खतरा होता है। ऐसे में सावधानी बरतने की जरूरत है। इस दौरान सीएमएस डा एके त्रिपाठी, डा. सुनीता बनौधा, परिवार कल्याण विशेषज्ञ ज्ञानप्रकाश पांडेय, अभिषेक मिश्रा, रूबी सिंह, ह्दयनारायण राजपूत आदि मौजूद रहे।
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