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नासे रोग हरे सब पीरा, जपत निरंतर हनुमत बीरा
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जालौन। नासे रोग हरे सब पीरा। जपत निरंतर हनुमत बीरा। हनुमान जन्मोत्सव पर हनुमान भक्तों ने इस चौपाई को गाकर कोरोना के संकट को खत्म करने की प्रार्थना की। इस बार खास बात रही कि कई भक्तों ने ऑनलाइन दर्शन के लिए मंदिरों की वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन पूजन किया।
कोरोना महामारी के बीच नगर व ग्रामीण क्षेत्र में अधिकांश भक्तों ने श्रद्धा और उल्लास के साथ घरों में ही हनुमान जन्मोत्सव मनया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने हनुमान चालीसा के साथ सुंदरकांड का भी पाठ किया। नगर के फाटक वाले हनुमान मंदिर, श्रीवीर बालाजी हनुमान मंदिर, 21 फुटा हनुमान मंदिर, दक्षिणेश्वर हनुमान मंदिर, बिरिया खेड़ा हनुमान मंदिर समेत अन्य सभी हनुमान मंदिर व आश्रमों में भी शांतिपूर्वक बजरंगबली का जन्मदिन मनाया गया।
कोरोना के चलते सरकार की गाइडलाइन के अनुसार, मंदिरों में एक बार में पांच से अधिक लोगों को प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। ऐसे में अधिकांश भक्तों ने हनुमान जयंती पर घर में ही स्थापित बजरंगबली के दरबार में पूजा अर्चना की। इस दौरान भक्तों ने नासे रोग हरे सब पीरा। जो सुमिरे हनुमंत बलवीरा। चौपाई को गाकर हनुमानजी से देश-दुनिया से कोरोना वायरस का संकट खत्म करने को विशेष प्रार्थना की। श्रीवीर बालाजी हनुमान मंदिर में पुजारी कमलेश ने सुबह शुभ मुहूर्त में विशेष पूजा कर हनुमानजी को तेल व सिंदूर का लेप लगाकर नया चोला अर्पित किया। हनुमानजी को लड्डू का भोग लगाकर जगत के कल्याण व कोरोना से मुक्ति दिलाने की प्रार्थना की। घरों में भी लोगों ने सोशल डिस्टेंसिंग के साथ हनुमान चालीसा व सुंदरकांड का पाठ कराकर परिवार को संकट से दूर रखने के लिए हनुमानजी से प्रार्थना की।
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कोंच संवाद के अनुसार, हनुमान मंदिरों में दिन मंगलवार को हनुमानजी महाराज जन्मोत्सव बेहद सादगी के साथ मनाया गया। नगर के दोहर हनुमान मंदिर, गुदरिया हनुमान मंदिर, धनुतालाब स्थित लंका विजय हनुमान मंदिर, उरई रोड स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर, पसरट के हनुमान मंदिर सहित अन्य तमाम मंदिरों में चैत्र शुक्ल पूर्णिमा मंगलवार को हनुमानजी का जन्मोत्सव सादगी के साथ मनाया गया। भक्तों ने ब्रह्म महूर्त से ही हनुमानजी का पूजन-अर्चना करते हुए उन्हें चोला चढ़ाकर भव्य शृंगार किया। मंदिरों में हनुमानजी की स्तुति की गई और रामधुन मध्यम आवाज में बजाई गई। इस वर्ष कोरोना संक्रमण के चलते जन्मोत्सव कार्यक्रम प्रतीकात्मक रूप से मनाया गया। सुप्रसिद्ध दोहर हनुमान मंदिर में भक्तों द्वारा पूजन अर्चन कर गुड़ चना का भोग लगाकर प्रसाद का वितरित किया गया।
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कोरोना महामारी के बीच नगर व ग्रामीण क्षेत्र में अधिकांश भक्तों ने श्रद्धा और उल्लास के साथ घरों में ही हनुमान जन्मोत्सव मनया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने हनुमान चालीसा के साथ सुंदरकांड का भी पाठ किया। नगर के फाटक वाले हनुमान मंदिर, श्रीवीर बालाजी हनुमान मंदिर, 21 फुटा हनुमान मंदिर, दक्षिणेश्वर हनुमान मंदिर, बिरिया खेड़ा हनुमान मंदिर समेत अन्य सभी हनुमान मंदिर व आश्रमों में भी शांतिपूर्वक बजरंगबली का जन्मदिन मनाया गया।
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कोरोना के चलते सरकार की गाइडलाइन के अनुसार, मंदिरों में एक बार में पांच से अधिक लोगों को प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। ऐसे में अधिकांश भक्तों ने हनुमान जयंती पर घर में ही स्थापित बजरंगबली के दरबार में पूजा अर्चना की। इस दौरान भक्तों ने नासे रोग हरे सब पीरा। जो सुमिरे हनुमंत बलवीरा। चौपाई को गाकर हनुमानजी से देश-दुनिया से कोरोना वायरस का संकट खत्म करने को विशेष प्रार्थना की। श्रीवीर बालाजी हनुमान मंदिर में पुजारी कमलेश ने सुबह शुभ मुहूर्त में विशेष पूजा कर हनुमानजी को तेल व सिंदूर का लेप लगाकर नया चोला अर्पित किया। हनुमानजी को लड्डू का भोग लगाकर जगत के कल्याण व कोरोना से मुक्ति दिलाने की प्रार्थना की। घरों में भी लोगों ने सोशल डिस्टेंसिंग के साथ हनुमान चालीसा व सुंदरकांड का पाठ कराकर परिवार को संकट से दूर रखने के लिए हनुमानजी से प्रार्थना की।
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कोंच संवाद के अनुसार, हनुमान मंदिरों में दिन मंगलवार को हनुमानजी महाराज जन्मोत्सव बेहद सादगी के साथ मनाया गया। नगर के दोहर हनुमान मंदिर, गुदरिया हनुमान मंदिर, धनुतालाब स्थित लंका विजय हनुमान मंदिर, उरई रोड स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर, पसरट के हनुमान मंदिर सहित अन्य तमाम मंदिरों में चैत्र शुक्ल पूर्णिमा मंगलवार को हनुमानजी का जन्मोत्सव सादगी के साथ मनाया गया। भक्तों ने ब्रह्म महूर्त से ही हनुमानजी का पूजन-अर्चना करते हुए उन्हें चोला चढ़ाकर भव्य शृंगार किया। मंदिरों में हनुमानजी की स्तुति की गई और रामधुन मध्यम आवाज में बजाई गई। इस वर्ष कोरोना संक्रमण के चलते जन्मोत्सव कार्यक्रम प्रतीकात्मक रूप से मनाया गया। सुप्रसिद्ध दोहर हनुमान मंदिर में भक्तों द्वारा पूजन अर्चन कर गुड़ चना का भोग लगाकर प्रसाद का वितरित किया गया।