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चार करोड़ यूनिट मांग के सापेक्ष आधी बिजली आपूर्ति
ब्यूरो/ अमर उजाला, उरई
Updated Tue, 29 Dec 2015 11:00 PM IST
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जिले में बिजली की स्थिति ठीक नहीं है। मांग के सापेक्ष जिले को आधी बिजली
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ही पावर कारपोरेशन से सप्लाई की जा रही है। इससे शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों
में मात्र 10 से 12 घंटे बिजली दी जा पा रही है। कम आपूर्ति का एक कारण
जिले में बड़े पैमाने पर होने वाली बिजली चोरी भी है।
जिले में करीब चार करोड़ से अधिक यूनिट बिजली की प्रतिमाह डिमांड है। इसके सापेक्ष लगभग दो करोड़ यूनिट बिजली ही मिल पा रही है। इससे जिले की बिजली व्यवस्था बेपटरी है। मांग के अनुरूप बिजली न मिलने के कारण जिले में 24 घंटे के बजाय दस या 12 घंटे ही सप्लाई हो पा रही है। विभागीय रिपोर्ट के अनुसार उरई शहर में हर माह करीब तीन करोड़
यूनिट की डिमांड है। इसके सापेक्ष मात्र एक करोड़ 40 लाख यूनिट बिजली मिल रही है। इसी तरह कोंच में हर माह 50 लाख यूनिट जरूरत पर मात्र 24 लाख यूनिट बिजली दी जा रही है। जालौन में पांच लाख यूनिट बिजली डिमांड के सापेक्ष दो लाख 30 हजार यूनिट ही दी जा रही है। कालपी में छह लाख यूनिट बिजली की मांग है और यहां दो लाख 60 हजार
यूनिट सप्लाई की जा रही है। ऐसे में 24 घंटे बिजली आपूर्ति की घोषणा मात्र सपना बनकर रह गई है। जब विभाग को पर्याप्त बिजली ही नहीं मिल रही है तो 24 घंटे सप्लाई कैसे हो सकेगी। अगर दबाव में ग्रामीण क्षेत्र में बिजली की सप्लाई
बढ़ाई जाती है तो मजबूरन शहर की बिजली सप्लाई कम करनी पड़ेगी। ऐसी स्थिति में शहर में बिजली को लेकर हाहाकार की स्थिति बन सकती है। उधर, अभी विभाग के पास ऐसी कोई योजना नजर नहीं जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में 24 घंटे बिजली आपूर्ति हो सके।
आदेश बेअसर, 24 जगह तीन घंटे बिजली
बुंदेलखंड में 24 घंटे बिजली देेने का दावा करने वाली सूबे की सपा सरकार के आदेशों की हवा निकलती नजर आ रही है। स्थिति यह है कि ग्रामीण इलाकों में 24 तो छोड़ो, दस घंटे भी बिजली नहीं मिल पा रही है। कुठौंद क्षेत्र केे गांव मदारीपुर व इससे जुडे़ तमाम गांवों मे इस समय तीन घंटे बिजली की आपूर्ति हो रही है। इससे ग्रामीणों में आक्रोश हैं। ग्रामीणो का
कहना है कि सरकार वायदे तो बहुत करती हैं, लेकिन उसे धरातल तक लाने में फेल हो जाती हैं। यहां बमुश्किल तीन घंटे ही बिजली मिल रही है। मालूम हो कि पिछले दिनों सूबे की सपा सरकार ने बुंदेलखंड के सातों जनपदों जालौन, हमीरपुर, बांदा, चित्रकूट, ललितपुर, झांसी को 24 घंटे बिजली देने की घोषणा की थी, लेकिन इसका जमीनी स्तर पर अनुपालन होता
नहीं दिख रहा। कुठौंद क्षेत्र के गांव मदारीपुर, हरसिंगपुर समेत आदि इलाकों में इस समय मात्र 3 घंटे बिजली दी जा रही है। इससे सीएम की मंशा को पलीता लगता दिख रहा है। ग्रामीण चंद्रप्रकाश कुशवाह, अंकित, रोहित, लल्लूूराम, बलवीर सिंह,
गिरजेश, पवन आदि का कहना है कि सपा सरकार केवल आम जनता को धोखा दे रही है। लोगों ने 24 घंटे बिजली देने का आदेश चुनावी घोषणा बताया। लोगों का कहना है कि तीन घंटे की बिजली आने से तो रोज के काम ही जैसे तैसे निबट रहे हैं। सुबह के समय पानी नहीं मिल पा रहा है।
जिले में करीब चार करोड़ से अधिक यूनिट बिजली की प्रतिमाह डिमांड है। इसके सापेक्ष लगभग दो करोड़ यूनिट बिजली ही मिल पा रही है। इससे जिले की बिजली व्यवस्था बेपटरी है। मांग के अनुरूप बिजली न मिलने के कारण जिले में 24 घंटे के बजाय दस या 12 घंटे ही सप्लाई हो पा रही है। विभागीय रिपोर्ट के अनुसार उरई शहर में हर माह करीब तीन करोड़
यूनिट की डिमांड है। इसके सापेक्ष मात्र एक करोड़ 40 लाख यूनिट बिजली मिल रही है। इसी तरह कोंच में हर माह 50 लाख यूनिट जरूरत पर मात्र 24 लाख यूनिट बिजली दी जा रही है। जालौन में पांच लाख यूनिट बिजली डिमांड के सापेक्ष दो लाख 30 हजार यूनिट ही दी जा रही है। कालपी में छह लाख यूनिट बिजली की मांग है और यहां दो लाख 60 हजार
यूनिट सप्लाई की जा रही है। ऐसे में 24 घंटे बिजली आपूर्ति की घोषणा मात्र सपना बनकर रह गई है। जब विभाग को पर्याप्त बिजली ही नहीं मिल रही है तो 24 घंटे सप्लाई कैसे हो सकेगी। अगर दबाव में ग्रामीण क्षेत्र में बिजली की सप्लाई
बढ़ाई जाती है तो मजबूरन शहर की बिजली सप्लाई कम करनी पड़ेगी। ऐसी स्थिति में शहर में बिजली को लेकर हाहाकार की स्थिति बन सकती है। उधर, अभी विभाग के पास ऐसी कोई योजना नजर नहीं जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में 24 घंटे बिजली आपूर्ति हो सके।
आदेश बेअसर, 24 जगह तीन घंटे बिजली
बुंदेलखंड में 24 घंटे बिजली देेने का दावा करने वाली सूबे की सपा सरकार के आदेशों की हवा निकलती नजर आ रही है। स्थिति यह है कि ग्रामीण इलाकों में 24 तो छोड़ो, दस घंटे भी बिजली नहीं मिल पा रही है। कुठौंद क्षेत्र केे गांव मदारीपुर व इससे जुडे़ तमाम गांवों मे इस समय तीन घंटे बिजली की आपूर्ति हो रही है। इससे ग्रामीणों में आक्रोश हैं। ग्रामीणो का
कहना है कि सरकार वायदे तो बहुत करती हैं, लेकिन उसे धरातल तक लाने में फेल हो जाती हैं। यहां बमुश्किल तीन घंटे ही बिजली मिल रही है। मालूम हो कि पिछले दिनों सूबे की सपा सरकार ने बुंदेलखंड के सातों जनपदों जालौन, हमीरपुर, बांदा, चित्रकूट, ललितपुर, झांसी को 24 घंटे बिजली देने की घोषणा की थी, लेकिन इसका जमीनी स्तर पर अनुपालन होता
नहीं दिख रहा। कुठौंद क्षेत्र के गांव मदारीपुर, हरसिंगपुर समेत आदि इलाकों में इस समय मात्र 3 घंटे बिजली दी जा रही है। इससे सीएम की मंशा को पलीता लगता दिख रहा है। ग्रामीण चंद्रप्रकाश कुशवाह, अंकित, रोहित, लल्लूूराम, बलवीर सिंह,
गिरजेश, पवन आदि का कहना है कि सपा सरकार केवल आम जनता को धोखा दे रही है। लोगों ने 24 घंटे बिजली देने का आदेश चुनावी घोषणा बताया। लोगों का कहना है कि तीन घंटे की बिजली आने से तो रोज के काम ही जैसे तैसे निबट रहे हैं। सुबह के समय पानी नहीं मिल पा रहा है।