{"_id":"6568d5a8bc391ebad50a029d","slug":"government-should-provide-resources-before-taking-action-on-stubble-burning-orai-news-c-224-1-ori1004-7577-2023-12-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jalaun News: पराली जलाने में कार्रवाई से पहले संसाधन दे सरकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jalaun News: पराली जलाने में कार्रवाई से पहले संसाधन दे सरकार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उरई। पराली जलाने पर हो रही कार्रवाई के विरोध में किसान गुरुवार को कलक्ट्रेट पहुंचे।
सरकार से पहले संसाधन की व्यवस्था कराए जाने की मांग करते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन एडीएम को सौंपा। कहा कि कार्रवाई नहीं रुकी तो किसान सड़कों पर उतरेंगे।
भारतीय किसान संघ के बैनर तले कलक्ट्रेट में नारेबाजी हुई। प्रांत मंत्री शिवराज सिंह निरंजन ने कहा कि सरकार का निर्देश है कि पराली न जलाएं। इससे मिट्टी की गुणवत्ता पर असर पड़ता है और प्रदूषण होता है। किसानों का कहना है कि प्रदूषण न बढ़े, इसके लिए किसान जागरुक हो रहा है, लेकिन पराली की उचित कीमत मिल सके, इसके लिए अभी तक सरकार या प्रशासन की ओर से कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई है। पराली प्रबंधन को लेकर उच्च न्यायालय के आदेश हैं कि सरकार किसानों के लिए जरूरी मशीनें उपलब्ध कराएं, वह भी नहीं किया जा रहा है। न ही मशीनों के लिए ईंधन की व्यवस्था है।
न्यूनतम मूल्य पर भी पराली नहीं खरीदी जा रही है। इसलिए इस कार्रवाई का विरोध किया जा रहा है। इस दौरान जिला उपाध्यक्ष राघवेंद्र सिंह परिहार, साहब सिंह चौहान, आनंद त्रिवेदी, श्रीपाल व अरुण कुमार आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
सरकार से पहले संसाधन की व्यवस्था कराए जाने की मांग करते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन एडीएम को सौंपा। कहा कि कार्रवाई नहीं रुकी तो किसान सड़कों पर उतरेंगे।
भारतीय किसान संघ के बैनर तले कलक्ट्रेट में नारेबाजी हुई। प्रांत मंत्री शिवराज सिंह निरंजन ने कहा कि सरकार का निर्देश है कि पराली न जलाएं। इससे मिट्टी की गुणवत्ता पर असर पड़ता है और प्रदूषण होता है। किसानों का कहना है कि प्रदूषण न बढ़े, इसके लिए किसान जागरुक हो रहा है, लेकिन पराली की उचित कीमत मिल सके, इसके लिए अभी तक सरकार या प्रशासन की ओर से कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई है। पराली प्रबंधन को लेकर उच्च न्यायालय के आदेश हैं कि सरकार किसानों के लिए जरूरी मशीनें उपलब्ध कराएं, वह भी नहीं किया जा रहा है। न ही मशीनों के लिए ईंधन की व्यवस्था है।
विज्ञापन
न्यूनतम मूल्य पर भी पराली नहीं खरीदी जा रही है। इसलिए इस कार्रवाई का विरोध किया जा रहा है। इस दौरान जिला उपाध्यक्ष राघवेंद्र सिंह परिहार, साहब सिंह चौहान, आनंद त्रिवेदी, श्रीपाल व अरुण कुमार आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन